जब बेटी बड़ी होने लगे तो अपनाएं ‘सहेली वाला' अंदाज, ऐसे करें क्रश और पीरियड्स जैसे मुश्किल विषयों पर बात
लड़की का शरीर टीनेज में सबसे तेजी से विकसित होता है जिसका सीधा असर उनके लाइफस्टाइल पर पड़ता है। ...और पढ़ें

टीनएज बेटी से मुश्किल विषयों पर बात करने का सही तरीका (Image Source: AI Generated Image)

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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। 13-19 साल की उम्र सिर्फ एक उम्र नहीं जिंदगी का नया पड़ाव होता है, जब बच्चे बड़े हो रहे होते हैं। इस दौरान वैसे तो लड़का और लड़की दोनों के शरीर में बदलाव होते हैं, लेकिन लड़की का शरीर टीनेज में सबसे तेजी से विकसित होता है जिसका सीधा असर उनके लाइफस्टाइल पर पड़ता है। पेरेंट्स के लिए बेटी का यह बदलता लाइफस्टाइल टेंशन बढ़ा देता है क्योंकि इस उम्र में बहुत से ऐसे मुश्किल विषय हैं जिनपर बेटी से बात करना जरूरी है, पर पता नहीं है कि कैसे बात की जाए।
टीनएज बेटी से मुश्किल विषयों पर बात करने का सही तरीका
टीनेज में बेटी को क्या खाना है, क्या पहनना है, कैसे रहना है जैसी बहुत सी आदतें बदल जाती हैं। अब पेरेंट्स के सामने बड़ी चुनौती होती है कि बेटी से पीरियड्स, सेक्स एजुकेशन, क्रश और शारीरिक बदलावों जैसे मुश्किल विषयों पर बात कैसे करें। इसके लिए यहां बताए गए तरीकों को फॉलो किया जा सकता है।
खुलकर बात करें
वैसे तो आजकल स्कूलों में बच्चों को इसकी जानकारी दी जाने लगी है लेकिन पेरेंट्स की यह जिम्मेदारी बनती है कि वो अपनी बेटी को प्यूबर्टी के बारे में ठीक से और खुलकर बताएं। उन्हें यह बताना जरूरी है कि वो जिस शारीरिक बदलाव से गुजर रही है, उससे सभी लड़कियां गुजरती हैं और ये सभी बातें एकदम नॉर्मल हैं।
मनगढ़ंत कहानियां मत बताएं
अगर बेटी अपने प्यूबिक हेयर, ब्रेस्ट डेवलपमेंट या रिप्रोडक्शन से जुड़ा कोई भी सवाल पूछती है तो उसे मनगढ़ंत कहानियां मत सुनाएं। अक्सर पेरेंट्स ऐसे मुश्किल विषयों से बचने के लिए कोई कहानी सुना देते हैं जिससे उन्हें एक तो अपने विश्वसनीय सोर्स से सही जानकारी नहीं मिलती और दूसरा वो इस विषय पर बात करने में फिर कभी सहज नहीं हो पाते।
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हाइजीन की जानकारी
प्यूबर्टी जब शुरू होती है तो उसके शुरू होने के साथ ही हार्मोन सीक्रेशन से सेक्सुअल हेल्थ पर असर पड़ने लगता है। ऐसे में बेटी को पीरियड्स की जानकारी देने के साथ ही वजाइना की हाइजीन के बारे में भी बताना जरूरी हो जाता है।
ओपोजिट जेंडर की तरफ अट्रैक्शन
बेटी को यह भी बताएं कि शरीर में हो रहे हॉर्मोनल बदलाव ओपोजिट जेंडर की तरफ अट्रैक्शन बढ़ाते हैं। ऐसी स्थिति में उसे खुद को कैसे संभालना है, अपनी भावनाओं पर कैसे ध्यान देना है और हेल्दी रिश्ते के बारे में क्या सीखना है, इसके बारे में बताएं। इस उम्र में क्रश होना कोई सिरियस रिलेशनशिप नहीं होता, बल्कि यह अंदर की भावनाओं को समझने के साथ रिश्ते को निभाने के तरीकों के बारे में सीख देता है।