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लाल या सफेद क्यों नहीं होतीं स्कूल बसें? हमेशा पीला रंग होने के पीछे छिपे हैं साइंस से जुड़े दिलचस्प कारण

Published: Thu, 03 Sep 2026 09:35 AM (IST)

स्कूल बसों का रंग पीला होने के पीछे बच्चों की सुरक्षा से जुड़े वैज्ञानिक कारण हैं। यह रंग दुर्घटनाओं को कम करने में मदद करता है।

बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा है स्कूल बसों का पीला रंग (Picture Courtesy: Freepik)

बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा है स्कूल बसों का पीला रंग (Picture Courtesy: Freepik)

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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। क्या आपने कभी ध्यान दिया है कि स्कूल चाहे कोई भी हो, लेकिन उनकी बसों का रंग पीला ही होता है? ये सवाल अक्सर आपके दिमाग में आता होता कि स्कूल बसों का रंग कभी लाल या हरा क्यों नहीं होता, हमेशा पीला ही क्यों होता है। 

दरअसल, स्कूल की बसों का रंग पीला रखने के पीछे साइंस से जुड़े कुछ दिलचस्प कारण हैं, जो बच्चों की सुरक्षा से जुड़े हुए हैं। आइए जानें आखिर क्यों स्कूल बसों का रंग हमेशा पीला ही होता है। 

इंसानों की परिफेरल विजन

इंसानों की पेरिफेरल विजन यानी अगल-बगल देखने की क्षमता लाल रंग के बजाय पीले रंग की ज्यादा होती है। अगर आप सामने देख रहे होंगे, तो बगल से गुजरती पीली बस तुरंत नजर आ जाएगी। इससे सड़क पर एक्सीडेंट होने का खतरा कम होता है। 

ज्यादा विजिबिलिटी 

पीले रंग की विजिबिलिटी काफी ज्यादा होती है। इसलिए सुबह या शाम के समय, जब सर्दियों में धुंध का खतरा ज्यादा होता है या बारिश के मौसम में पीला रंग आसानी से नजर आ जाता है। इससे टक्कर होने का खतरा कम होता है, जो बच्चों की सुरक्षा के लिए जरूरी है।  

सावधानी के लिए

पीला रंग ट्रैफिक लाइट में भी इस्तेमाल होता है, जिसे देखकर लोग अपनी गाड़ी की रफ्तार धीमी कर लेते हैं। यही साइकोलॉजी पीली बसों के साथ भी अपनाई जाती है। लोग पीली बसों को देखकर अपनी गाड़ी थोड़ी धीमी कर लेते हैं, ताकि एक्सीडेंट न हो।

बेहतर रिफ्लेक्शन

पीले रंग पर काले रंग से लिखे अक्षर अच्छी तरह दिखाई देते हैं। इसलिए स्कूल की पीली बसों पर काले अक्षरों से लिखा जाता है, ताकि सड़क पर चल रहे दूसरे ड्राइवर्स के आसानी से नजर आ जाए कि सामने से स्कूल बस जा रही है। 

स्कूल की पीली बसों का इतिहास

स्कूल बसों को पीला रंगने की शुरुआत सबसे पहले 1939 में अमेरिका में हुई थी। कोलंबिया यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर फ्रैंक साइर ने अमेरिकी स्कूल बसों को पीला रंगने का स्टैंडर्ट तय करने के लिए एक कॉन्फरेंस आयोजित किया। इसमें बच्चों की सुरक्षा के लिए एक ऐसा रंग चुने जाने की बात रखी गई, जो हर मौसम में आसानी से दिखाई दे दे। इसके बाद पीले रंग का एक खास शेड चुना गया, जो धीरे-धीरे दुनियाभर के देशों में बच्चों की सुरक्षा के लिए एक मानक बन गया। 

स्कूल बस से जुड़े नियम

भारत में स्कूल बसों की सुरक्षा को लेकर काफी सख्त नियम हैं। सभी स्कूल की बसों का रंग पीला होना चाहिए और उसके आगे और पीछे साफ अक्षरों में स्कूल बस लिखा होना जरूरी है। अगर गाड़ी किराए पर चलाई जा रही है, तो इस पर ऑन स्कूल ड्यूटी लिखा होना चाहिए। साथ ही, बस के अंदर फायर एंक्सटिंग्यूशर, इमरजेंसी एक्जिट और फर्स्ट एड किट जरूर होना चाहिए।