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    बच्चों के दिमाग को तेज बनाएंगी ये 5 स्क्रीन फ्री आदतें, क्रिएटिविटी और याददाश्त में भी होगा सुधार

    Updated: Thu, 16 Oct 2025 12:34 PM (IST)

    मोबाइल फोन अब बच्चों के जीवन का भी अहम हिस्सा बन चुके हैं। बढ़ते स्क्रीन टाइम के कारण बच्चों के दिमाग पर काफी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। ऐसे में जरूरी ...और पढ़ें

    बच्चों के दिमाग को तेज बनाएंगी ये एक्टिविटीज (Picture Courtesy: Freepik)

    बच्चों के दिमाग को तेज बनाएंगी ये एक्टिविटीज (Picture Courtesy: Freepik)

    HighLights

    1. ज्यादा स्क्रीन टाइम के कारण बच्चों के दिमाग पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है

    2. स्क्रीन टाइम ज्यादा होने की वजह से सीखने की क्षमता और क्रिएटिविटी में कमी आती है

    3. कुछ स्क्रीन फ्री एक्टिविटीज को रूटीन में शामिल करके बच्चों के दिमाग को तेज बना सकते हैं

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आज के डिजिटल युग में, जहां बच्चे घंटों स्क्रीन के सामने बिताते हैं, उनके लिए स्क्रीन फ्री टाइम बिताना और भी जरूरी हो जाता है। ज्यादा स्क्रीन टाइम के कारण बच्चों के दिमाग पर काफी असर पड़ता है। इसके कारण क्रिएटिविटी में कमी, सीखने की क्षमता कम होना, याददाश्त कमजोर होने जैसी कई परेशानियों का खतरा बढ़ता है। 

    ऐसे में उनके बेहतर दिमागी विकास के लिए कुछ स्क्रीन फ्री एक्टिविटीज (Screen Free Activities for Kids) को उनके रूटीन में शामिल करना जरूरी है। ये एक्टिविटीज न सिर्फ उनके स्क्रीन टाइम को कम करने में मदद करती हैं, बल्कि उनके दिमाग को भी तेज बनाती हैं। आइए जानें बच्चों के दिमाग के बेहतर विकास के लिए 5 स्क्रीन फ्री एक्टिविटीज। 

    नियमित पढ़ने की आदत डालें

    किताबें बच्चों की सबसे अच्छी दोस्त होती हैं। रोजाना कहानियां पढ़ने या सुनाने से न सिर्फ उनकी वोकैबुलरी और भाषा का विकास होता है, बल्कि उनकी कल्पना शक्ति भी मजबूत होती है। बच्चों को अलग-अलग विषयों की किताबें पढ़ने के लिए मोटिवेट करें। इसे और इंट्रस्टिंग बनाने के लिए फैमिली के साथ मिलकर पढ़ने का समय फिक्स करें और पढ़ी हुई कहानियों पर चर्चा करें। यह आदत उनकी सोचने-समझने की क्षमता को निखारती है और उन्हें नए विचारों से परिचित कराती है।

    खेल-खेल में सीखें गणित और रीजनिंग

    गणित और रिजनिंग दिमागी कसरत के लिए बेहतरीन एक्सरसाइज हैं। बच्चों को चेस, सुडोकू, पहेलियां और रिजनिंग-बेस्ड बोर्ड गेम्स खिलाएं। रसोई में खाना बनाते समय माप-तौल के आसान सवाल पूछें या फिर खिलौनों को छांटने और व्यवस्थित करने के तरीके सिखाएं। ये सभी एक्टिविटीज बच्चों की एनालिटिक स्किल्स और प्रॉब्लम सॉल्विंग स्किल को विकसित करती हैं।

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    आर्ट और क्राफ्ट को दें बढ़ावा

    बच्चों की क्रिएटिविटी को प्रोत्साहित करने के लिए उन्हें ड्राइंग, पेंटिंग, क्राफ्ट या कोई और आर्ट एंड क्राफ्ट से जुड़ी एक्टिविटी करने दें। इनसे न सिर्फ उनकी मोटर स्किल्स विकसित होती हैं, बल्कि यह उन्हें अपने विचारों और भावनाओं को जाहिर करने का माध्यम भी मिलता है। घर पर ही मौजूद सामानों से कुछ नया बनाने के लिए मोटिवेट करें। रचनात्मक खेल बच्चों के दिमाग में नए न्यूरल कनेक्शन्स बनाने में मदद करते हैं।

    प्रकृति से जोड़ें

    प्रकृति के बीच समय बिताना बच्चों के कॉग्निटिव डेवलप्मेंट के लिए बेहद फायदेमंद है। उन्हें बगीचे में पेड़-पौधों, पक्षियों और कीड़ों को देखने और पहचानने के लिए मोटिवेट करें। पार्क में वॉक पर जाएं या रात को स्टार गेजिंग करें। प्रकृति के साथ यह जुड़ाव बच्चों की जिज्ञासा को बढ़ाता है और वैज्ञानिक सोच विकसित करने में मदद करता है।

    फिजिकल एक्टिविटी को नियमित हिस्सा बनाएं

    दिमाग और शरीर का गहरा संबंध है। नियमित फिजिकल एक्टिविटीज, जैसे- दौड़ना, कूदना, साइकिल चलाना या यहां तक कि घर के छोटे-मोटे काम करना, बच्चों के दिमाग में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाते हैं। इससे उनकी याददाश्त और सीखने की क्षमता में सुधार होता है। साथ ही, फिजिकली एक्टिव रहने से तनाव कम होता है और मूड बेहतर होता है।

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    Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।