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    शौकिया स्मोकिंग बन रही है साइलेंट किलर! वीकेंड पर सिगरेट पीने वाले युवा तुरंत जान लें ये सच

    Updated: Sat, 30 May 2026 08:00 PM (IST)

    हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, वीकेंड या कभी-कभार की जाने वाली स्मोकिंग भी सेहत के लिए बेहद खतरनाक है और इसका कोई सुरक्षित दायरा नहीं होता। यह दिल, फेफड़ ...और पढ़ें

    वीकेंड पर सिगरेट पीने वाले युवा सावधान (Picture Credit- Freepik)

    वीकेंड पर सिगरेट पीने वाले युवा सावधान (Picture Credit- Freepik)

    HighLights

    1. धूम्रपान का कोई सुरक्षित दायरा नहीं, एक कश भी हानिकारक

    2. कभी-कभार स्मोकिंग से दिल की बीमारी और लत का खतरा

    3. प्रदूषण और सिगरेट फेफड़ों को गंभीर नुकसान पहुंचाते हैं

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। वीकेंड की शाम, दोस्तों का साथ, पार्टी का शानदार माहौल और उंगलियों के बीच फंसी एक सिगरेट। आजकल के युवाओं की लाइफस्टाइल में यह नजारा बेहद आम हो गया है। 

    बहुत से यंगस्टर्स यह कहते हैं कि "यार, मैं तो रेगुलर स्मोकर नहीं हूं, सिर्फ वीकेंड पर ही पीता हूं" या "कभी-कभार एकाध सिगरेट खींच लेने से सेहत का क्या ही नुकसान होगा।" इसे वर्क स्ट्रेस कम करने का जरिया या फिर महज 'कूल' दिखने का तरीका मान लिया गया है। 

    लेकिन क्या सच में ‘वीकेंड स्मोकिंग’ आपके लिए सुरक्षित है? अगर आप भी यही सोचकर वीकेंड पर बेफिक्र होकर धुएं के छल्ले उड़ाते हैं, तो आइए आज आपको बताते हैं इसकी सच्चाई।

    स्मोकिंग में नहीं कोई 'सेफ जोन'

    जागरूक होने के बावजूद, हम अक्सर खुद को यह झूठी तसल्ली देते हैं कि कम मात्रा में किया गया धूम्रपान हमें बीमार नहीं करेगा। हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें, तो यह सोच पूरी तरह से भ्रामक और गलत है। मेडिकल साइंस के नजरिए से देखें तो स्मोकिंग का कोई भी 'सेफ पैसेज' या सुरक्षित दायरा नहीं होता है। चाहे आप महीने में एक सिगरेट पिएं या हफ्ते में दो, तंबाकू हर हाल में आपके शरीर में जहर घोलने का ही काम करता है।

    एक कश और शरीर के अंदर का डैमेज

    डॉ. नीरज गुप्ता (क्लिनिकल डायरेक्टर, पल्मोनोलॉजी, रेस्पिरेटरी क्रिटिकल केयर और स्लीप मेडिसिन, मैरिंगो एशिया हॉस्पिटल्स, गुरुग्राम) बताते हैं कि जब आप मौज-मस्ती में सिगरेट का धुंआ अंदर खींचते हैं, तो वह तुरंत आपके फेफड़ों, दिल और खून की नसों पर अपना खतरनाक असर दिखाना शुरू कर देता है। 

    हफ्ते में एक-दो बार स्मोकिंग करने से भी शरीर में जहरीले केमिकल्स जमा होने लगते हैं। इसका सीधा असर आपके ब्लड प्रेशर पर पड़ता है, जिससे भविष्य में गंभीर हार्ट डिजीज, उच्च रक्तचाप और स्ट्रोक का जोखिम कई गुना बढ़ जाता है। 

    खबरें और भी

    इसके अलावा, एक बड़ा खतरा यह भी है कि जिसे आप आज 'कभी-कभार का शौक' मान रहे हैं, वह धीरे-धीरे आपके दिमाग को अपना गुलाम बना लेता है और कब यह एक गंभीर लत में बदल जाता है, आपको खुद भी अहसास नहीं होता।

    प्रदूषण और सिगरेट की दोहरी मार

    डॉ. दीपक झा (सीनियर कंसल्टेंट, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, आर्टेमिस हॉस्पिटल्स) इस खतरे को एक और नजरिए से समझाते हैं। वह कहते हैं कि आज हम जिस वातावरण में सांस ले रहे हैं, वह पहले से ही बेहद प्रदूषित है। रोजमर्रा की भागदौड़, ट्रैफिक और ट्रैवलिंग के दौरान हम अनजाने में ही पैसिव स्मोकिंग और जहरीले धुएं का शिकार हो रहे हैं। 

    ऐसे में वीकेंड पर पी गई आपकी वह 'एक सिगरेट' आग में घी डालने का काम करती है। यही वजह है कि सिर्फ वीकेंड स्मोकिंग करने वाले युवाओं में भी आजकल सीढ़ियां चढ़ते हुए सांस फूलना, हर वक्त बेवजह थकान महसूस होना, पुरानी खांसी और फेफड़ों की फंक्शनिंग कम होने जैसी गंभीर शिकायतें देखी जा रही हैं।

    एक जरूरी बदलाव

    सिगरेट का हर एक कश आपके शरीर को अंदर से खोखला कर रहा है। भले ही आपको इसका असर तुरंत दिखाई न दे, लेकिन ढलती उम्र के साथ यह कई जानलेवा बीमारियों की वजह बन सकता है। इसलिए, अगली बार जब कोई दोस्त आपको वीकेंड पर सिगरेट ऑफर करे, तो खुद से पूछें कि क्या पल भर का यह शौक आपकी जिंदगी से ज्यादा कीमती है?