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बिना सीमेंट और कंक्रीट के कैसे सालों-साल खड़े रहते थे पुराने घर? जानिए हमारे पूर्वजों का 'सीक्रेट' फॉर्मूला

Updated: Sat, 22 Aug 2026 12:44 PM (IST)

पुराने घर बिना सीमेंट के भी सालों तक मजबूत खड़े रहते थे, जिसका राज चूना, मिट्टी, ईंट का चूरा और खास निर्माण तकनीकों में छिपा था।

कैसे इतने मजबूत थे पुराने जमाने के घर? (AI Generated Image)

कैसे इतने मजबूत थे पुराने जमाने के घर? (AI Generated Image)

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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आज हमें चारों ओर सीमेंट और कंक्रीट के बने घर नजर आते हैं, लेकिन एक समय ऐसा था जब घर सीमेंट से नहीं बनाए जाते थे। भले ही आज हम सीमेंट को मजबूती के लिए जरूरी मानते हैं, लेकिन एक ऐसा दौर था जब बिना सीमेंट के घर बनाए जाते थे और वे सालों साल मजबूती से खड़े रहते थे। 

ऐसे में मन में सवाल आता है कि बिना सीमेंट के भी पुराने घर इतनी मजबूती से कैसे खड़े रहते थे? आइए जानें इस सवाल का जवाब।

चूना और गारा से बने घर

पुराने समय में घर बनाने के लिए सीमेंट की जगह चूना, मिट्टी और ईंट के चूरे का इस्तेमाल किया जाता था। चूना जब हवा के संपर्क में आता है, तो वह सूखकर कैल्शियम कार्बोनेट में बदल जाता है, जो काफी कठोर होता है। इससे घरों को मजबूती मिलती थी और सीलन जैसी समस्या भी नहीं होती थी, जिसके कारण घर बिना नुकसान झेले सालों-साल खड़े रहते थे। 

दीवारों का खास डिजाइन

आज के घरों में सीमेंट से बनी दीवारों में अगर अंदर नमी फंस जाए, तो वह बाहर नहीं निकल पाती। इसके कारण सीलन या दरार पड़ने की समस्या हो जाती है। वहीं पुराने घरों को चूने, मोटी लकड़ियों, ईंट और मिट्टी से बनाया जाता था। ये दीवारों नमी को अंदर फंसने नहीं देती थीं, जिससे दीवार अंदर से कमजोर नहीं होती थी। 

थर्मोडायनामिक डिजाइन 

पुराने घरों की दीवारें आज के घरों की दीवारों से ज्यादा मोटी होती थीं। 1.5-2 फीट तक मोटी दीवारें घर के भार को बेहतर तरीके से संभालती थीं। साथ ही, घर की छतों पर भी मोटी लकड़ी के बीम का इस्तेमाल किया जाता था, जो पूरे घर के वजन को अच्छी तरह बांटती थीं। इससे घर तेज आंधी-तूफान में भी मजबूती से खड़ा रहता था। 

पत्थरों और लकड़ी का इस्तेमाल

पुराने समय में घरों को बनाने में पत्थरों का इस्तेमाल किया जाता था और इन्हें जोड़ने के लिए इंटरलॉकिंग तकनीक अपनाई जाती थी। छतों और बीम के लिए सागौन और शाल जैसी मजबूत लकड़ियों का इस्तेमाल किया जाता था। ये लकड़ियां बहुत मजबूत होती हैं और इनमें आसानी से कीड़े या दीमक नहीं लगते। इससे घर सालों-साल तक मजबूत रहता था।