यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 17, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
पुराने घरों में क्यों होते थे दो पल्ले वाले दरवाजे? वजह जानेंगे तो चौंक जाएंगे आप!
अगर आपने ध्यान दिया होगा तो पुराने घर के दरवाजे आज की तरह एक पल्ले के नहीं होते थे। कमरों में दो पल्ले के दरवाजे (Double-leaf doors in traditional hom ...और पढ़ें

HighLights
- पुराने घरों में दो पल्ले के दरवाजे लगाए जाते थे।
- दो पल्ले के दरवाजे लगाने के पीछे कई कारण थे।
- वास्तु के हिसाब से भी इन्हें अच्छा माना जाता था।
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आजकल के घरों में एक पल्ले के दरवाजे आम हो गए हैं। लेकिन अगर बात हमारी दादी-नानी के जमाने की भी करें, तो तब तक घरों में दो पल्ले वाले दरवाजे (Double-leaf doors in traditional homes) लगाए जाते थे। भारत में पुराने घरों की संरचना में दो पल्ले वाले दरवाजे एक अहम हिस्सा थे। ये दरवाजे न सिर्फ सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण थे, बल्कि इनका सांस्कृतिक और पारंपरिक महत्व भी था। इन्हीं कारणों के बारे में हम इस आर्टिकल में जानने की कोशिश करेंगे। आइए जानें।
सुरक्षा
- मजबूती- दो पल्ले वाले दरवाजे एक पल्ले वाले दरवाजों की तुलना में ज्यादा मजबूत होते थे। इन्हें तोड़ना या खोलना मुश्किल होता था, जिससे घर की सुरक्षा बढ़ती थी।
- बाहरी खतरों से बचाव- पुराने समय में चोरी और डकैती जैसी घटनाएं आम थीं। दो पल्ले वाले दरवाजे इन खतरों से बचाव में मददगार होते थे।
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सांस्कृतिक और पारंपरिक महत्व
- मेहमानों का स्वागत- दो पल्ले वाले दरवाजे मेहमानों के भव्य स्वागत का प्रतीक माने जाते थे। इन्हें खोलकर मेहमानों का सम्मान किया जाता था।
- सामाजिक प्रतिष्ठा- बड़े और दो पल्ले वाले दरवाजे घर के मालिक की सामाजिक प्रतिष्ठा को दर्शाते थे।
- वास्तु शास्त्र- वास्तु शास्त्र के अनुसार, दो पल्ले वाले दरवाजे घर में पॉजिटिव एनर्जी लाते हैं।
अन्य कारण
- मौसम से बचाव- दो पल्ले वाले दरवाजे ठंड और गर्मी दोनों मौसमों में घर के तापमान को कंट्रोल करने में मदद करते थे।
- प्राइवेसी- ये दरवाजे घर के अंदर की प्राइवेसी बनाए रखने में भी सहायक होते थे।
- हवा का प्रवाह- दो पल्ले वाले दरवाजे घर में हवा के प्रवाह को बेहतर बनाते थे, जिससे घर हवादार रहता था।
- बड़े सामान की आवाजाही- पुराने समय में बड़े सामानों को घर के अंदर लाने या बाहर ले जाने के लिए दो पल्ले वाले दरवाजे सुविधाजनक होते थे।
- निर्माण सामग्री- पुराने समय में लकड़ी के बड़े और मजबूत टुकड़े आसानी से उपलब्ध थे, जिनका इस्तेमाल दो पल्ले वाले दरवाजे बनाने में किया जाता था।
हालांकि, आजकल आधुनिक घरों में दो पल्ले वाले दरवाजों का चलन कम हो गया है। इसकी जगह सिंगल डोर और स्लाइडिंग डोर ने ले ली है। हालांकि, कुछ लोग अब भी अपने घरों में पारंपरिक लुक के लिए दो पल्ले वाले दरवाजे लगवाते हैं।
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