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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 28, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Morena Ki Gajak: विदेशियों को भी भाया मुरैना की गजक का स्वाद, GI टैग के साथ अब विदेशों में होगी इसकी ब्रांडिंग

    By Harshita SaxenaEdited By: Harshita Saxena
    Updated: Tue, 28 Mar 2023 11:28 AM (IST)

    Morena Ki Gajak मुरैना की गजक का स्वाद पूरे देश में काफी मशहूर है। अपने इसी स्वाद और खासियत की वजह से अब इसे जीआइ टैग मिल चुका है। इस उपलब्धि पर देश क ...और पढ़ें

    मुरैना की गजक को मिला जीआइ टैग
    मुरैना की गजक को मिला जीआइ टैग

    नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। Morena Ki Gajak: शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति हो, जिसे मीठा खाना पसंद न हो। मीठे के प्रति लोगों की इसी लोकप्रियता के चलते देशभर में अलग-अलग जगह की कई सारी मिठाइयां काफी मशहूर हैं। आगरा के पेठे से लेकर बंगाल की मिष्ठी दोई तक देश ही नहीं दुनियाभर में इन्हें बड़े चाव से खाया जाता है। ऐसी ही एक और मिठाई है, जिसने हाल ही में ज्योग्राफिकल इंडिकेटर यानि जीआइ टैग हासिल किया है। गजक का नाम सुनते ही सभी को मुरैना याद आ जाता है। मुरैना की खस्ती करारी गजक का स्वाद तो हर किसी को भाता है। लेकिन अब इसका स्वाद विदेशियों की जुबां पर भी चढ़ गया है।

    मुरैना की गजक को मिला जीआइ टैग

    मुरैना की गजक को मिले जीआइ टैग की उपलब्धि पर खुद देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा करते हुए खुशी जाहिर की। इसके अलावा पीएम और केंद्रीय मंत्री ने रीवा के सुंदरजा आम और छत्तीसगढ़ के धमतरी के नागरी दूबराज चावल को भी जीआई टैग मिलने पर प्रसन्नता जताई है। इतना ही नहीं खुद प्रदेश में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह मुरैना की गजक को जीआई टैग मिलने पर खुशी जाहिर करते हुए सभी प्रदेशवासियों को बधाई दी।

    विदेशियों को भी भाया गजक का स्वाद

    बात करें गजक की तो, यूं तो देश के कई शहरों में इसका निर्माण होता है, लेकिन मुरैना की गजक का स्वाद कुछ अलग ही है। यहां बनाई जाने वाली गजक बेहद खस्ता और लजीज होती है, जिसकी वजह से इसे देशभर में काफी पसंद किया जाता है। आलम यह है कि अब लोग गजक खरीदते समय सिर्फ मुरैना की गजक ही लेना पसंद करते हैं। हाल ही में दिल्ली में आयोजित हुए फूड फेस्टिवल में भी मुरैना की गजक को काफी पसंद किया था। इस फेस्टिवल में इटली, दुबई, ब्रिटेन से आए डेलीगेट्स ने न सिर्फ मुरैना की गजक का स्वाद चखा, बल्कि इसे काफी पसंद किया।

    दुबई में होगी गजक की ब्रांडिंग

    मुरैना की गजक के विदेशी इस कदर मुरीद हो गए कि इस दौरान इसके निर्यात पर भी विचार-विर्मश किया गया। इसी क्रम में दुबई में होने वाले आगामी फेस्टिवल में मुरैना की गजक की ब्रांडिंग की जाएगी। बीते कई साल से मुरैना की गजक को जीआइ टैग दिलाने कोशिश की जा रही थी, जो आखिरकार अब रंग लाई है। मुरैना की गजक का स्वाद बीते 100 वर्षों से लोगों की जुबां पर चढ़ा हुआ है। ऐसे में जीआइ टैग मिलने अब इसे पूरी दुनिया में नई पहचान हासिल होगी।

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    क्या है जीआइ टैग

    जियोग्राफिकल इंडिकेशंस यानी जीआइ टैग एक प्रकार का लेबल होता है, जिसके तहत किसी क्षेत्र के प्रोडक्‍ट को विशेष भौगोलि‍क पहचान दी जाती है। आसान शब्दों में कहे तो यह टैग किसी भी क्षेत्र के ऐसे क्षेत्रीय उत्पाद को दिया जाता है, जिससे उस जगह को खास पहचान मिलती है। इसे हिंदी में भौगोलिक संकेतक नाम से जाना जाता है। जीआई विशेष क्षेत्रीय उत्पाद की ख्याति को प्रमाणित करने और उस उत्पाद को पहचान दिलाने एक प्रक्रिया होती है।

    Picture Courtesy: Freepik