यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 15, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Mental Health को बिगाड़ रही सोशल मीडिया की चकाचौंध, जिंदगी की खुशियां भुलाकर मोबाइल पर वक्त बिता रहे लोग
सोशल मीडिया ने जीवन को एक प्रदर्शनी में बदल दिया है। लोग अपनी जिंदगी के सबसे अच्छे पलों को चुनकर उन्हें दुनिया के सामने पेश करते हैं लेकिन याद रखना जर ...और पढ़ें

HighLights
- सोशल मीडिया पर दिखने वाली जिंदगी अक्सर हकीकत से दूर होती है।
- लोग दिन का ज्यादातर वक्त ऑनलाइन बिताते हैं जिसके कई नुकसान हैं।
- सोशल मीडिया पर बनाई गई आदर्श छवि के कई नुकसान हो सकते हैं।
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर परफेक्ट लाइफ का प्रदर्शन अब एक नया चलन (social media addiction) बन गया है। लाखों लाइक्स और करोड़ों व्यूज के साथ दिखाई दे रही शानदार तस्वीरें हमें यह भरोसा दिलाने की कोशिश करती हैं कि जिंदगी एक फिल्मी स्टोरी की तरह है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि सचमुच ऐसा है? क्या इन फिल्टर किए हुए चेहरों और व्यवस्थित घरों के पीछे कोई असली इंसान छिपा है? क्या जीवन की असल चुनौतियां और संघर्ष इन सजावटी तस्वीरों में दिखाई देता है? शायद नहीं!

मानसिक और शारीरिक तनाव की वजह
सोशल मीडिया पर घरों को साफ-सुथरा दिखाने के चलन ने लोगों को परेशान कर दिया है। लोग अपने घरों को मैगजीन की तस्वीरों जैसा बनाने के लिए बहुत दबाव महसूस करते हैं। इस दबाव के कारण, लोगों को मानसिक और शारीरिक तनाव से जूझना पड़ता है। ऐसे में एक्सपर्ट बताते हैं कि परफेक्ट होने की जगह, जीवन की जरूरी बातों पर ही ध्यान देना चाहिए।
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जरूरी है अपना ख्याल
फैशन से जुड़े विशेषज्ञ मानते हैं कि घर की सफाई से लोग खुद को एक नए तरीके से दिखा सकते हैं, लेकिन असल में देखा जाए तो यह तरीका सही नहीं हैं। सिर्फ चीजें हटाने से समस्या का हल नहीं होता, लोगों को लगता है कि हर चीज परफेक्ट होनी चाहिए, जिससे वे और परेशान हो जाते हैं। अगर फ्रिज की बात करें, तो हर किसी के पास इसकी सजावट के लिए वक्त नहीं होता है। घर को साफ रखना अच्छी बात है, लेकिन इतनी भी नहीं कि हम खुश रहना ही भूल जाएं।
दिखावे के चक्कर में जीना ही न भूल जाएं
आजकल हम सब दिखावा करना चाहते हैं। हम हर नई चीज को फॉलो करते हैं, बस दूसरों को दिखाने के लिए। लेकिन विशेषज्ञ कहते हैं कि हमें दिखावे की फिक्र छोड़कर अपनी जिंदगी का मजा लेना चाहिए, क्योंकि खुश रहने का राज दिखावे में नहीं, बल्कि अपनी जिंदगी को संतुलित रखने में है।