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    टीनएज बच्चों की स्टडी टेबल से तुरंत हटा दें ये 5 चीजें, फिर देखिए कैसे लगेगा पढ़ाई में पूरा मन

    Updated: Mon, 25 May 2026 09:20 AM (IST)

    टीनएज बच्चों की पढ़ाई में एकाग्रता बढ़ाने के लिए उनकी स्टडी टेबल से कुछ चीजें हटाना जरूरी है। ...और पढ़ें

    टीनएज बच्चों की स्टडी टेबल से तुरंत हटा दें ये 5 चीजें (Image Source: AI-Generated)

    टीनएज बच्चों की स्टडी टेबल से तुरंत हटा दें ये 5 चीजें (Image Source: AI-Generated) 

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    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। क्या आपका टीनएज बच्चा भी किताब खोलकर ख्यालों में खो जाता है? या फिर घंटों टेबल पर बैठने के बाद भी उसकी पढ़ाई पूरी नहीं होती? दरअसल, टीनएज एक ऐसा पड़ाव होता है जब बच्चों का ध्यान बहुत जल्दी भटकता है। ऐसे में माता-पिता अक्सर परेशान रहते हैं कि बच्चों का मन पढ़ाई में कैसे लगाया जाए।

    आपको जानकर हैरानी होगी कि कई बार समस्या बच्चे की नीयत में नहीं, बल्कि उसकी स्टडी टेबल पर रखी चीजों में होती है। आपके आस-पास का माहौल आपके दिमाग पर सीधा असर डालता है। अगर आप चाहते हैं कि आपका बच्चा पूरे फोकस के साथ पढ़े, तो उसकी स्टडी टेबल से आज ही इन 5 चीजों को हटा दें।

    Study table organization

    (Image Source: AI-Generated) 

    स्मार्टफोन और गैर-जरूरी गैजेट्स

    यह आज के समय की सबसे बड़ी बीमारी है। स्टडी टेबल पर रखा मोबाइल फोन पढ़ाई का सबसे बड़ा दुश्मन है। एक छोटी-सी 'बीप' या नोटिफिकेशन बच्चे का ध्यान पूरी तरह से भटका देती है। जब बच्चा पढ़ रहा हो, तो उसका फोन दूसरे कमरे में रखें। अगर पढ़ाई के लिए लैपटॉप या टैबलेट जरूरी है, तो उसमें सोशल मीडिया और गेम्स के नोटिफिकेशन बंद कर दें।

    शीशा या सजने-संवरने का सामान

    टीनएज में बच्चे अपने लुक्स और अपीयरेंस को लेकर बहुत ज्यादा कॉन्शियस होते हैं। अगर स्टडी टेबल पर या उसके ठीक सामने कोई शीशा, कंघी या परफ्यूम रखा है, तो बच्चे का ध्यान बार-बार अपने बालों या चेहरे पर जाएगा। पढ़ाई के दौरान उनका फोकस किताब पर होना चाहिए, न कि खुद को निहारने पर। इसलिए ऐसी चीजों को टेबल से दूर ही रखें।

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    जंक फूड और हैवी स्नैक्स

    कई बार पेरेंट्स लाड़-प्यार में बच्चों की टेबल पर चिप्स, बिस्कुट या भारी स्नैक्स की प्लेट रख देते हैं। खाते-खाते पढ़ने से दिमाग रिलैक्स होने लगता है और बच्चे को नींद आने लगती है। इसके अलावा, तेल वाले हाथों से किताबें भी गंदी होती हैं। स्टडी टेबल पर सिर्फ एक साफ पानी की बोतल रखें। अगर बच्चे को भूख लगे, तो उसे ब्रेक देकर डाइनिंग टेबल पर खाना खिलाएं।

    फालतू किताबें और बिखरा हुआ सामान

    एक पुरानी कहावत है- "जैसी आपकी टेबल होगी, वैसा ही आपका दिमाग होगा।" अगर स्टडी टेबल पर पुरानी कॉपियां, फालतू पेन, और उन विषयों की किताबें भी रखी हैं जिन्हें उस वक्त नहीं पढ़ना है, तो बच्चा कन्फ्यूज और तनावग्रस्त महसूस करेगा। टेबल पर सिर्फ वही किताब, कॉपी और पेन होना चाहिए, जिसकी उस समय जरूरत हो। साफ-सुथरी टेबल देखकर पढ़ने का मन अपने आप करता है।

    कॉमिक्स, नॉवेल्स या वीडियो गेम्स

    स्टडी टेबल का मतलब सिर्फ और सिर्फ स्कूल या कॉलेज की पढ़ाई होना चाहिए। अगर वहां कोई कॉमिक बुक, स्टोरी बुक या गेमिंग कंसोल रखा है, तो बच्चे का दिमाग बार-बार उसी की तरफ भागेगा। ये चीजें दिमाग को आराम और मनोरंजन का संकेत देती हैं, जबकि पढ़ाई के लिए फोकस और मेहनत चाहिए होती है। मनोरंजन की चीजों के लिए घर में एक अलग जगह तय करें।

    बच्चे का दिमाग एक कैमरे की तरह होता है, जो सामने रखी चीजों पर फोकस करता है। स्टडी टेबल जितनी साफ और शांत होगी, बच्चे की एकाग्रता उतनी ही ज्यादा बढ़ेगी। आज ही इन बदलावों को आजमाकर देखें, आपको अपने बच्चे की पढ़ाई में जरूर सुधार नजर आएगा।

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