गर्दन में दर्द, नींद गायब और हर पल फोन की तलब... ये 6 लक्षण बताते हैं कि अब फोन से दूरी जरूरी है
जरूरत से ज्यादा फोन का इस्तेमाल आपकी सेहत को नुकसान पहुंचाता है। इसलिए समय-समय पर ब्रेक लेना जरूरी है। ...और पढ़ें

जरूरत से ज्यादा फोन का इस्तेमाल तो नहीं कर रहे आप? (Picture Courtesy: Freepik)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आज के समय में स्मार्टफोन हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। सुबह उठने से लेकर रात को सोने तक, हमारा फोन हमारे साथ ही रहता है, लेकिन दिनभर फोन का इस्तेमाल हमारी मानसिक और शारीरिक सेहत पर भारी पड़ सकता है।
जब तकनीक जरूरत से बदलकर लत बन जाए, तो सेहत पर बुरा असर पड़ता है। आइए जानें ऐसे कुछ लक्षणों के बारे में, जो बताते हैं कि अब आपको कुछ समय अपने फोन से दूरी बना लेनी चाहिए।
फैंटम वाइब्रेशन महसूस करना
क्या आपको कभी ऐसा महसूस होता है कि आपकी जेब में फोन बज रहा है या वाइब्रेट हो रहा है, लेकिन चेक करने पर वहां कोई नोटिफिकेशन नहीं होता? इसे फैंटम वाइब्रेशन सिंड्रोम कहते हैं। यह इस बात का साफ संकेत है कि आपका दिमाग फोन के लिए इतना अलर्ट हो गया है कि वह काल्पनिक हलचलों को भी सिग्नल मान रहा है।

(AI Generated Image)
फोकस में कमी
अगर आप कोई किताब पढ़ रहे हैं या काम कर रहे हैं और हर दो मिनट में आपका हाथ अपने आप फोन की तरफ बढ़ जाता है, तो यह खतरे की घंटी है। फोन की लत आपकी अटेंशन स्पैन को कम कर देती है। अगर आप बिना नोटिफिकेशन के भी बार-बार स्क्रीन अनलॉक करते हैं, तो आपको डिजिटल ब्रेक की सख्त जरूरत है।
नींद में खलल और आंखों में तनाव
सोने से ठीक पहले फोन का इस्तेमाल करने से ब्लू लाइट निकलती है, जो नींद लाने वाले हार्मोन मेलाटोनिन को प्रभावित करती है। अगर आपको रात में देर तक नींद नहीं आती या सुबह उठते ही आंखों में जलन और भारीपन महसूस होता है, तो समझ लीजिए कि स्क्रीन टाइम आपकी सेहत बिगाड़ रहा है।
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सोशल मीडिया के कारण तनाव
क्या दूसरों की वेकेशन फोटो या लाइफस्टाइल देखकर आप खुद को कमतर महसूस करने लगे हैं? इसे FOMO कहते हैं। अगर सोशल मीडिया आपको खुश करने के बजाय उदास या ईर्ष्यालु बना रहा है, तो यह संकेत है कि आपको वर्चुअल दुनिया से निकलकर असल दुनिया में लौटने की जरूरत है।
गर्दन और उंगलियों में दर्द
लगातार नीचे झुककर फोन देखने से गर्दन और रीढ़ की हड्डी पर एक्स्ट्रा दबाव पड़ता है, जिसे टेक्स्ट नेक कहा जाता है। इसके अलावा, घंटों स्क्रॉल करने से अंगूठे और कलाइयों में दर्द होना भी फोन के ज्यादा इस्तेमाल का शारीरिक लक्षण है।
रिश्तों में दूरी और फबिंग
जब आप अपने सामने बैठे व्यक्ति से बात करने के बजाय फोन में डूबे रहते हैं, तो इसे फबिंग कहा जाता है। अगर आपके परिवार या दोस्त अक्सर शिकायत करते हैं कि आप उनकी बात नहीं सुन रहे, तो यह इशारा है कि फोन अब आपके रिश्तों को कमजोर कर रहा है।