यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 10, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
यंग जेनरेशन का ब्लड प्रेशर बढ़ा रहा Social Media, अब दिल की बात से सुसाइड तक के फैसले यहां कर रहे लोग
सोशल मीडिया पर ( impact of social media on youth) आज के युवा काफी सक्रिय हैं। बता दें कि पिछले कुछ सालों में सोशल मीडिया पर हर बात कहने और बताने का चल ...और पढ़ें

HighLights
- रील लाइफ से निकलकर रियल लाइफ को समझें
- अपने आसपास मौजूद लोगों से फेस टू फेस करें कम्यूनिकेशन
- सोशल मीडिया को जीवन का हिस्सा न बनाएं
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। Side effects of social media सोशल मीडिया अब हर इंसान की जिंदगी का एक अहम हिस्सा बन गया है। जैसे हर रोज खाना, पीना और सोना इंसान की रोज की जिंदगी का हिस्सा है ठीक वैसे ही सोशल मीडिया ने भी अब इंसान की रोज की जिंदगी में अपनी ठीक ठाक जगह बना ली है। सोशल मीडिया का क्रेज अब यंग जेनरेशन पर पूरी तरह से हावी हो गया है।
एक समय था जब बारहवीं पास करने के बाद लोग सोशल मीडिया पर अकाउंट बनाते थे फिर अपने कभी कभार विचार व्यक्त करते थे। लेकिन अब समय पूरी तरह से बदल गया है। अब चौथी क्लास में पढ़ने वाले बच्चे को भी इंस्टाग्राम और फेसबुक के बारे में पता है, न सिर्फ पता है उसका वहां अकाउंट भी है और सोशल मीडिया पर एक अच्छी खासी फॉलोअर्स की भीड़ भी है। लेकिन इस सब के बीच यह सब कितना खतरनाक हो चला है उसके बारे में जानना बहुत अहम है।
हर छोटी से बड़ी बात के लिए सोशल मीडिया का सहारा
आपको याद होगा कि आज से दस साल पहले अगर कोई टीचर क्लास में बच्चे को डांट देती थी या पिटाई कर देती थी। इसपर बच्चे की तरफ से कोई गुस्सा तो दूर की बात प्रतिक्रिया भी नहीं आती थी।
लेकिन अगर आज के समय में कोई टीचर बच्चे को कुछ गलत करते हुए टोक भी दे तो बच्चे सोशल मीडिया पर उस बात को एक अलग अंदाज में पेश करते हैं। वो खुद किसी गैंगस्टर और डॉन की तरह पेश करते हैं। ऐसे बहुत से उदाहरण है। सोशल मीडिया पर अब हर छोटी से बड़ी बात घर के सदस्यों के लिए भी बच्चे लिख देते हैं। यह चलन काफी खतरनाक हो चला है।
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मोहब्बत का आगाज और अंजाम भी सोशल नेटवर्किंग साइट पर
बदलते दौर में मोहब्बत भी बदल गई है। अब युवाओं का इजहार ए मोहब्बत भी बदल गया है और अंजाम ए मोहब्बत भी। अब अगर कोई भी बात दिल के माकिफ नहीं हो रही तो युवा बकायदा सोशल मीडिया पर आकर वीडियो बनाते हुए सुसाइड कर ले रहे हैं। यह काफी खतरनाक ट्रेंड हो चला है। सोशल मीडिया ने युवाओं को ब्लड प्रेशर का मरीज बना दिया है। इसके साथ ही फैसले लेने की ताकत और प्रेशर झेलने की कुव्वत को कम कर दिया है।