यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 05, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
क्या पैसा सचमुच खुशियां खरीद सकता है? वैज्ञानिकों ने ढूंढ निकाला इस पेचीदा सवाल का जवाब
आपने अक्सर सुना होगा कि पैसा खुशी नहीं खरीद सकता (money cant buy happiness)! हालांकि अब वैज्ञानिकों ने इस बात पर शोध किया है और पाया है कि यह हमेशा सच ...और पढ़ें

HighLights
- वैज्ञानिकों के अध्ययनों से पता चलता है कि पैसा खुशी ला सकता है।
- अमीर लोग भी दुखी हो सकते हैं, लेकिन यह हमेशा सच नहीं होता।
- गरीब लोग भी खुश हो सकते हैं, लेकिन पैसा होने से जीवन आसान हो जाता है।
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। कहा जाता है कि पैसे से खुशी नहीं खरीदी जा सकती। यह बात बहुत समय से लोग कहते आए हैं। जैसे, राजा मिडास जो कुछ भी छूता था वह सोना बन जाता था, लेकिन अंत में वह भूख से मर गया। इसी तरह, एक कहानी में एक आदमी बहुत अमीर था लेकिन प्यार नहीं खरीद पाया। आजकल भी, टीवी शो में अमीर लोग बहुत दुखी दिखाए जाते हैं।
लेकिन क्या यह सच है कि पैसे से खुशी नहीं मिलती (money can't buy happiness), या यह सिर्फ हमारी कल्पना है? कुछ लोग कहते हैं कि अमीर लोग भी बहुत दुखी रहते हैं, और गरीब लोग भी खुश रह सकते हैं। लेकिन यह सिर्फ कहानियां हैं, सच नहीं! दरअसल, अब वैज्ञानिक इस बात पर अध्ययन कर रहे हैं कि पैसे से खुशी मिलती है या नहीं। उन्होंने पाया है कि पैसे से खुशी जरूर मिलती है। यानी जितने ज्यादा पैसे होंगे, उतनी ही ज्यादा खुशी हो सकती है।

पैसे से खरीदी जा सकती हैं खुशियां?
इसका मतलब है कि पैसा हमारे जीवन को खुशहाल बनाने में एक हद तक जरूर मदद करता है। एक शोधकर्ता ने दुनिया के कई देशों के लोगों से पूछा कि वे कितने खुश हैं और उन्होंने पाया कि जिन देशों के लोग ज्यादा अमीर हैं, वे आम तौर पर ज्यादा खुश भी हैं। यानी, अगर किसी देश के लोगों की आमदनी दोगुनी हो जाती है, तो वे थोड़े और खुश हो जाते हैं।
लेकिन कुछ लोग कहते हैं कि पैसा सिर्फ एक हद तक ही खुशी ला सकता है। जैसे, अगर आप बहुत गरीब हैं तो पैसा आपके लिए बहुत मायने रखता है, लेकिन अगर आप बहुत अमीर हो जाते हैं, तो पैसा आपको उतना खुश नहीं कर पाएगा जितना आप सोचते हैं। क्योंकि सच्ची खुशी के लिए और भी चीजें जरूरी हैं, जैसे कि एक अच्छा परिवार, अच्छे दोस्त और कुछ ऐसे काम जो आपको पसंद हों। यानी पैसा खुशी का एक जरूरी हिस्सा है, लेकिन यह अकेला ही आपको खुश नहीं कर सकता।
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खुशियों का पैसे से कनेक्शन
डेनियल काहनेमैन नाम के एक बहुत बड़े वैज्ञानिक थे। उन्होंने अपने दोस्त डेटन के साथ मिलकर लोगों के बारे में बहुत सारे प्रयोग किए। उन्होंने देखा कि लोग अपने जीवन के बारे में दो तरह से सोचते हैं:
- पूरे जीवन को देखकर: जैसे कि, "मैंने अब तक जीवन में कितना कुछ हासिल किया है?"
- हर पल को जीते हुए: जैसे कि, "मैं अभी कितना खुश हूं?"
उन्होंने पाया कि जब लोग अपने पूरे जीवन को देखते हैं तो उन्हें लगता है कि उनके पास जितना ज्यादा पैसा होगा, उतने ही खुश होंगे। लेकिन जब लोग हर पल को जीते हुए देखते हैं, तो उन्हें लगता है कि एक निश्चित राशि के बाद, पैसा ज्यादा मायने नहीं रखता। यानी, अगर आपके पास साल में 75 हजार डॉलर से ज्यादा पैसे हैं, तो उससे ज्यादा पैसे होने से आप हर पल ज्यादा खुश नहीं होंगे।
इसका मतलब यह है कि बहुत सारा पैसा होने से आपका जीवन तो अच्छा हो सकता है, लेकिन आप हर पल ज्यादा खुश नहीं होंगे। क्योंकि एक निश्चित बिंदु के बाद, पैसा बस एक नंबर बन जाता है जो बताता है कि आपके पास दूसरों से ज्यादा है।
पैसा ही सबकुछ नहीं
इस शोध में अमेरिका के 33 हजार लोगों से पूछा गया कि वे कितने खुश हैं। शोधकर्ताओं ने पाया कि जिन लोगों के पास ज्यादा पैसे थे, वे उन लोगों की तुलना में ज्यादा खुश थे जिनके पास कम पैसे थे। यह भी पाया गया कि बहुत अमीर लोग सामान्य लोगों की तुलना में बहुत ज्यादा खुश रहते हैं। यह शोध उन लोगों के लिए एक अच्छी खबर है जो यह सोचते हैं कि पैसे से खुशी मिलती है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि पैसे ही सबकुछ हैं। खुश रहने के लिए और भी कई चीजें जरूरी हैं, जैसे कि अच्छे दोस्त, परिवार और सेहत।