इस Janmashtami सूती धोती और लाइटवेट एसेसरीज से दें बच्चे को कम्फर्टेबल 'कान्हा लुक', नहीं मचाएगा रोना-धोना
4 सितंबर को जन्माष्टमी पर बच्चों को बाल गोपाल का आरामदायक लुक देने के लिए आप इस आर्टिकल में बताए गए कुछ खास तरीके आजमा सकते हैं।

बिना किसी झंझट के सजाएं अपना नन्हा कान्हा! (Image Source: AI-Generated)

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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। जन्माष्टमी का त्योहार आते ही हर घर में उत्साह छा जाता है। खासकर उन घरों में जहां छोटे बच्चे होते हैं, क्योंकि हर मां-बाप अपने लाडले को 'बाल गोपाल' के रूप में सजाना चाहते हैं। सिर पर मोर मुकुट, हाथ में बांसुरी और होठों पर प्यारी-सी मुस्कान...
जी हां, बच्चे का यह रूप देखकर हर किसी का दिल पिघल जाता है। हालांकि, कई बार भारी-भरकम कपड़ों और चुभने वाली जूलरी के कारण बच्चे परेशान हो जाते हैं और रोने लगते हैं। ऐसे में इस जन्माष्टमी, अपने बच्चे को दें एक ऐसा 'कान्हा लुक' जो दिखने में बेहद क्यूट हो और पहनने में एकदम आरामदायक। इस आर्टिकल में हम इससे जुड़ी कुछ खास डिटेल्स आपके साथ शेयर कर रहे हैं।

(Image Source: AI-Generated)
सूती धोती से रखें बच्चे का ख्याल
बच्चों की त्वचा बहुत नाजुक होती है, इसलिए सिंथेटिक, सिल्क या भारी जरी-गोटे वाले कपड़ों की जगह मुलायम सूती कपड़े चुनें। आप अपने बच्चे के लिए पीले या लाल रंग की सूती धोती ले सकते हैं। आजकल बाजार में और ऑनलाइन रेडीमेड सूती धोती बहुत आसानी से मिल जाती है, जिसे पहनाना किसी पैंट या पजामे जितना ही आसान होता है। सूती कपड़ा पसीना सोखता है और इससे बच्चे को खुजली या रैशेज भी नहीं होते।
हैवी गहनों को छोड़ें, चुनें लाइटवेट एसेसरीज
कान्हा का श्रृंगार बिना गहनों के अधूरा जरूर है, लेकिन मेटल के भारी गहने बच्चों की कोमल त्वचा पर चुभ सकते हैं। इसकी जगह आप फैब्रिक, गोटा-पट्टी या फूलों से बनी हल्की जूलरी का इस्तेमाल करें। गले में मोतियों की एक हल्की सी माला और कलाइयों पर गोटे वाले मुलायम कंगन पहनाएं। मुकुट भी ऐसा चुनें जो गत्ते या स्पंज का बना हो और पीछे से बांधने के लिए उसमें मुलायम डोरी हो। इससे बच्चे के सिर पर भारीपन नहीं लगेगा और वह आराम से खेल सकेगा।
मोर पंख और सजी हुई बांसुरी
कान्हा के लुक की असली जान उनकी बांसुरी और मोर पंख में बसती है। मुकुट में एक असली मोर पंख जरूर लगाएं, यह बिल्कुल भी भारी नहीं होता और लुक को तुरंत निखार देता है। बांसुरी के लिए लकड़ी या प्लास्टिक की हल्की बांसुरी लें, जिसे आप रंग-बिरंगे रिबन और गोटे से घर पर ही सजा सकती हैं। अगर बच्चा बांसुरी हाथ में नहीं पकड़ना चाहता, तो उसे कमरबंद में हल्का सा फंसा दें।
मेकअप रखें बिल्कुल नेचुरल
बच्चों के चेहरे पर केमिकल वाले मेकअप का इस्तेमाल करने से बचें। उनके माथे पर चंदन या कुमकुम का एक प्यारा-सा 'U' आकार का टीका लगाएं और बीच में एक लाल बिंदी लगा दें। आप चाहें तो काजल से उनकी आंखें हल्की-सी हाईलाइट कर सकती हैं और गालों पर जरा सा मक्खन लगा सकती हैं। बस, आपका नन्हा कान्हा अपनी शरारतों के लिए पूरी तरह तैयार है।
याद रखें, त्योहार का असली मजा तभी है जब आपका बच्चा अंदर से खुश हों और आरामदायक महसूस करे। भारी कपड़ों के बोझ से आजाद होकर जब आपका बाल गोपाल पूरे घर में घुटनों के बल चलेगा या दौड़ेगा, तो वह नजारा सच में देखने लायक होगा।
