करियर में आगे बढ़ना है तो 'ना' कहना सीखें, वर्कप्लेस पर 5 तरीकों से बनाएं हेल्दी बाउंड्री
अपनी काबिलियत साबित करने के लिए या करियर में आगे बढ़ने के लिए अक्सर लोग ऑफिस में हर काम के लिए हां बोल देते हैं, फिर चाहे वे कितने भी थके हुए क्यों न ...और पढ़ें

क्या आप भी ऑफिस में नहीं बोल पाते 'ना'? (Picture Courtesy: Freepik)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आज के दौर में करियर में आगे बढ़ने के लिए सिर्फ हार्ड वर्क नहीं, बल्कि स्मार्ट वर्क करना भी जरूरी है। तभी आप बेहतर वर्क-लाइफ बैलेंस बना पाएंगे और करियर में बेहतर परफॉर्म कर पाएंगे। हालांकि, अक्सर लोग अपनी काबिलयत साबित करने के चक्कर में ना कहना भूल जाते हैं।
इस ‘ना’ न बोल पाने का असर कुछ समय बाद आपके काम और मेंटल हेल्थ पर नजर आना शुरू हो जाता है। इसलिए वर्कप्लेस पर हेल्दी बाउंड्री बनाना काफी जरूरी है। यह न सिर्फ आपकी मेंटल हेल्थ के लिए बल्कि करियक की लंबी रेस के लिए भी जरूरी है। आइए जानें कैसे आप अपने वर्कप्लेस पर हेल्दी बाउंड्री (Work Place Boundary) सेट कर सकते हैं।
अपनी प्राथमिकताओं को चुनें
बाउंड्री सेट करने का पहला कदम यह जानना है कि आपके लिए क्या जरूरी है। अपने काम की एक सूची बनाएं और तय करें कि कौन से काम आपके गोल्स के लिए जरूरी है। जब आप अपनी प्राथमिकताओं को लेकर शुरुआत से ही क्लीयर होते हैं, तो दूसरों के लिए आपकी बाउंड्री का सम्मान करना आसान हो जाता है।
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(Picture Courtesy: Freepik)
'ना' कहना सीखें
हर काम के लिए 'हां' कहना आपको एक टीम प्लेयर तो दिखा सकता है, लेकिन यह आपके काम की क्वालिटी को कम कर देता है। अगर आपके पास पहले से ही काम का बोझ है, तो नए काम के लिए मना करना सीखें। सीधा ना कहने की जगह आर इसे इस ढंग से कह सकते हैं- "मैं इस प्रोजेक्ट में मदद करना चाहता हूं, लेकिन फिलहाल मेरे पास पहले से ही किसी दूसरे काम को कमीटेड हूं। इसलिए इसे अभी समय नहीं दे पाऊंगा।"
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वर्किंग आवर्स का सम्मान करें
डिजिटल युग में ऑफिस का काम घर तक पहुंच गया है। अपनी बाउंड्री सेट करने के लिए ऑफिस खत्म होने के बाद ईमेल और मैसेज का जवाब देने का एक समय तय करें। शाम को एक फिक्स समय के बाद वर्क नोटिफिकेशन बंद कर दें। अगर आप छुट्टी पर हैं, तो अपने 'आउट ऑफ ऑफिस' रिप्लाई को एक्टिव रखें, ताकि सहकर्मियों को पता रहे कि आप उपलब्ध नहीं हैं।
बातचीत में स्पष्टता रखें
अपनी सीमाओं के बारे में अपने मैनेजर और सहकर्मियों से खुलकर बात करें। अगर आपको देर रात मीटिंग्स से परेशानी है या आप लंच ब्रेक के दौरान काम नहीं करना चाहते, तो अपनी बात को साफ लेकिन प्रोफेशनल तरीके से शेयर करें। बातचीत की कमी अक्सर गलतफहमियों को जन्म देती है।
पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ को अलग रखें
ऑफिस में अपनी पर्सनल लाइफ के बारे में उतनी ही जानकारी शेयर करें जितनी जरूरी हो। सहकर्मियों के साथ अच्छे संबंध होना जरूरी है, लेकिन अपनी परेशानियों या बहुत पर्सनल जानकारी को वर्कप्लेस से दूर रखना एक जरूरी बाउंड्री है। यह आपको ऑफिस की गपशप और ड्रामे से बचाता है।