सिर्फ कपड़े ही नहीं, अब बॉयफ्रेंड भी मिलेंगे किराए पर! शॉपिंग और मूवी के लिए बस इतने रुपए में मिल रहा पार्टनर
भारत में इन दिनों 'रेंटल बॉयफ्रेंड' का चलन काफी ज्यादा बढ़ चुका है। जापान से शुरू होकर अब यहां भी लोकप्रिय हो रहा है। कई युवा इस सर्विस को काफी पसंद क ...और पढ़ें

किराए पर बॉयफ्रेंड का बढ़ता चलन (Picture Credit- AI Generated)
HighLights
'रेंटल बॉयफ्रेंड' की अवधारणा जापान से हुई शुरू, अब भारत में
भारत में सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध सेवा
आउटिंग, शॉपिंग, मूवी के लिए मिलते हैं किराए पर साथी
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। दोस्तों के बीच बैठे हुए किसी न किसी सिंगल दोस्त के मुंह से आपने यह मजेदार डायलॉग जरूर सुना होगा- बॉयफ्रेंड क्या किराए पर मिलता है, जो ले आऊं। हो सकता है शायद आपने खुद भी यह डॉयलॉग मारा हो। लेकिन जरा सोचिए, कैसा हो अगर हमारा यह मजाक सच हो जाए और वाकई में मार्केट में बॉयफ्रेंड किराए पर मिलने लगें?
अगर आप भी सुनकर चौंक गए हैं, तो एक बार यह आर्टिकल जरूर पढ़िएं। आज हम आपको मार्केट में आए इसी नए ट्रेंड के बारे में बताने वाले हैं, जिसमें अब आप कपड़ों और फर्नीचर की तरह बॉयफ्रेंड भी रेंट पर ले सकते हैं। जी हां, जो बात किसी के-ड्रामा की एक अजीब कहानी जैसी लगती थी, वह अब धीरे-धीरे भारत समेत पूरी दुनिया में एक असली और आसानी से मिलने वाली सर्विस बन रही है। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से-
क्या है 'रेंटल बॉयफ्रेंड'?
जैसाकि नाम से समझ आता है, इसमें आप अपने लिए बॉयफ्रेंड रेंट पर ले सकते हैं। हालांकि, इस तरह की सर्विस में दो लोगों के बीच किसी भी तरह का कोई फिजिकल रिलेशन नहीं होता है। इसमें क्लाइंट्स रअपने रेंटल पार्टनर से आमतौर पर कैफे, पार्क, म्यूजियम, रेस्टोरेंट या शॉपिंग एरिया जैसी पब्लिक जगहों पर मिलते हैं। इसके कुछ नियम भी होते हैं, जिनका सख्ती से पालन किया जाता है-
- कोई यौन गतिविधि नहीं
- कोई होटल रूम नहीं
- कोई सुनसान जगह नहीं
- रात भर रुकना नहीं
- हर समय सम्मानजनक व्यवहार
कैसे हुए इसकी शुरुआत?
इस ट्रेंड की शुरुआत जापान की "किराए पर लोग" वाली इकॉनमी से हुई। किराए पर बॉयफ्रेंड मिलने वाला यह बिजनेस रातों-रात शुरू नहीं हुआ। इसकी शुरुआत सबसे पहले 1990 के दशक में जापान में हुई। यहां "किराए पर लोग" लेने वाले कॉन्सेप्ट ने इस नए बिजनेस को जन्म दिया।
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जापान में लोग किराए पर परिवार के सदस्य, नकली रिश्तेदार, बातें सुनने वाले और सोशल गैदरिंग पर साथ जाने वाले लोग मिलते थे। इसके अलावा चाहे शादी पर साथ जाने के लिए कोई कंपैनियन चाहिए हो या ब्रेकअप के लिए बाद बात सुनने वाला कोई साथी, जापान में इसके लिए भी एक सर्विस थी।
इन्फ्लुएंसर्स ने बढ़ाया चलन
कई सालों तक, लोगों को रेंट पर लेने वाली यह सर्विस जापानी शहरी संस्कृति का एक छोटा-सा हिस्सा बनी रहीं। फिर यूट्यूब, इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया एप्स आए। इन प्लेटफॉर्म्स पर ट्रैवल इन्फ्लुएंसर्स ने रेंटल बॉयफ्रेंड के बारे में वीडियो बनाना शुरू किए। इन्फ्लुएंसर्स ने 'रेंट-ए-बॉयफ्रेंड' को सोशल सर्विस के बजाय एक ट्रैवल एक्सपीरियंस के तौर पर नए सिरे से पेश किया है और इसका नतीजा यह हुआ कि धीरे-धीरे यह सर्विस दुनियाभर में पॉपुलर होने लगी।
भारत में भी हुई एंट्री
दुनियाभर में रेंटल बॉयफ्रेंड का बढ़ता चलन इसे जल्द ही भारत भी ले आया। वर्तमान में ऐसी सर्विस भारत में भी देखने को मिल रही है। हालांकि, भारत में जापानी मॉडल को हूबहू नहीं अपनाया। इसके बजाय, भारत में यह ट्रेंड सोशल मीडिया कम्युनिटीज, ऑनलाइन मार्केटप्लेस और साथ देने वाले प्लेटफॉर्म्स के जरिए पॉपुलर हुआ। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कई ऐसे ग्रुप्स और पुरुष हैं, जो खुद को आउटिंग, इवेंट्स या कैजुअल पार्टनर के लिए "रेंटेड बॉयफ्रेंड" के तौर पर प्रमोट करते हैं।
ये ग्रुप्स लगभग लोकल क्लासिफाइड बोर्ड की तरह काम करते हैं, जहां यूजर्स अपनी तस्वीरें, शहर का नाम, उपलब्धता और उम्मीदें पोस्ट करते हैं। इसके अलावा कुछ ऐसी वेबसाइट्स भी हैं, जो ऐसी सर्विस देने का काम करती है। यहां लोग अपनी प्रोफाइल बनाकर खास मौकों के लिए बॉयफ्रेंड हायर करते हैं।
इन चीजों के लिए मिलते हैं रेंटल बॉयफ्रेंड:
- घूमना-फिरना: 1,500 रुपये प्रति घंटा
- क्लबिंग: 2,000 रुपये प्रति घंटा
- मूवी पार्टनर: 2,000 रुपये प्रति घंटा
- शॉपिंग बडी: 2,000 रुपये प्रति घंटा
- मेडिकल सपोर्ट: 2,000 रुपये प्रति घंटा
क्यों पसंद कर रहे हैं इसे लोग?
इस सर्विस में शामिल होने वाले ज्यादातर लोग कॉलेज के स्टूडेंट्स या यंग प्रोफेशनल्स हैं, जो साइड इनकम की तलाश में रहते हैं। इसके अलावा कुछ लोग कंटेंट के लिए, तो कुछ लोग सर्विस का अनुभव लेने के लिए भी इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। वहीं, यहां कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो सचमुच किसी के साथ या कंपनी की तलाश में हैं।