Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    बच्चे को हमेशा रहती है थकान और कमजोरी? नजरअंदाज न करें, हो सकते हैं गंभीर थैलेसीमिया के संकेत

    Updated: Thu, 07 May 2026 05:00 PM (IST)

    हर साल 8 मई को वर्ल्ड थैलेसीमिया डे मनाया जाता है। यह एक जेनेटिक ब्लड डिसऑर्डर है। ...और पढ़ें

    थैलेसीमिया की जल्दी पहचान करना है जरूरी (Picture Courtesy: Freepik)

    थैलेसीमिया की जल्दी पहचान करना है जरूरी (Picture Courtesy: Freepik)

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। थैलेसीमिया एक गंभीर जेनेटिक ब्लड डिसऑर्डर है, जो सीधे तौर पर हमारे शरीर में रेड ब्लड सेल्स के निर्माण को प्रभावित करता है। यह कोई छुआछूत या फैलने वाली बीमारी नहीं है, बल्कि माता-पिता से बच्चों में डिफेक्टिव जीन के जरिए आती है। 

    दुनिया भर में लाखों लोग इस बीमारी से जूझ रहे हैं, फिर भी इसे लेकर जागरूकता की भारी कमी है। इसी कमी को दूर करने और समय रहते स्क्रीनिंग को बढ़ावा देने के लिए हर साल 8 मई को वर्ल्ड थैलेसीमिया डे मनाया जाता है। आइए इस खास मौके पर इस गंभीर बीमारी के लक्षण और इससे जुड़ी कुछ जरूरी बातें जानें।

    क्या होता है थैलेसीमिया?

    हमारे शरीर में हीमोग्लोबिन नाम का एक प्रोटीन होता है, जो रेड ब्लड सेल्स में पाया जाता है और पूरे शरीर में ऑक्सीजन पहुंचाने का काम करता है। थैलेसीमिया होने पर शरीर नॉर्मल हीमोग्लोबिन बनाने की क्षमता खो देता है।

    जब शरीर में सही मात्रा में हीमोग्लोबिन प्रोटीन नहीं बनता, तो रेड ब्लड सेल्स का लाइफ स्पैन कम हो जाता है और वे जल्दी मरने लगती हैं। इसका नतीजा यह होता है कि शरीर में हेल्दी रेड ब्लड सेल्स की भारी कमी हो जाती है, जिसे एनीमिया कहा जाता है। एनीमिया की गंभीरता इस बात पर निर्भर करती है कि व्यक्ति को किस प्रकार का थैलेसीमिया है।

    खबरें और भी

    Thalassemia (1)

    (Picture Courtesy: Freepik

    थैलेसीमिया के लक्षण कैसे होते हैं?

    थैलेसीमिया के लक्षण हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकते हैं। कुछ बच्चों में इसके लक्षण जन्म के समय ही दिखने लगते हैं, तो कुछ में जीवन के पहले दो वर्षों के दौरान विकसित होते हैं। हालांकि, कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जिनमें थैलेसीमिया होने के बावजूद कोई लक्षण दिखाई नहीं देते।

    थैलेसीमिया के गंभीर मामलों में ऐसे लक्षण नजर आ सकते हैं-

    • बहुत ज्यादा थकान- शरीर में ऑक्सीजन की कमी के कारण मरीज हर समय थका हुआ महसूस करता है।
    • कमजोरी- मामूली काम करने पर भी शरीर में एनर्जी की कमी और कमजोरी महसूस होना।
    • त्वचा का रंग बदलना- त्वचा का पीला पड़ना या आंखों और त्वचा में पीलिया के लक्षण दिखाई देना।
    • चेहरे की हड्डियों में बदलाव- थैलेसीमिया के कारण चेहरे की हड्डियों की बनावट में असामान्य बदलाव या समस्याएं आ सकती हैं।
    • विकास की धीमी गति- प्रभावित बच्चों का शारीरिक विकास और हाइट दूसरे बच्चों की तुलना में धीमी हो सकती है।
    • पेट में सूजन- पेट के निचले हिस्से में असामान्य सूजन या उभार महसूस होना।
    • गहरे रंग का पेशाब- यूरिन का रंग सामान्य से ज्यादा गहरा होना।
    • भूख की कमी- खाने के लिए अरुचि या बहुत कम भूख लगना।


    Source: