Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    कमाई चाहे 30 हजार हो या 60 हजार, महीने के आखिर में नहीं होगी पैसों की किल्लत; अपनाएं ये तरीके

    Updated: Thu, 11 Jun 2026 06:30 AM (IST)

    आपकी सैलरी 30 हजार रुपये महीने हो या 60 हजार रुपये, अगर आपका Financial Discipline बिखरा हुआ है, तो यह आर्थिक तनाव आपको भी अपना शिकार बना लेगा। ...और पढ़ें

    सैलरी आते ही कहां गायब हो जाता है सारा पैसा? (Image Source: AI-Generated)

    सैलरी आते ही कहां गायब हो जाता है सारा पैसा? (Image Source: AI-Generated) 

    HighLights

    1. तुरंत बजट बनाएं और खर्चों को टाइम-टेबल में बांटें

    2. सैलरी का 20-30% हिस्सा पहले बचत के लिए निकालें

    3. आपातकालीन फंड बनाएं और निवेश की आदत डालें

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। हर महीने हम सैलरी का बेसब्री से इंतजार करते हैं, लेकिन बैंक खाते में पैसा आते ही न जाने कहां गायब हो जाता है। महीने का आखिरी हफ्ता आते-आते हालत यह हो जाती है कि अगली सैलरी के दिन गिनने पड़ते हैं।

    यह सिर्फ कम कमाई वालों का दर्द नहीं है। चाहे आप 30 हजार रुपये कमा रहे हों या 60 हजार, अगर आपके पास सही वित्तीय अनुशासन नहीं है, तो पैसों की किल्लत आपको हमेशा सताएगी।

    आखिर कहां उड़ जाता है सारा पैसा?

    हम अक्सर बिना किसी ठोस प्लानिंग के आंख मूंदकर खर्च करते हैं। आराम और सुविधा के नाम पर किए गए छोटे-मोटे खर्च, अचानक की गई शॉपिंग और 'अगले महीने से पक्का बचाएंगे' वाली टालमटोल की आदत धीरे-धीरे पूरे बजट का कबाड़ा कर देती है। हालांकि, कुछ छोटी और असरदार आदतों को अपनाकर आप अपनी आर्थिक स्थिति को पूरी तरह बदल सकते हैं।

    How to save salary monthly

    (Image Source: AI-Generated) 

    सैलरी आते ही अपनाएं ये 5 मास्टरस्ट्रोक

    तुरंत बजट बनाएं

    आमदनी का कौन-सा हिस्सा कहां जाएगा, यह पहले से तय होना चाहिए। मकान का किराया, राशन, बिजली-पानी का बिल और पेट्रोल जैसे पक्के खर्चों के लिए सैलरी आते ही पैसे सबसे पहले अलग कर दें। इससे अनावश्यक खर्चों पर अपने आप लगाम लग जाएगी।

    खर्चों को 'टाइम-टेबल' में बांटें

    कई लोग महीने की शुरुआत में ही सारा पैसा बेहिसाब उड़ा देते हैं और आखिरी दिनों में परेशान होते हैं। इस दबाव से बचने के लिए, जरूरी खर्चे निकालने के बाद बची हुई रकम को तीन हिस्सों में बांट लें- जैसे 1 से 10 तारीख, 11 से 20, 21 से 30/31 तक का खर्च।

    खबरें और भी

    'बचत पहले, खर्चा बाद में' वाला नियम

    'महीने के अंत में जो बचेगा, उसे बचाएंगे' वाली सोच को भूल जाइए। सैलरी मिलते ही उसका 20 से 30 प्रतिशत हिस्सा सबसे पहले अपनी बचत के लिए निकालें। भविष्य की आर्थिक सुरक्षा इसी से तय होती है।

    आपातकालीन फंड बनाएं

    अचानक नौकरी छूटना या बीमारी आना किसी को बताकर नहीं आता। ऐसे समय के लिए अपने 3 से 6 महीने के खर्चों के बराबर का एक आपातकालीन फंड जरूर बनाएं। यह आपको मानसिक और आर्थिक, दोनों तरह की सुरक्षा देगा।

    निवेश की आदत डालें

    पैसों को सिर्फ बचाकर रखना काफी नहीं है। अपनी जमा पूंजी को सही दिशा देने के लिए धीरे-धीरे निवेश करना शुरू करें।

    Money management strategies

    (Image Source: AI-Generated)

    बचत के लिए अपनाएं 5 'गोल्डन रूल्स'

    • 24 घंटे का नियम: कोई भी गैर-जरूरी या लग्जरी चीज खरीदने का मन हो, तो 24 घंटे का इंतजार करें। इससे आप जोश और जल्दबाजी में होने वाले खर्चों से बच जाएंगे।
    • 'नो-स्पेंड डे' मनाएं: महीने में कुछ दिन ऐसे निकालें जब आप केवल बहुत जरूरी चीजों के अलावा एक रुपया भी खर्च नहीं करेंगे। इससे आपको अपनी फिजूलखर्ची पहचानने में मदद मिलेगी।
    • खाते अलग रखें: अपने रोजमर्रा के खर्च, जरूरी पक्के भुगतान और अपनी बचत के लिए अलग-अलग बैंक अकाउंट रखें। इससे बजट हमेशा व्यवस्थित रहता है।
    • सुविधाओं वाले खर्चों पर लगाम: बार-बार ऑनलाइन सामान या खाना मंगाने की आदत आपकी बचत के लिए बड़ा खतरा है। इन सुविधाजनक खर्चों पर तुरंत कंट्रोल करें।
    • खुद को दें 'कैश चैलेंज': हर हफ्ते का खर्च एक निश्चित नकद रकम से चलाने की कोशिश करें। नकद खर्च करने से आप सोच-समझकर पैसे निकालेंगे।

    अचानक आने वाले खर्चों से होना है टेंशन-फ्री?

    हम राशन, बिल और किराए का हिसाब तो रखते हैं, लेकिन कुछ छोटे और अनियोजित खर्च धीरे-धीरे वित्तीय संतुलन को बिगाड़ देते हैं। दोस्तों को गिफ्ट देना, फल-सब्जियों की बढ़ती कीमतें, बाहर खाना, अचानक की गई यात्रा, छोटे मेडिकल खर्च।

    चूंकि, ये खर्च पहले से तय नहीं होते, इसलिए लगातार दो महीने तक अपने ऐसे सभी अचानक हुए खर्चों को एक जगह लिखकर रखें। इससे आपको पता चल जाएगा कि कौन सा खर्च कितनी बार हो रहा है और इस पर अधिकतम कितना पैसा जा रहा है।

    इस हिसाब से अपना औसत निकालें और अगली बार बजट बनाते समय, अनियोजित खर्चों के लिए एक अलग फंड तय कर दें। ऐसा करने से अचानक आने वाले खर्चे आपकी मुख्य बचत को कभी प्रभावित नहीं करेंगे।

    यह भी पढ़ें- छोटी-सी ट्रिप में ही जेब हो जाती है खाली, तो Travel के दौरान पैसा बचाने में मदद करेंगे 8 टिप्स

    यह भी पढ़ें- Saving Tips: क्या है 1st Week Rule, फालतू खर्चें की आदत कर देगा दूर; कैसे करें इसे इस्तेमाल?