यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 25, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बिना एक भी पैसा खर्च किए इस तरीके से लगा सकते हैं गुड़हल का नया पौधा, लाल-लाल फूलों से भर जाएगा गार्डन
गुड़हल का पौधा देखने में बेहद सुंदर होता है। इसके फूल लाल सफेद हल्के गुलाबी रंगों में उगते हैं जो गार्डन की खूबसूरती पर चार चांद लगा देते हैं। ऐसे में ...और पढ़ें

HighLights
- गुड़हल का फूल देखने में काफी सुंदर होता है।
- सही देखभाल से पौधे पर खूब फूल आते हैं।
- गुड़हल का नया पौधा स्टेम कटिंग मेथड से भी लगाया जा सकता है।
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। Hibiscus Flower Gardening Guide: गुड़हल (Hibiscus Plants) एक सुंदर और रंगीन फूलों वाला पौधा है, जो न केवल बगीचे की शोभा बढ़ाता है, बल्कि इसके फूलों का इस्तेमाल आयुर्वेदिक और ब्यूटी प्रोडक्ट्स में भी किया जाता है। गुड़हल का पौधा लगाने और उगाने के लिए स्टेम कटिंग (तना काटकर) विधि सबसे आसान और असरदार तरीकों में से एक है।
इस विधि से गुड़हल का नया पौधा जल्दी तैयार हो जाता है और आपको नया पौधा खरीदने के लिए पैसे भी नहीं लगाने पड़ते (Grow Hibiscus Plant For Free)। आइए जानते हैं कि गुड़हल की स्टेम काटकर नया पौधा कैसे उगाएं।
सही समय चुनें
- गुड़हल की कटिंग लगाने का सबसे अच्छा समय वसंत ऋतु (मार्च-अप्रैल) या मानसून का मौसम (जून-जुलाई) होता है। इस समय मौसम नम और गर्म होता है, जो पौधे के विकास के लिए अनुकूल होता है।
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स्टेम कटिंग तैयार करना
- स्वस्थ और मैच्योर गुड़हल के पौधे से एक तना चुनें। यह तना लगभग 6-8 इंच लंबा होना चाहिए।
- तने को 45 डिग्री के कोण पर काटें। इससे पानी और पोषक तत्वों का अब्जॉर्प्शन बेहतर होता है।
- तने के निचले हिस्से की पत्तियों को हटा दें, ताकि वह हिस्सा मिट्टी में दब सके। ऊपरी हिस्से में 2-3 पत्तियां छोड़ दें, जो फोटो सिंथेसिस में मदद करेंगी।
रूटिंग हार्मोन का इस्तेमाल (ऑप्शनल)
- कटिंग को जड़ें जल्दी विकसित करने में मदद के लिए रूटिंग हार्मोन पाउडर का इस्तेमाल किया जा सकता है। कटिंग के निचले हिस्से को पानी में डुबोकर फिर रूटिंग हार्मोन में लगाएं। यह कदम ऑप्शनल है, लेकिन यह सफलता दर बढ़ा सकता है।
मिट्टी तैयार करना
- गुड़हल के पौधे के लिए अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी सबसे बेहतर होती है। मिट्टी में बालू, कोकोपीट और कम्पोस्ट मिलाकर इसे हल्का और पोषक तत्वों से भरपूर बनाएं। गमले या ग्रो बैग में मिट्टी भरें और उसे अच्छी तरह से नम करें।
कटिंग लगाना
- मिट्टी में एक छोटा सा गड्ढा बनाएं और कटिंग को उसमें डालें। कटिंग का लगभग एक तिहाई हिस्सा मिट्टी में दबा होना चाहिए।
- मिट्टी को हल्के हाथों से दबाएं, ताकि कटिंग स्थिर रहे।
- कटिंग लगाने के बाद उसे हल्के से पानी दें। ध्यान रखें कि मिट्टी ज्यादा गीली न हो, नहीं तो कटिंग सड़ सकती है।
पौधे की देखभाल
- कटिंग को छायादार जगह पर रखें, जहां सीधी धूप न आती हो। तेज धूप कटिंग को नुकसान पहुंचा सकती है।
- मिट्टी को नम रखें, लेकिन ज्यादा पानी न डालें। ज्यादा पानी से जड़ें सड़ सकती हैं।
- 3-4 सप्ताह के बाद कटिंग में नई पत्तियां निकलने लगेंगी, जो इस बात का संकेत है कि जड़ें विकसित हो रही हैं।
पौधे को ट्रांसप्लांट करना
- जब कटिंग में अच्छी तरह से जड़ें विकसित हो जाएं और पौधा मजबूत हो जाए, तो इसे बड़े गमले या बगीचे में ट्रांसप्लांट कर दें। गुड़हल के पौधे को रोजाना 4-6 घंटे की धूप और नियमित पानी की जरूरत होती है।
नियमित देखभाल
- पौधे को महीने में एक बार ऑर्गेनिक खाद या कम्पोस्ट दें।
- कीटों और बीमारियों से बचाने के लिए नीम के तेल का छिड़काव करें।
- पौधे को आकार देने के लिए समय-समय पर प्रूनिंग (कटाई-छंटाई) करें।
इस तरह से आप गुड़हल की स्टेम कटिंग से नया पौधा उगा सकते हैं। यह विधि आसान और किफायती है, जिससे आप अपने बगीचे में गुड़हल के सुंदर फूलों का आनंद ले सकते हैं।