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    क्लास टेस्ट का नाम सुनते ही घबरा जाता है बच्चा? इन आसान तरीकों से कम कर सकते हैं उनकी एंग्जायटी

    Updated: Sun, 05 Apr 2026 07:29 PM (IST)

    बच्चों के मन में अगर क्लास टेस्ट को लेकर डर है, तो इसे दूर करना जरूरी है। डर के कारण सबकुछ आते हुए भी बच्चे अच्छा परफॉर्म नहीं कर पाते। ...और पढ़ें

    क्लास टेस्ट से डरा हुआ है बच्चा? (Picture Courtesy: Freepik)

    क्लास टेस्ट से डरा हुआ है बच्चा? (Picture Courtesy: Freepik)

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    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। कई बच्चों के लिए स्कूल टेस्ट किसी डरावने सपने से कम नहीं होता। अक्सर घबराहट और स्ट्रेस के कारण वे अक्सर वह भी भूल जाते हैं, जो उन्हें अच्छे से याद होता है।

    ऐसे में पेरेंट के तौर पर आप उनके अंदर बैठी इस टेस्ट एंग्जायटी को कम करने में काफी अहम भूमिका निभा सकते हैं। आइए जानें कैसे बच्चों के इस डर को कम करने में आप उनकी मदद कर सकते हैं। 

    टेस्ट के लिए नजरिया बदलें

    अक्सर बच्चे इसलिए डरते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि टेस्ट में अच्छे नंबर नहीं आए, तो स्कूल में और घर पर उन्हें बुद्धू समझा जाएगा। उन्हें समझाएं कि टेस्ट सिर्फ यह जानने का तरीका है कि उन्होंने अब तक क्या सीखा है और किन क्षेत्रों में और सुधार की जरूरत है। टेस्ट को हार-जीत के बजाय सीखने की प्रक्रिया का हिस्सा बताएं।

    Kid scared for class test (1)

    (AI Generated Image)

    साथ मिलकर स्टडी प्लान बनाएं

    डर का एक बड़ा कारण सिलेबस का पूरा न होना या आखिरी समय की भागदौड़ होती है। परीक्षा से कुछ दिन पहले ही एक आसान टाइम-टेबल बनाएं। बड़े चैपटर्स को छोटे-छोटे हिस्सों में बांट दें। जब बच्चा छोटे लक्ष्य पूरे करता है, तो उसका आत्मविश्वास बढ़ता है और डर कम होने लगता है।

    पॉजिटिव बातचीत को बढ़ावा दें

    बच्चों को अक्सर यह डर रहता है कि वे पढ़ा हुआ सब भूल जाएंगे या उन्हें कुछ आता नहीं है। यह नकारात्मकता उनके तनाव को बढ़ाती है। उन्हें पॉजिटिव बातें करने के लिए प्रोत्साहित करें और आप खुद भी उनसे पॉजिटिव बातें करें। इससे उनका कॉन्फिडेंस बढ़ेगा। 

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    रिलैक्सेशन तकनीक सिखाएं

    घबराहट के शारीरिक लक्षण जैसे पसीने आना या दिल की धड़कन तेज होना बच्चे को और डरा देते हैं। उन्हें गहरी सांस लेने की प्रैक्टिस कराएं। उन्हें सिखाएं कि अगर एग्जाम हॉल में डर लगे, तो 2 मिनट के लिए आंखें बंद करें और गहरी सांस लें। इससे दिमाग शांत होता है और याददाश्त बेहतर काम करती है।

    भरपूर नींद और खान-पान का ध्यान रखें

    अधूरी नींद और खाली पेट दिमाग की काम करने की क्षमता को कम कर देते हैं, जिससे तनाव बढ़ता है। इसलिए सुनिश्चित करें कि टेस्ट से पहली रात बच्चा कम से कम 7-8 घंटे की नींद ले। देर रात तक जागकर रट्टा मारने से बचें। परीक्षा के दिन उन्हें हल्का लेकिन पौष्टिक नाश्ता दें ताकि बच्चा एनर्जेटिक महसूस करे।