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    हर बात पर रोने और जिद्द करने लगा है बच्चा? डांट नहीं, ये स्मार्ट ट्रिक्स सुधारेंगी उसकी आदत

    Updated: Mon, 04 May 2026 06:30 AM (IST)

    बच्चों की जिद्द करने की आदत को दूर करने के लिए पेरेंट्स कुछ आसान टिप्स अपना सकते हैं। ...और पढ़ें

    बच्चों की जिद्द करने की आदत कैसे दूर करें? (AI Generated Image)

    बच्चों की जिद्द करने की आदत कैसे दूर करें? (AI Generated Image)

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    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। बढ़ती उम्र में कुछ चीजों के लिए बच्चों का जिद्द करना सामान्य बात है, लेकिन जब यह बात-बात पर होने लगे, तो यह माता-पिता के लिए मानसिक और भावनात्मक चुनौती बन जाता है। अक्सर बच्चे अपनी भावनाओं को जाहिर करने का सही तरीका नहीं जानते, इसलिए वे जिद्द को एक हथियार के रूप में इस्तेमाल करते हैं।

    समय पर इस आदत में सुधार न किया जाए, तो आगे चलकर बच्चे के साथ-साथ माता-पिता को भी परेशानी हो सकती है। अगर आपका बच्चा भी जिद्दी होता जा रहा है, तो आइए जानें कुछ टिप्स, जिनकी मदद से प्यार और समझदारी से आप बच्चे की इस आदत को सुधार सकते हैं। 

    रिएक्शन देने में जल्दबाजी न करें

    जब बच्चा चिल्लाकर या रोकर किसी चीज की मांग करता है, तो माता-पिता अक्सर या तो गुस्से में चिल्लाने लगते हैं या हार मानकर उसकी मांग पूरी कर देते हैं। ये दोनों ही स्थितियां गलत हैं। आपकी चीख-पुकार बच्चे को अग्रेसिव बनाती है। इसके बजाय, शांत रहें। जब बच्चा देखेगा कि उसके हंगामे का आप पर कोई असर नहीं हो रहा है, तो धीरे-धीरे वह इस आदत को छोड़ देगा।

    सुनने की आदत डालें

    कभी-कभी बच्चा इसलिए जिद्द करता है, क्योंकि उसे लगता है कि उसकी बात सुनी नहीं जा रही है। उसकी आंखों में आंखें डालकर बात करें और समझने की कोशिश करें कि वह असल में क्या चाहता है। जब बच्चे को लगता है कि उसे समझा जा रहा है, तो उसका जिद्दी स्वभाव अपने आप कम होने लगता है।

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    Stubborn kid (1)

    (AI Generated Image)

    ऑप्शन दें

    बच्चों को तब बहुत अच्छा लगता है जब उन्हें लगता है कि फैसला उनका है। सीधे ऑर्डर देने के बजाय उन्हें ऑप्शन दें। इससे बच्चे को लगेगा कि उसकी जिंदगी उसके कंट्रोल में है और जिद्द करने की संभावना कम हो जाती है।

    रूटीन फॉलो करें

    अनिश्चितता बच्चों में चिड़चिड़ापन पैदा करती है। अगर उनके सोने, खाने, खेलने और पढ़ाई का समय फिक्स है, तो उन्हें पता होता है कि आगे क्या होने वाला है। एक फिक्स रूटीन बच्चे को सुरक्षा का एहसास कराती है, जिससे बेवजह की जिद्द में कमी आती है।

    ना कहने का सही तरीका

    हर बात पर नहीं कहना बच्चे को नेगेटिव बना सकता है। यदि बच्चा चॉकलेट मांग रहा है और आप नहीं देना चाहते, तो नहीं, दांत खराब हो जाएंगे कहने के बजाय कहें कि हम संडे को चॉकलेट खाएंगे। बात को पॉजिटिव तरीके से घुमाने से बच्चे में नेगेटिविटी नहीं आती।

    अच्छे व्यवहार की तारीफ करें

    हम अक्सर बच्चे के गलत व्यवहार पर तो ध्यान देते हैं, लेकिन जब वह शांत रहता है या कोई अच्छी बात मानता है, तो उसे अनदेखा कर देते हैं। जब भी बच्चा बिना जिद्द किए आपकी बात माने, उसकी तारीफ करें। उसे बताएं कि आपको उसका यह व्यवहार कितना पसंद आया।