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    पुरानी बातों में उलझा रहता है दिमाग? 1 मिनट की यह 'जादुई ट्रिक' देगी तुरंत आराम, आज ही आजमाएं

    Updated: Sat, 31 Jan 2026 05:28 PM (IST)

    अक्सर पुरानी बातों या भविष्य की चिंता से दिमाग भटकता है, जिससे तनाव बढ़ता है। 'एक्टिव नोटिसिंग' एक प्रभावी तकनीक है जो दिमाग को वर्तमान में लाती है। इ ...और पढ़ें

    एक्टिव नोटिसिंग: 1 मिनट में दिमाग को वर्तमान में लाएं, तनाव से पाएं तुरंत राहत (Picture Credit- AI Generated)

    एक्टिव नोटिसिंग: 1 मिनट में दिमाग को वर्तमान में लाएं, तनाव से पाएं तुरंत राहत (Picture Credit- AI Generated)

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    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

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    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। क्या आप भी अक्सर पुरानी बातों को याद करके परेशान होते रहते हैं या भविष्य के बारे में सोचते रहते हैं? जब हमारा दिमाग वर्तमान को छोड़कर अतीत या भविष्य में भटकने लगता है, तो तनाव बढ़ना स्वाभाविक है। इस भटकाव को रोकने और दिमाग को वर्तमान में वापस लाने का सबसे कारगर तरीका एक्टिव नोटिसिंग' है। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से- 

    क्या है एक्टिव नोटिसिंग?

    एक्टिव नोटिसिंग का मतलब है कि अपने आसपास के माहौल में पूरी तरह से उपस्थित होना। सबसे अच्छी बात यह है कि इस मानसिक व्यायाम में आपको एक मिनट से भी कम समय लगता है।

    इसे करने का सही तरीका 

    • रुकें और सांस लें: आप जो भी कर रहे हैं, उसे एक पल के लिए रोक दें। एक गहरी सांस लें और बहुत धीरे-धीरे सांस को बाहर छोड़ें।
    • आसपास की चीजें देखें: अपने आसपास मौजूद किन्हीं तीन चीजों को गौर से देखें। बस इस बात का ध्यान रखें कि उन चीजों को लेकर आपको कोई राय नहीं बनानी है, बस उन्हें देखना है। 
    • संवेदनाएं महसूस करें: अब अपने शरीर पर ध्यान ले जाएं और किन्हीं दो शारीरिक संवेदनाओं (Physical Sensations) को महसूस करें। उदाहरण के लिए पैरों का जमीन को छूना या अपने शरीर का वजन।
    • निष्कर्ष निकालें: अंत में खुद से एक सकारात्मक बात कहें, जैसे- "मैं अभी पूरी तरह से यहां हूं" या "मैं इस पल को महसूस कर रहा हूं।

    यह भी रखें ध्यान

    इस मेंटल एक्सरसाइज को रूटीन बनाने के लिए इसे अपने किसी रोज के काम के साथ जोड़ लें। उदाहरण के लिए चाय पीते समय या ऐसे ही किसी काम के साथ इसे जोड़ सकते हैं। 

    अमेरिका के 'नेशनल सेंटर ऑफ कॉम्प्लिमेंटरी एंड इंटीग्रेटिव हेल्थ' (NCCIH) की रिसर्च भी इस बात की पुष्टि करती है। इस अध्ययन के अनुसार, इस तरह की रेगुलर माइंडफुलनेस प्रैक्टिस करने से:

    • बेवजह की चिंता और ओवरथिंकिंग कम होती है।
    • आप भावनात्मक रूप से मजबूत बनते हैं।
    • आप समझदारी से जवाब देना सीखते हैं।

    यह आपके लिए क्यों फायदेमंद है?

    जब आप 'एक्टिव नोटिसिंग' करते हैं, तो आपके नर्वस सिस्टम को एक डायरेक्ट मैसेज मिलता है कि "सब कुछ ठीक है, अलर्ट रहने की जरूरत नहीं है।" इससे दिमाग को सुरक्षा और स्थिरता का एहसास होता है।

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