नर्सरी राइम्स पर टेकनो बीट्स का तड़का, भारत के बड़े शहरों में तेजी से बढ़ रहा है ‘बेबी रेव’ का क्रेज
भारत में एक नया चलन तेजी से बढ़ रहा है, जिसे बेबी रेव कहते हैं। इन पार्टीज में दो से दस साल के बच्चे अपने माता-पिता के साथ डिस्को लाइट्स और टेकनो बीट् ...और पढ़ें
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टेक्नो बीट्स पर झूम रहे हैं बच्चे (Picture Courtesy: Freepik)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। क्या आपने कभी सोचा है कि दो से दस साल के बच्चे डिस्को लाइट्स और टेकनो बीट्स पर झूमते हुए नजर आएंगे? यह कोई सपना नहीं, बल्कि मुंबई के बांद्रा और भारत के अन्य शहरों में अब हकीकत बन चुका है। इसे 'बेबी रेव' (Baby Rave) कहा जा रहा है, जो छोटे बच्चों और उनके माता-पिता के बीच एक नया क्रेज बनकर उभरा है।
क्या है बेबी रेव का कॉन्सेप्ट?
आमतौर पर रेव शब्द सुनते ही देर रात तक चलने वाली पार्टी का ख्याल आता है, लेकिन बेबी रेव पूरी तरह बच्चों के लिए है। इसकी शुरुआत ऑस्ट्रेलियाई डीजे लेनी पियर्स ने की थी। उन्होंने टॉडलर टेकनो पेश किया, जिसमें व्हील्स ऑन द बस जैसी नर्सरी राइम्स को टेकनो बीट्स के साथ रिमिक्स किया गया।
अब भारत में भी यह ट्रेंड काफी मशहूर हो रहा है। पिछले एक साल में मुंबई, बेंगलुरु और जोधपुर जैसे शहरों में लगभग 20 बेबी रेव आयोजित किए जा चुके हैं।

(AI Generated Image)
मस्ती के साथ बच्चों का विकास
इस अनोखी पार्टी के पीछे का मकसद बच्चों को एक सेंसोरियल एक्सपीरिएंस देना है। दरअसल, ऐसे पार्टी आयोजकों का मानना है कि बच्चे खाली बैठना पसंद नहीं करते, उन्हें हिलना-डुलना और म्यूजिक पसंद है। ऐसे में इस तरह की पार्टियों में बच्चों को कई फायदे मिल सकते हैं, जैसे-
- स्क्रीन से दूरी- यह बच्चों को मोबाइल और टीवी से दूर रखने का एक शानदार तरीका है।
- आत्मविश्वास और सोशल स्किन- ऐसी पार्टीज में डांस करने और दूसरे बच्चों के साथ घुलने-मिलने से उनका आत्मविश्वास बढ़ता है और दूसरे के साथ कैसे व्यवहार करना है इसकी समझ भी विकसित होती है।
- क्रिएटिव एक्सप्रेशन- म्यूजिक बच्चों के लिए अपनी भावनाओं को जाहिर करने का एक बेहतरीन जरिया बनता है।
कैसा होता है यहां का माहौल?
बेबी रेव का माहौल किसी बड़े क्लब जैसा ही होता है, लेकिन इसे बच्चों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया जाता है।
खबरें और भी
- म्यूजिक- यहां बेबी शार्क, लकड़ी की काठी और हेड, शोल्डर्स, नीज एंड टोज जैसे गानों के साथ-साथ हिट गानों के रिमिक्स बजाए जाते हैं।
- ड्रेस कोड- इन पार्टियों का ड्रेस कोड अक्सर फंकी, शाइनी और ब्लिंगी होता है। बच्चों को पॉम-पॉम और स्कार्फ भी दिए जाते हैं।
- समय और सुरक्षा- वयस्कों की पार्टी के उलट, ये शाम 5 बजे शुरू होकर 7:30 बजे तक खत्म हो जाती हैं। कानों की सुरक्षा के लिए म्यूजिक की आवाज का स्तर भी कम रखा जाता है।
माता-पिता के लिए भी है खास
अक्सर माता-पिता बच्चे होने के बाद अपनी नाइटलाइफ को याद करते हैं, लेकिन बेबी रेव उन्हें अपने बच्चों के साथ मिलकर मस्ती करने का मौका देता है। आमतौर पर बच्चों की पार्टियों में माता-पिता किनारे बैठकर बातें करते हैं, लेकिन बेबी रेव में पेरेंट्स अपने बच्चों के साथ डांस फ्लोर पर झूम सकते हैं।
टिकट और आयोजन
इन इवेंट्स के टिकट की कीमत 300 रुपये से लेकर 1,500 रुपये के बीच होती है। कुछ पार्टीज में खाने के कूपन, टैलेंट शो और डीजे डांस ट्यूटोरियल भी शामिल होते हैं।