यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 21, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
दिन-ब-दिन गुस्सैल और एग्रेसिव होता जा रहा है बच्चा, तो माता-पिता ऐसे बनाएं उसे शांत और समझदार
क्या आपका बच्चा भी बात-बात पर गुस्से में आ जाता है? मन मुताबिक काम न होने पर उसका एग्रेसिव बिहेवियर सामना आता है जो कि आपके लिए अब एक सिरदर्द बन गया ह ...और पढ़ें

HighLights
- बच्चों का गुस्सैल और एग्रेसिव बिहेवियर एक गंभीर समस्या है। ऐसे बच्चे को हैंडल करते समय माता-पिता को बहुत समझदारी दिखानी होती है।
- ऐसे बच्चे को हैंडल करते समय माता-पिता को बहुत समझदारी दिखानी होती है।
- कुछ पेरेंटिंग टिप्स की मदद से बच्चों के इस व्यवहार को सुधारा जा सकता है।
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। Parenting Tips: आजकल के दौर में बच्चों का गुस्सैल और एग्रेसिव बिहेवियर एक आम समस्या बनती जा रही है। छोटी-छोटी बातों पर बच्चों का गुस्सा फूटना, दूसरों के साथ झगड़ना और हिंसक बरताव पर उतर आना, ये सब चिंता का विषय है।
ऐसे में, माता-पिता के लिए यह समझना जरूरी है कि ऐसा क्यों हो रहा है और इस पर कैसे काबू पाया जा सकता है। अगर आप भी इस समस्या से जूझ रहे हैं, तो यह आर्टिकल काफी फायदेमंद साबित हो सकता है क्योंकि यहां हम ऐसे बच्चों को मैनेज करने के कुछ खास तरीके (Child Anger Management) शेयर करने जा रहे हैं।
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बच्चों में गुस्से के कारण
- परिवार का माहौल: माता-पिता के बीच लगातार झगड़े, स्ट्रेसफुल माहौल या फिर माता-पिता का बच्चे पर बहुत ज्यादा प्रेशर डालना बच्चे को स्ट्रेस का शिकार बना सकता है और गुस्से को बढ़ावा दे सकता है।
- सोशल मीडिया का ज्यादा इस्तेमाल: आजकल बच्चे बहुत ज्यादा समय सोशल मीडिया पर बिताते हैं। इससे उनमें अकेलापन, चिंता और तनाव बढ़ सकता है, जिसके चलते भी गुस्सा बढ़ सकता है।
- अनुशासन की कमी: अगर बच्चों को बचपन से ही अनुशासन नहीं सिखाया जाता है, तो वे अपनी फीलिंग्स को मैनेज करना नहीं सीख पाते हैं और गुस्से में आ जाते हैं।
- मनोवैज्ञानिक समस्याएं: कुछ बच्चों में गुस्सा किसी मनोवैज्ञानिक समस्या जैसे कि एडीएचडी, ऑटिज्म या फिर किसी अन्य डिसऑर्डर के कारण हो सकता है।
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बच्चों का गुस्सा शांत करने के तरीके
- बच्चे को समय दें: बच्चों को समय देना बहुत जरूरी है। उनके साथ खेलें, बातचीत करें और उनकी भावनाओं को समझने की कोशिश करें। इससे बच्चे को लगेगा कि आप उनकी परवाह करते हैं और वह आपके साथ अपनी बातें साझा कर सकता है।
- शांत माहौल दें: बच्चों को शांत और तनावमुक्त वातावरण देने की कोशिश करें। घर में एक ऐसा माहौल बनाएं जहां बच्चा सुरक्षित महसूस करे और जहां वह अपनी भावनाओं को जाहिर कर सके।
- समझाने की कोशिश करें: जब बच्चा गुस्सा हो तो उसे शांत करने की कोशिश करें और उसे अपनी समस्याओं का समाधान निकालने में मदद करें। उसे बताएं कि गुस्सा करना समस्या का समाधान नहीं है।
- पॉजिटिव अप्रोच से काम लें: जब बच्चा अच्छा बरताव करे तो उसकी तारीफ करें और उसे इनाम भी दें। इससे बच्चे को मोटिवेशन मिलेगा और वह अच्छा बरताव करना जारी रखेगा।
- ध्यान और योग की मदद: ध्यान और योग बच्चों को शांत रहने और अपनी भावनाओं काबू रखना सिखा सकते हैं।
- प्रोफेशनल की मदद लें: अगर बच्चे का गुस्सा बहुत ज्यादा है और आप उसे कंट्रोल नहीं कर पा रहे हैं, तो किसी एक्सपर्ट से मदद ले सकते हैं।
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