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    क्या अब रिश्तों की भी होगी एक्सपायरी डेट? आखिर क्या है डेटिंग का नया ट्रेंड ‘सनसेट क्लॉज’

    Updated: Tue, 17 Feb 2026 06:39 PM (IST)

    आजकल की डेटिंग में 'सनसेट क्लॉज' नाम का एक नया ट्रेंड युवाओं के बीच लोकप्रिय हो रहा है। इसमें दो लोग आपसी सहमति से रिश्ते की एक समय सीमा तय करते हैं। ...और पढ़ें

    क्यों युवाओं को पसंद आ रहा है सनसेट क्लॉज? (Picture Courtesy: Freepik)

    क्यों युवाओं को पसंद आ रहा है सनसेट क्लॉज? (Picture Courtesy: Freepik)

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    संक्षेप में पढ़ें

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और डिजिटल दुनिया में डेटिंग के तरीके तेजी से बदल रहे हैं। घोस्टिंग और सिचुएशनशिप के दौर में अब एक नया ट्रेंड युवाओं के बीच काफी मशहूर हो रहा है, जिसे सनसेट क्लॉज कहा जा रहा है।

    अगर आप किसी डेटिंग ऐप पर किसी से मिलते हैं, तो घंटों बातें करने और महीनों तक बिना किसी नतीजे के रिश्ते को खींचने के बजाय, आप पहले ही एक समय सीमा तय कर लेते हैं। आइए समझते हैं कि यह क्लॉज क्या है और युवा इसे इतना पसंद क्यों कर रहे हैं।

    क्या है डेटिंग में सनसेट क्लॉज?

    आमतौर पर बिजनेस कॉन्ट्रेक्ट में ऐसे क्लॉज शामिल किए जाते हैं, जिसमें पार्टनरशिप की एक समय सीमा तय की जाती है। यानी एक तय समय के बाद वह समझौता खुद खत्म हो जाता है। डेटिंग की दुनिया में भी अब ऐसा ही किया जा रहा है।

    जब दो लोग डेटिंग शुरू करते हैं, तो वे आपसी सहमति से एक एक्सपायरी डेट तय कर लेते हैं, जैसे- छह महीने या एक साल। इस दौरान वे एक-दूसरे को समझते हैं और साथ वक्त बिताते हैं। क्लॉज की शर्त यह होती है कि अगर तय समय के अंदर रिश्ते में कोई प्रोग्रेस नहीं होती या दोनों पार्टनर भविष्य को लेकर गंभीर नहीं होते, तो वे बिना किसी कड़वाहट के साथ एक-दूसरे से अलग हो जाएंगे।

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    युवाओं को क्यों पसंद आ रहा है यह क्लॉज?

    आज की पीढ़ी अपनी भावनाओं और समय को लेकर काफी क्लीयर रहना चाहती है। इस ट्रेंड के पीछे ऐसे ही कई कारण हैं-

    • समय की बचत- अक्सर लोग महीनों या सालों तक ऐसे रिश्तों में फंसे रहते हैं जिनका कोई भविष्य नहीं होता। सनसेट क्लॉज युवाओं को उस अनिश्चितता से बचाता है। उन्हें पता होता है कि एक तय समय के बाद उन्हें फैसला लेना है, जिससे समय की बर्बादी नहीं होती।
    • इमोशनल बर्नआउट से बचाव- किसी रिश्ते में बिना किसी साफ रिजल्ट के इमोशनली इंवेस्ट करना थका देने वाला हो सकता है। जब एक समय सीमा तय होती है, तो पार्टनर्स मानसिक रूप से तैयार रहते हैं। अगर बात नहीं बनती, तो अलग होना अचानक या सदमे भरा नहीं होता, बल्कि एक सोची-समझी सहमति होती है।
    • सिचुएशनशिप का अंत- आजकल सिचुएशनशिप एक बड़ी समस्या है। सनसेट क्लॉज पार्टनर्स को हां या ना के बीच का रास्ता चुनने के बजाय, एक ठोस फैसला लेने पर मजबूर करता है।
    • बिना कड़वाहट ब्रेकअप- इस क्लॉज की सबसे अच्छी बात यह है कि इसमें झगड़े या धोखे के कारण नहीं, बल्कि पहले से तय शर्त के कारण ब्रेकअप होता है। इससे दोनों के मन में एक-दूसरे के लिए सम्मान बना रहता है।