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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 24, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

World Vitiligo Day: छूने से फैलती है सफेद दाग की बीमारी! जानें विटिलिगो से जुड़े ऐसे 5 झूठ का सच

Published: Tue, 24 Jun 2025 05:01 PM (IST)Updated: Thu, 26 Jun 2025 01:18 PM (IST)

विटिलिगो एक ऑटोइम्यून डिसऑर्डर है जिसे सफेद दाग कहते हैं, जिसमें शरीर का इम्यून सिस्टम मेलेनिन बनाने वाली सेल्स पर ...और पढ़ें

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HighLights

  1. हर साल 25 जून को वर्ल्ड विटिलिगो डे मनाया जाता है।

  2. यह एक ऑटोइम्यून बीमारी है।

  3. इसे लेकर आज भी लोगों के बीच कई मिथक प्रचलित है।

लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। विटिलिगो (World Vitiligo Day 2025) एक ऑटोइम्यून डिसऑर्डर है, जिसे ल्यूकोडर्मा,श्वेत कुष्ठ और सफेद दाग की बीमारी के नाम से भी जाना जाता है। इसमें शरीर का इम्यून सिस्टम पिगमेंट प्रोड्यूस करने वाली हेल्दी सेल्स पर हमला करता है, जिससे टिश्जू डैमेज होते हैं। मेलानोसाइट्स वे सेल्स हैं, जो स्किन पिगमेंट मेलेनिन का उत्पादन करती हैं, जो आपकी त्वचा को उसका रंग देता है; लेकिन जब मेलानोसाइट्स मर जाते हैं, तो सफेद धब्बे दिखाई देते हैं। 

विटिलिगो (vitiligo skin condition awareness) किसी भी उम्र में हो सकता है, लेकिन 30 की उम्र से पहले यह ज्यादा आम है। इसके कई अलग-अलग प्रकार हैं। कुछ लोगों में ये सफेद धब्बे शरीर के एक हिस्से में दिखाई देते हैं। वहीं, कुछ लोगों में ये धब्बे धीरे-धीरे पूरे शरीर में फैल जाते हैं। आमतौर पर लोगों में इस बीमारी को लेकर जागरूकता की कमी है, जिसकी वजह से इससे पीड़ित व्यक्ति को अक्सर मानसिक तनाव का सामना करना पड़ता है। ऐसे में आज इस आर्टिकल में नोएडा के मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में डर्मेटोलॉजी की प्रिंसिपल कंसल्टेंट डॉ. साक्षी श्रीवास्तव से जानेंगे विटिलिगो से जुड़े 5 मिथक (vitiligo facts vs myths) और उनके सच के बारे में- 

मिथक 1: सिर्फ छूने से फैलता है विटिलिगो?

फैक्ट: यह सिर्फ एक गलत धारणा है, क्योंकि इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। एक्टपर्ट्स के अनुसार, विटिलिगो संक्रामक नहीं है। इसलिए यह बीमारी प्रभावित लोगों के छूने, खाने, पीने, खून या सेक्स से नहीं फैलती है।

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मिथक 2: मछली और दूध एक साथ खाने से विटिलिगो होता है?

फैक्ट: नहीं, यह बिल्कुल भी सच नहीं है। इस बारे में अभी तक कोई अध्ययन नहीं है, जो शरीर पर सफेद दाग और मछली-दूध के कनेक्शन को बताता हो। एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह एक ऑटोइम्यून डिसऑर्डर है, जो किसी फूड कॉम्बिनेशन से प्रभावित नहीं होता है। 

मिथक 3: सभी सफेद दागों का कारण विटिलिगो होता है?

फैक्ट: यह बिल्कुल सच नहीं है। सभी सफेद दाग विटिलिगो के कारण नहीं होते। सभी सफेद दागों की एक लंबी लिस्ट है। शरीर पर सफेद दाग होने के पीछे नेवस, जलने के निशान, कुष्ठ रोग, टिनिया वर्सिकलर (फंगल संक्रमण) और अन्य कारण हो सकते हैं।

मिथक 4: बहुत ज्यादा साबुन इस्तेमाल करने से सफेद दाग होते हैं?

फैक्ट: कई लोगों का ऐसा मानना है कि बहुत ज्यादा साबुन इस्तेमाल करने से सफेद दाग होते हैं। हालांकि, यह धारणा पूरी तरह से झूठी और गलत है। जैसा कि ऊपर बताया गया है कि विटिलिगो एक ऑटोइम्यून बीमारी है, इसलिए इसके लिए कोई बाहरी तत्व जिम्मेदार नहीं है।

मिथक 5: विटिलिगो का निदान करना मुश्किल है?

फैक्ट: विटिलिगो का निदान करना आसान है। इसका निदान त्वचा पर होने वाले निशानों के विशिष्ट वितरण पैटर्न पर आधारित है, जो हाइपोपिग्मेंटेड, नॉन-स्केली, चाक जैसे सफेद धब्बे होते हैं, जिनके अलग-अलग किनारे होते हैं।

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