यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 24, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
डरावने साए करते हैं परेशान, तो ये हो सकता है Schizophrenia का लक्षण, न करें नजरअंदाज
हर साल 24 मई को World Schizophrenia Day 2025 मनाया जाता है। ये एक तरह की मानसिक बीमारी है। इस बीमारी से पीड़ित इंसान की सोचने समझने की क्षमता कम हो ...और पढ़ें

HighLights
- आज World Schizophrenia Day 2025 मनाया जा रहा है।
- ये एक तरह की मेंटल बीमारी है।
- इसमें मरीज की सोचने-समझने की क्षमता कम हो जाती है।
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आज के समय में हर कोई किसी न किसी बीमारी से जूझ रहा है। भागदौड़ भरी जिंदगी में काम के बोझ तले ज्यादातर लोग मानसिक रूप से बीमार रहने लगे हैं। जिस तरह डिमेंशिया या अल्जाइमर मानसिक बीमारी हैं, ठीक उसी तरह Schizophrenia भी है। सिजोफ्रेनिया एक स्थिति है जो फिजिकली और मेंटली प्रभावित करता है। ये बीमारी आमतौर पर Teenage में देखी जाती है।
ये बीमारी किसी को भी अपनी चपेट में ले सकती है। इसमें इंसान के सोचने, समझने की क्षमता कम हो जाती है। उसके व्यवहार में भी बदलाव नजर आने लगता है। हर साल इस बीमारी के प्रति लोगों को जागरुक करने के लिए 24 मई को World Schizophrenia Day 2025 मनाया जाता है। आज हम आपको इस बीमारी के बारे में बताने जा रहे हैं। इनके लक्षणों के बारे में भी जानेंगे।
क्या है ये बीमारी?
सिजोफ्रेनिया एक मानसिक बीमारी है। ये 16 से 45 साल तक की उम्र के लोगों को चपेट में लेती है। कई बार तो इस बीमारी से पीड़ित इंसान इतना परेशान हो जाता है कि वो गलत कदम उठा लेता है। क्लीवलैंड क्लीनिक के मुताबिक, इस बीमारी में आपका दिमाग काम करना बंद कर देता है। आपके सोचने का नजरिया तक बदल जाता है। आपकी याददाश्त कमजोर हो जाती है। आपको हर एक चीज के लिए संघर्ष करना पड़ सकता है। अगर सही समय पर इसका इलाज न किया गया तो इंसान पागल तक हो जाता है। कई मामलों में तो मौत भी हो सकती है। सिजोफ्रेनिया से दुनिया भर में हर 100,000 लोगों में से 221 लोग जूझ रहे हैं।
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क्या हैं Schizophrenia के लक्षण?
- उदास रहना
- सुख दुख महसूस न कर पाना
- किसी से बातें न करना
- भूख प्यास खत्म होना
- व्यवहार में बदलाव होना
- डिप्रेशन
- हमेशा डर लगना
- कई तरह के भ्रम पालना
- डरावाने साए को महसूस करना
- सुसाइड के बारे में सोचना
क्यों होती है ये बीमारी?
क्लीवलैंड क्लीनिक के मुताबिक, इस बीमारी को कोई खास कारण नहीं है। ये ज्यादातर उन्हें होती है जिनका जन्म से पहले दिमागी विकास नहीं हो पाता है। वहीं कई बार नसों के दबने के कारण भी ये बीमारी हो सकती है। अगर आप ड्रग्स या नशे से जुड़ी कोई भी चीज लेते हैं तो इस बीमारी के चांस बढ़ जाते हैं।
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क्या है इलाज?
सिजोफ्रेनिया को पूरी तरह से ठीक नहीं किया जा सकता है। हालांकि इसके लिए कुछ थेरेपी और दवाएं हैं जिनकी मदद से इन्हें कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा योग और मेडिटेशन करना भी फायदेमंद हो सकता है।
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Source-
- https://my.clevelandclinic.org/health/diseases/4568-schizophrenia