शादियों में ‘क्वाइट लग्जरी’ क्यों बन रही पहली पसंद, जानिए इसके पीछे की वजह
शादियों में भारी लहंगे, ओवरडोज ज्वैलरी और चटक रंग की थीम से हटकर अब दूल्हा-दुल्हन सादगी, एलिगेंस और पर्सनल स्टाइल को तरजीह दे रहे हैं। आइए जानते हैं, ...और पढ़ें

युवाओं को पसंद आ रही है क्वाइट लग्जरी वाली वेडिंग

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आज की पीढ़ी शादी को शोर-शराबा या दिखावे का नहीं, बल्कि व्यक्तिगत अनुभवों को संजोने का एक अवसर मानती है। इसलिए आजकल शादियों में ‘क्वाइट लग्जरी’ का ट्रेंड दिखाई दे रहा है।
कपल्स अब मिनिमल स्टाइल और मैक्सिमम इमोशन से जुड़ी शादी को प्राथमिकता दे रहे हैं। ऐसी शादी का एक खूबसूरत नजारा हाल में अभिनेत्री सामंथा-प्रभु की शादी के दौरान देखने को मिला, जिसमें सामंथा का ‘क्वाइट लग्जरी’ लुक इस बदलते ब्राइडल ट्रेंड की मिसाल बनकर उभरा।
दरअसल, आज की पीढ़ी ताम-झाम से हटकर शादियों में भावनाओं को अधिक महत्व दे रही है। आर्थिक रूप से स्वतंत्र यह पीढ़ी अपनी पसंद और कंफर्ट के हिसाब से शादी के इवेंट की योजना बनाती है। शादी के इवेंट्स इनके लिए उबाउ या फिर काम चलाउ नहीं है। शादी के हर पहलू के पीछे इनके विचार जुड़े होते हैं, जो शादी की हर रस्म, पहनावे, खान-पान और सजावट में झलकते हैं।
‘क्वाइट लग्जरी’ थीम क्यों?
क्वाइट लग्जरी वेडिंग में शांति, नम्रता और सुकून देने वाली लग्जरी शामिल होती है। दरअसल, जो युवा इसे पसंद करते हैं, यह उनके व्यक्तित्व से मेल खाती है। आज की युवा पीढ़ी महंगे ब्रांड के बजाय अच्छी फिनिशिंग वाले पोशाक, ईको फ्रेंडली वेन्यू, सस्टेनेबल डेकोर और अपनों के साथ मनाए गए उत्सवों को प्रमुखता दे रही है। फैशन डिजाइनर वरिजा बजाज बताती हैं कि आज के युवा मिनिमलिस्म में विश्वास करते हैं। युवाओं की बड़ी संख्या भड़कीले रंग या शादी में शोर-शराबा पसंद नहीं करते, बल्कि सादगी में ही खूबसूरती देखते हैं।
‘क्वाइट लग्जरी’ वाली वेडिंग
इस पीढ़ी के मुताबिक विवाह केवल एक दिन का उत्सव नहीं है, बल्कि एक उद्देश्यपूर्ण और साथ मिलकर बिताए जोने वाले भावी जीवन का प्रतिबिंब है।
ये पीढ़ी वेडिंग डेकोरेशन थीम भी अपने कंफर्ट के हिसाब से चुन रही है, जिनमें उनके व्यक्तित्व की छवि दिखाई दे। यही नहीं, कुछ जोड़े ऐसे हैं, जो डीजे और पाप संगीत छोड़कर सूफी और गजल नाइट्स प्लान कर रहे हैं।
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भड़कीले थीम नहीं पसंद
गामिनी गुप्ता (वेडिंग प्लानर, शेड्स-द वेडिंग फोरम) बता रही हैं कि आज के युवा अपने विचारों और पसंद को लेकर बिल्कुल स्पष्ट हैं। वे डेकोर और थीम में भड़कीले नहीं, पेस्टल रंग पसंद कर रहे हैं। यही कारण है कि सफेद और हल्के रंग लोकप्रिय हो रहे हैं। तमाम विकल्पों के बावजूद वे अपने कंफर्ट के हिसाब से थीम और रंगों का चुनाव करते हैं। कपड़ों की बात करें, तो वे भारी-भरकम की बजाय ऐसे कपड़े पसंद कर रहे हैं, जिनमें पारंपरिक संस्कृति की झलक के साथ आधुनिकता का टच भी हो।
गहनों की पसंद में भी बदलाव
गहनों के बारे में भी उनका नजरिया बदला है। पोलकी उनकी पहली पसंद है। वे गहनों को केवल निवेश मानकर उन्हें लाकर में नहीं रखते, बल्कि उन गहनों को वे रोजमर्रा के जीवन का हिस्सा बनाते हैं। लड़कियां अब एक ही ज्वैलरी सेट हर फंक्शन में नहीं पहनतीं, बल्कि भिन्न-भिन्न पोशाक के साथ मैच करके ट्रेंडी गहनें खरीदती या बनवाती हैं। मेकअप में भी लुक टेस्ट करने के बाद ही अपनी स्किन टोन के मुताबिक मेकअप करवाती हैं। हां, इन सबके बीच शादी की ग्रैंडनेस का भी ख्याल रखा जाता है।