Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    क्वाइट क्विटिंग हुआ पुराना, अब है ‘Job Hugging’ का ट्रेंड; क्या यह आपके करियर के लिए सही है?

    Updated: Thu, 29 Jan 2026 05:06 PM (GMT+05:30)

    कॉर्पोरेट जगत में 'जॉब हगिंग' एक नया ट्रेंड है, जहां कर्मचारी आर्थिक अनिश्चितता और छंटनी के डर से अपनी मौजूदा नौकरी को कसकर पकड़े रहते हैं। यह जॉब हॉप ...और पढ़ें

    क्या है जॉब हगिंग का नया ट्रेंड? (Picture Courtesy: Freepik)

    क्या है जॉब हगिंग का नया ट्रेंड? (Picture Courtesy: Freepik)

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। कॉर्पोरेट वर्ल्ड में समय-समय पर नए शब्द और ट्रेंड्स आते रहते हैं। पिछले कुछ सालों हमने क्वाइट क्विटिंग और ग्रेट रेजिग्नेशन जैसे शब्दों के बारे में सुना। लेकिन 2025 और 2026 के आर्थिक स्थिति को देखते हुए एक नया शब्द तेजी से उभरा है, जॉब हगिंग (Job Hugging)।

    जहां पहले लोग बेहतर मौकों के लिए तुरंत नौकरी बदलने में विश्वास रखते थे, वहीं अब कर्मचारी अपनी मौजूदा नौकरी को कसकर पकड़ने की कोशिश कर रहे हैं। आइए जानते हैं क्या है यह ट्रेंड और यह क्यों चर्चा में है।

    जॉब हगिंग क्या है?

    जॉब हगिंग का सीधा सा मतलब है अपनी वर्तमान नौकरी के लिए ज्यादा वफादारी दिखाना और उसे किसी भी कीमत पर बचाए रखना। यह जॉब हॉपिंग के ठीक उल्टा है। इसमें कर्मचारी नई नौकरी की तलाश करने या जोखिम लेने के बजाय अपनी मौजूदा स्थिति में ही सुरक्षित रहना चाहता है। वह अपनी कंपनी के लिए ज्यादा समर्पण दिखाता है और छंटनी के डर से खुद को एक बेहतर और मेहननती कर्मचारी के रूप में दिखाने की कोशिश करता है।

    क्यों बढ़ रहा है इसका ट्रेंड?

    जॉब हगिंग का चलन बढ़ने के पीछे कई सामाजिक और आर्थिक कारण हैं-

    • आर्थिक चुनौतियां- वैश्विक बाजार में मंदी की आहट और बढ़ती महंगाई ने लोगों को डरा दिया है। जब अर्थव्यवस्था अस्थिर होती है, तो लोग नई कंपनी में लास्ट इन, फर्स्ट आउट यानी नया आने वाला सबसे पहले निकाला जाता है, के डर से पुरानी नौकरी नहीं छोड़ते।
    • छंटनी का दौर- टेक और अन्य सेक्टरों में बड़े पैमाने पर हुई छंटनी ने कर्मचारियों के बीच असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है। अपनी नौकरी को पकड़े रहना एक सर्वाइवल मैकेनिज्म बन गया है।
    • हाइब्रिड वर्क और सुविधाएं- कई कर्मचारी ऐसी कंपनियों को छोड़ना नहीं चाहते जो उन्हें वर्क-फ्रॉम-होम या फ्लेक्सिबिलिटी दे रही हैं, क्योंकि नई नौकरी में यह सुविधा मिलेगी या नहीं, इसकी कोई गारंटी नहीं होती।

    जॉब हगिंग के क्या नुकसान हो सकते हैं?

    सुनने में यह सुरक्षित लग सकता है, लेकिन लंबे समय में यह कर्मचारी और कंपनी दोनों के लिए नुकसानदेह हो सकता है-

    खबरें और भी

    • करियर ग्रोथ का रुकना- जब आप केवल सुरक्षा के लिए एक ही जगह टिके रहते हैं, तो आप नए स्किल्स सीखने या चुनौतीपूर्ण भूमिकाएं लेने से डरते हैं। इससे आपकी प्रोफेशनल ग्रोथ धीमी हो सकती है।
    • बर्नआउट का खतरा- अपनी उपयोगिता साबित करने के चक्कर में कर्मचारी अक्सर जरूरत से ज्यादा काम करने लगते हैं। यह मानसिक तनाव और बर्नआउट का कारण बनता है।
    • सैलरी में स्थिरता- अक्सर नौकरी बदलने से वेतन में जितनी बड़ी बढ़ोतरी मिलती है, उतनी एक ही कंपनी में बने रहने से नहीं मिल पाती। जॉब हगिंग के कारण कर्मचारी कम तनख्वाह पर भी समझौता कर लेते हैं।
    • कंफर्ट जोन का जाल- लंबे समय तक एक ही माहौल में रहने से कर्मचारी बदलाव को लेकर डर महसूस करने लगते हैं, जिससे उनकी अडैप्टे करने की क्षमता खत्म हो जाती है।