Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 02, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Narayana Murthy के बयान के बाद इंफोसिस में लागू हुई Work-Life Balance पॉलिसी, जानें क्यों है यह जरूरी

    Updated: Wed, 02 Jul 2025 08:28 AM (IST)

    कुछ समय पहले इंफोसिस के फाउंडर नारायण मूर्ती (Narayana Murthy) ने कहा था कि वे वर्क-लाइफ बैलेंस (Work-Life Balance) को नहीं मानते और हफ्ते में 70 घंटे ...और पढ़ें

    सेहत और काम दोनों के लिए जरूरी है Work Life Balance (Picture Courtesy: Freepik)
    सेहत और काम दोनों के लिए जरूरी है Work Life Balance (Picture Courtesy: Freepik)

    HighLights

    1. वर्क-लाइफ बैलेंस प्रोडक्टिविटी बढ़ाने के लिए जरूरी है
    2. काम और पर्सनल लाइफ के बीच बैलेंस न होने से हेल्थ को नुकसान पहुंचता है
    3. काम के बीच में ब्रेक लेना भी उतना ही जरूरी है

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। इंफोसिस के फाउंडर नारायण मुर्ती (Narayana Murthy) का 70 घंटे काम करने वाला बयान तो आपको याद ही होगा। कुछ समय पहले उन्होंने कहा था कि युवाओं को हफ्ते में 70 घंटे काम करना चाहिए। इसके बाद वर्क-लाइफ बैलेंस (Work-Life Balance) को लेकर सोशल मीडिया पर काफी विवाद भी हुआ था।

    लेकिन हाल ही में इंफोसिस के एक इंटरनल कैंपेन में कर्मचारियों को वर्क-लाइफ बनाए रखने की सलाह दी गई है। ऐसे में फिर से यह मुद्दा सामने आया है कि आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में वर्क-लाइफ बैलेंस बनाए रखना कितना जरूरी है। आइए जानें यह क्यों जरूरी है और इसे मेंटेन करने के कुछ टिप्स।

    वर्क-लाइफ बैलेंस क्यों जरूरी है?

    • आज की तेजी से भागती दुनिया में, काम और पर्सनल लाइफ के बीच बैलेंस बनाए रखना एक बड़ा चैलेंज बन गया है। लॉन्ग वर्किंग हावर्स, डेडलाइन का प्रेशर और तकनीक की वजह से हम हर समय काम से जुड़े रहते हैं। ऐसे में, वर्क-लाइफ बैलेंस बनाए रखना न सिर्फ सेहत के लिए जरूरी है, बल्कि इससे हमारी प्रोडक्टिविटी और खुशी भी बढ़ती है।
    • लगातार काम करते रहने से स्ट्रेस, एंग्जायटी और थकान बढ़ती है, जिसका सीधा असर हमारी फिजिकल और मेंटल हेल्थ पर पड़ता है। बैलेंस बनाकर इन परेशानियों को कम कर सकते हैं और अपने दिमाग व शरीर को आराम दे सकते हैं।
    • जब हम पूरा समय काम में लगा देते हैं, तो परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताने की गुंजाइश कम हो जाती है। वर्क-लाइफ बैलेंस बनाए रखने से हम अपनी फैमिली और फ्रेंड्स के साथ क्वालिटी टाइम बिता पाते हैं।
    • काम और पर्सनल लाइफ में बैलेंस बनाए रखने से फोकस और एनर्जी दोनों बढ़ता है। आराम और एंटरटेंमेंट के लिए समय निकालना प्रोडक्टिविटी बनाए रखने के लिए जरूरी है।

    यह भी पढ़ें: बॉलीवुड के सुपर डैड्स कैसे करते हैं वर्क लाइफ बैलेंस? पढ़िए कैसे निभाते हैं बच्चों की खास जिम्मेदारी

    वर्क-लाइफ बैलेंस कैसे बनाएं?

    • प्रायोरिटी सेट करें- सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि आपके लिए क्या जरूरी है। काम, परिवार, हेल्थ और हॉबीज में से किस चीज को कितना समय देना है, यह प्लान करें।
    • टाइम मैनेजमेंट को सुधारें- काम को समय पर पूरा करने के लिए टाइम मैनेजमेंट स्किल्स का इस्तेमाल करें। टू-डू लिस्ट बनाएं और जरूरी कामों को पहले पूरा करें।
    • काम और पर्सनल लाइफ के बीच बाउंडरी बनाएं- घर पर होने पर भी ऑफिस के ईमेल या कॉल्स का जवाब देना बंद करें। काम के समय को पर्सनल टाइम से अलग रखें ताकि आप पूरी तरह से दोनों को एन्जॉय कर सकें।
    • ब्रेक लें- मोबाइल, लैपटॉप और सोशल मीडिया से कुछ समय के लिए दूरी बनाकर रखें। इससे आपका दिमाग शांत होगा और आप परिवार या अपनी हॉबीज के लिए समय निकाल पाएंगे।
    • हेल्थ का ध्यान रखें- रेगुलर एक्सरसाइज, बैलेंस्ड डाइट और पूरी नींद लेना जरूरी है। स्वस्थ शरीर और दिमाग से आप बेहतर तरीके से काम कर पाएंगे।
    • 'ना' कहना सीखें- अगर कोई काम आपकी क्षमता से ज्यादा है या आपके पर्सनल टाइम को प्रभावित करता है, तो उसे बड़ी विनम्रता से मना कर दें। अपनी बाउंडरीज को समझें और उन्हें बनाए रखें।
    • छुट्टियां लें और आराम करें- काम के बीच में छोटे-छोटे ब्रेक लेना जरूरी है। साल में कुछ दिन की छुट्टी लेकर कहीं घूमने जाएं या अपने पसंदीदा काम करें।

    यह भी पढ़ें: वर्कलोड से म‍ियां-बीवी में होने लगी है तू तू-मैं मैं? 7 ट‍िप्‍स से बैलेंस करें पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ

    खबरें और भी