इंस्ट्राग्राम पर फोटो नहीं, अब प्राइवेसी है असली प्यार! Gen-Z क्यों हो रही है Quiet Dating की दीवानी?
जेन-जी में 'क्वायट डेटिंग' का चलन बढ़ रहा है, जहां युवा जोड़े सोशल मीडिया पर दिखावे के बजाय रिश्ते में ...और पढ़ें

जेन-ज़ी की नई लव लैंग्वेज क्वायट डेटिंग: प्राइवेसी है असली प्यार (Picture Credit- AI Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आपने अक्सर सुना होगा प्यार किया तो डरना क्या, लेकिन नए जमाने में अब जेन-जी (Gen Z) का नया फंडा है- 'प्यार किया तो शोर क्यों मचाना?'
वैलेंटाइन वीक के इस रोमांटिक वीक में, जहां हर कोई गुलाब और टेडी के साथ फोटो डाल रहा है, वहीं कुछ कपल्स 'क्वायट डेटिंग' का ट्रेंड अपना रहे हैं। अब इंस्टाग्राम पर 'कपल गोल्स' दिखाने के बजाय, आज की युवा पीढ़ी 'प्राइवेसी' को अपनी नई लव लैंग्वेज मान रही है। चलिए जानते हैं क्या है प्यार का यह 'साइलेंट मोड'-
क्या है 'क्वायट डेटिंग'?
सीनियर साइकोलॉजिस्ट मोनिका शर्मा के मुताबिक आसान शब्दों में कहें तो 'क्वायट डेटिंग' का मतलब है शांति और समझदारी से डेट करना। इसमें आप किसी से मिलते हैं, डेट पर जाते हैं और रिश्ता बनाते हैं, लेकिन इसका ढिंढोरा नहीं पीटते।
खासकर रिश्ते की शुरुआत में, आप न तो अपने दोस्तों या परिवार को हर छोटी डिटेल बताते हैं और न ही सोशल मीडिया पर कोई स्टोरी या स्टेटस लगाते हैं। इसका मकसद यह होता है कि आप बिना किसी बाहरी दबाव या लोगों की राय के, अपने रिश्ते को खुद समझ सकें और उसे मजबूत बना सकें।
क्यों 'क्वायट डेटिंग' को चुन रहे लोग?
- ओवरथिंकिंग से आजादी- एक्टपर्ट बताते हैं कि जब हम दोस्तों को अपनी डेट की हर बात बताते हैं, तो उनकी राय हमारे फैसले पर असर डालने लगती है। कई बार हम उस इंसान की सच्चाई देखने की जगह, दोस्तों की बनाई इमेज या बातों से प्रभावित हो जाते हैं। ऐसे में अपने रिश्ते या डेट के बारे में न बताने से आप सामने वाले को वैसे ही देख और समझ पाते हैं, जैसा वह रियल में है।
- नो ड्रामा, नो प्रेशर- जब दुनिया को पता ही नहीं होगा कि आप किसे डेट कर रहे हैं, तो कोई आपसे फालतू सवाल नहीं पूछेगा और न ही बिन मांगी सलाह देगा। इससे आपके ऊपर दबाव कम रहता है। आप सोशल मीडिया पर 'कपल गोल्स' साबित करने के बजाय अपने मेंटल पीस पर ध्यान दे पाते हैं।
- दिखावे से दूर, सच्चाई के करीब- आजकल लोग दूसरों को इम्प्रेस करने के लिए रिश्ते बनाते हैं, लेकिन क्वायट डेटिंग में फोकस इस बात पर होता है कि आपको उस इंसान के साथ असल में कैसा महसूस हो रहा है, न कि यह कि आप दोनों साथ में फोटो में कैसे लग रहे हैं। यह दिखावे से ज्यादा रियल कनेक्शन पर जोर देता है।
- सोशल मीडिया की दौड़ से बाहर- इंस्टाग्राम पर अपने रिश्ते का एलान करने (जिसे 'हार्ड लॉन्च' कहते हैं) के बजाय, यह ट्रेंड प्राइवेसी को चुनना है। यह सोशल मीडिया के दिखावे के रियल लाइफ में रहने का मौका देता है।
जरूरी बात
अपना रिश्ता 'छिपाने' का मतलब यह नहीं है कि आप अपने पार्टनर को दुनिया से छिपा रहे हैं या कोई राज रख रहे हैं। इसका सीधा मतलब है कि जब तक रिश्ता किसी ठोस मुकाम पर न पहुंच जाए, तब तक उसे जगजाहिर करने की जल्दबाजी न करें।
यह ट्रेंड आजकल की नई पीढ़ी (Gen Z) में काफी पॉपुलर है, जो अब प्यार को अपनी जिंदगी का सिर्फ एक हिस्सा मानती है, न कि पूरी दुनिया। वे अब 'सॉफ्ट लॉन्च' (बिना चेहरा दिखाए फोटो डालना), क्वाइट प्रपोजल या निजी तौर पर सगाई करने में ज्यादा यकीन रखते हैं।
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