WFH के बाद अब आया Silent Office का ट्रेंड! क्या है यह नया वर्क कल्चर जो तेजी से हो रहा पॉपुलर?
वर्क फ्रोम होम के बाद अब 'साइलेंट को-वर्किंग स्पेस' का चलन बढ़ रहा है। यह एक शांत, साउंडप्रूफ वर्क प्लेस है, जहां लोग बिना शोर-शराबे के फोकस से काम कर ...और पढ़ें

वर्क फ्रॉम होम के बाद अब साइलेंट को-वर्किंग स्पेस का ट्रेंड (Picture Credit- AI Generated)
HighLights
शांत, साउंडप्रूफ शेयर्ड वर्कप्लेस, जहां शांति से करते हैं काम
यह फ्रीलांसरों, WFH करने वालों के लिए परफेक्ट ऑप्शन है
यह वर्क कल्चर प्रोडक्टिविटी बढ़ाने और तनाव घटाने में मददगार है
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। बदलते समय के साथ लोगों के काम करने का तरीका भी बदलने लगा है। कोरोनाकाल में यहां देशभर में वर्क फ्रॉम होम का कल्चर तेजी से बढ़ा था, तो वहीं अब लोगों के लिए बीच 'साइलेंट को-वर्किंग स्पेस' का चलन तेजी से बढ़ रहा है।
यह शोर-शराबे से बचने का एक बढ़िया और किफायती तरीका है। यह एक ऐसा शेयर्ड ऑफिस (Shared Workspace) या किसी ऑफिस का एक खास हिस्सा होता है, जिसे बिल्कुल शांत और साउंडप्रूफ (जहां बाहर की आवाज न आए) बनाया जाता है। आइए जानते हैं क्या है यह ट्रेंड और क्यों हो रहा है लोकप्रिय-
क्या है साइलेंट को-वर्किंग स्पेस?
जैसाकि ऊपर बताया गया, यह एक ऐसी जगह है, जहां लोग शोर-शराबे से दूर शांत माहौल में काम करते हैं। इसका माहौल किसी लाइब्रेरी जैसा होता है, जहां आप बिना किसी रुकावट के पूरी एकाग्रता के साथ अपना काम कर सकते हैं।
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(Picture Credit- AI Generated)
इसमें कई लोग एक जगह इकट्ठा होते हैं, अपने हेडफोन लगाते हैं और बिना कुछ बोले 2-3 घंटे तक लगातार अपना-अपना काम करते हैं। इस दौरान वे बीच-बीच में आराम करने के लिए छोटे ब्रेक भी लेते हैं।
किन लोगों के लिए है परफेक्ट?
यह फ्रीलांसर, वर्क-फ्रॉम-होम करने वालों और ऐसे लोगों के लिए बहुत अच्छा है जिन्हें राइटिंग, कोडिंग या किसी जरूरी काम के लिए शांत वातावरण की जरूरत होती है।
कैसी होती है बनावट?
इस तरह के वर्क स्पेस की बनाने के कई बातों का ध्यान रखा जाता है। आमतौर पर बड़े को-वर्किंग ऑफिस के अंदर ही एक अलग क्वाइट जोन बना दिया जाता है या फिर अकेले काम करने के लिए छोटे-छोटे बंद साइलेंट केबिन बनाए जाते हैं, जहां लोग शांति से काम कर सकते हैं।
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क्यों बढ़ रहा इसका चलन?
इस तरह के माहौल के काम करने का असली मकसद काम की स्पीड और प्रोडक्टिविटी को बढ़ाना, शोर से होने वाले तनाव को कम करना और बिना किसी डिस्टर्बेंस वाला फोकस के साथ काम करने में मदद मिलती है। ऐसे में इसके शांत और शानदार माहौल के कारण यह लोगों को पसंदीदा बनता जा रहा है।
किन बातों का रखें ध्यान
इस वर्क स्पेस को बनाने का मुख्य उद्देश्य ही लोगों को शांति देना है। ऐसे में अगर आप किसी साइलेंट को-वर्किंग स्पेस में काम कर रहे हैं, तो यहां शांति जरूर बनाए रखें।
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(Picture Credit- AI Generated)
यहां पर लोगों से उम्मीद की जाती है कि वे आपस में बात न करें, अपना फोन साइलेंट मोड पर रखें और कीबोर्ड पर जोर-जोर से टाइप करने से बचें, ताकि साथ में काम करने वाले किसी दूसरे व्यक्ति को डिस्टर्बेंस न हो।