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    महीनों से रुकी है पौधे की ग्रोथ? मिट्टी में मिलाएं 10 जादुई चीज, हफ्तेभर में दिखेगा कमाल

    By Meenakshi NaiduEdited By: Harshita Saxena
    Updated: Wed, 22 Apr 2026 02:33 PM (IST)

    पौधों की सही ग्रोथ के लिए मिट्टी की उर्वरक क्षमता बेहद जरूरी है। जब मिट्टी खराब हो जाती है तो इसके संकेत जैसे पत्तों का पीला होना, फूल-फल कम लगना, मिट ...और पढ़ें

    मिट्टी को उपजाऊ बनाने के आसान और प्रभावी तरीके (Picture Credit- AI Generated)

    मिट्टी को उपजाऊ बनाने के आसान और प्रभावी तरीके (Picture Credit- AI Generated)

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    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। मिट्टी की उर्वरक क्षमता पौधों की सेहत और उनके समुचित विकास की बुनियाद होती है। अगर मिट्टी पोषक तत्वों से भरपूर न हो, तो पौधों की जड़ें कमजोर हो जाती हैं और उनकी ग्रोथ भी धीमी हो जाती है। अक्सर हम देखते हैं कि पौधों के पत्ते पीले पड़ने लगते हैं, फूल-फल कम निकलते हैं, पौधों की जड़ों में ताकत नहीं रहती और पानी देने के बावजूद मिट्टी सख्त होकर दरारों में बदल जाती है।

    ये सभी संकेत इस बात के होते हैं कि मिट्टी की उर्वरक क्षमता कम हो चुकी है और उसमें सुधार की जरूरत है। यहां कुछ बेहद आसान और प्रभावी तरीके बताए जा रहे हैं, जिनसे आप घर या बगीचे की मिट्टी को फिर से उपजाऊ और पौधों के लिए अनुकूल बना सकते हैं 

    कम्पोस्ट का उपयोग करें

    जैविक कम्पोस्ट मिट्टी के लिए सबसे अच्छा प्राकृतिक फर्टिलाइजर है। इसमें किचन वेस्ट, पत्तियां और बायोडिग्रेडेबल कचरा मिलाकर तैयार किया जाता है, जिससे मिट्टी की संरचना बेहतर होती है और पौधों को आवश्यक पोषक तत्व मिलते हैं।

    गोबर की खाद

    बहुत पुराने समय से गोबर की खाद मिट्टी की ताकत बढ़ाने में उपयोगी रही है। यह न केवल नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और पोटैशियम का अच्छा स्रोत है बल्कि मिट्टी में सूक्ष्मजीवों की संख्या भी बढ़ाती है।

    हरी खाद

    मिट्टी में हरी खाद जैसे कि ढैंचा, सन, मूंग जैसी फसलें बोकर फिर मिट्टी में मिला देने से उसे एक्स्ट्रा नाइट्रोजन और ऑर्गैनिक पदार्थ मिलते हैं। जिससे मिट्टी की उर्वरक क्षमता बढ़ती है।

    वर्मी कम्पोस्ट

    केंचुओं द्वारा बनाई गई खाद मिट्टी की उर्वरक क्षमता को कई गुना बढ़ा देती है। यह हल्की, भुरभुरी और पोषक तत्वों से भरपूर होती है। 

    जैविक मल्चिंग

    सूखी पत्तियां, भूसी, लकड़ी के छोटे टुकड़े या घास को मिट्टी की सतह पर बिछाकर मल्चिंग करें। इससे मिट्टी की नमी बनी रहती है, खरपतवार कम उगते हैं और इनके सड़ने पर मिट्टी की उर्वरक क्षमता बढ़ती है।

    खबरें और भी

    फसल चक्र

    अगर आप खेती या बड़े गार्डन में पौधे लगा रहे हैं तो एक ही जगह बार-बार एक ही प्रकार की फसल न उगाएं उनकी जगह बदलते रहें।

    बायो फर्टिलाइजर

    आजकल मार्केट में राइजोबियम, ऐजोटोबैक्टर और फॉस्फेट घुलनशील बैक्टीरिया जैसे जैव उर्वरक उपलब्ध हैं, जो मिट्टी की उर्वरक क्षमता को बढ़ाते हैं।

    पानी का संतुलित उपयोग

    जरूरत से ज्यादा पानी देने से मिट्टी के पोषक तत्व बह जाते हैं। इसलिए जरूरत के अनुसार ही पानी दें और मिट्टी की नमी को बनाए रखें।

    लकड़ी की राख

    लकड़ी की राख मिट्टी में पोटैशियम और कैल्शियम का स्तर बढ़ाती है, जिससे  फूल-फल उत्पादन बेहतर होता है।

    किचन वेस्ट लिक्विड फर्टिलाइजर

    सब्जियों के छिलकों या चाय की पत्ती को पानी में भिगोकर कुछ दिनों तक छोड़ दें फिर डालें,इसे मिट्टी में डालने से उसकी उर्वरक क्षमता बढ़ती है।

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