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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 31, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    दुनिया का सबसे बड़ा अंडरवॉटर म्यूजियम, जहां पानी के अंदर हैं 500 से ज्यादा आदमकद मूर्तियां

    Updated: Sun, 31 Mar 2024 11:03 AM (IST)

    Underwater Museum अगर आप कुछ अलग और एडवेंचरस जगहों को देखने में रुचि रखते हैं तो आपको मैक्सिको के कैनकन शहर में स्थित मूसा म्यूजियम जरूर देखना चाहिए ज ...और पढ़ें

    मैक्सिको में बना है दुनिया का सबसे बड़ा अंडरवॉटर म्यूजियम
    मैक्सिको में बना है दुनिया का सबसे बड़ा अंडरवॉटर म्यूजियम

    HighLights

    1. मैक्सिको के कैनकन शहर में स्थित है दुनिया का सबसे बड़ा अंडरवॉटर म्यूजियम।
    2. 4500 वर्ग फीट में फैला है यह अनोखा म्यूजियम।
    3. कोरल रीफ्स को बचाने के मकसद से हुई थी इस म्यूजियम की शुरुआत।

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। म्यूजियम ये नाम सुनते ही दिमाग में पुरानी चीज़ों को सहेजकर रखने वाली जगहों का ध्यान आता है। हालांकि बदलते समय के साथ अब म्यूजियम्स में आकर फन और एडवेंचर का एक्सपीरियंस भी लिया जा सकता है। जिसका बेहतरीन उदाहरण है दुबई का म्यूजियम ऑफ फ्यूचर, दिल्ली का टॉयलेट म्यूजियम या फिर थाईलैंड का कंडोम म्यूजियम, तो आज हम आपको ऐसे ही एक और अजीबो-गरीब म्यूज़ियम के बारे में बताने वाले हैं, जिसे देखने के लिए आपको पानी में गोते लगाने पड़ेंगे।

    इसका नाम 'म्यूजिओ सबक्यूआटिको डी आटें या अंडर वॉटर आर्ट म्यूजियम है। जिसे MUSA नाम से भी जाना जाता है। यह म्यूजियम दक्षिण अमेरिका के मैक्सिको के कैनकन शहर में स्थित है। जिसे दुनिया का सबसे बड़ा अंडरवॉटर म्यूजियम माना जाता है।

    सतह से 29 फीट नीचे हैं मूर्तियां

    इस म्यूजियम की शुरुआत नेशनल मरीन पार्क के डायरेक्टर जेम गोंजालेज केनो ने साल 2009 में की थी। जिसमें पानी की सतह से लगभग 15 से 29 फीट नीचे 500 से भी ज्यादा आदमकद मूर्तियां रखी गई हैं। इस म्यूजियम को बनाने का मकसद कोरल रीफ्स को सुरक्षित रखना है। यहां रखी मूर्तियां कंक्रीट से बनी हुई हैं। जिससे कोरल रीफ्स के साथ ही जलीय जीवों और पानी को भी किसी तरह का कोई नुकसान नहीं होगा, बल्कि मूर्तियों को बनाने में जिस तरह की सीमेंट का इस्तेमाल किया गया है, वो कोरल रीफ की ग्रोथ में मददगार है। 

    इस म्यूजियम में जेसन डीकैरेस, केरेन सेलाइनास, रार्बटो अब्राहम, रोड्रिगो रेयास और सालवाडोर एनिस जैसे कलाकारों की मूर्तियां प्रदर्शित की गई हैं। इसे बनाने में पूरे 18 महीने लगे थे और नवंबर 2010 में इसे आम दर्शकों के लिए खोला गया था।

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    मानव और प्रकृति के बीच का संबंध दर्शाती हैं यहां रखी मूर्तियां

    • द साइलेंट इवॉल्यूशन

    यह इस म्यूजियम का सबसे बड़ा मूर्ति संग्रह है। जहां तकरीबन 200 मूर्तियां हैं। ये मूर्तियां यहां के स्थानीय वस्त्रकला, व्यापार और संस्कृति को दर्शाती हैं। इन मूर्तियों की खासियत है कि बढ़ते वक्त के साथ ये कोरल रीफ्स की तरह बर्ताव करने लग जाती हैं। इन मूर्तियों में हर उम्र और जेंडर को शामिल किया गया है। 

    Pic credit- persian.explorers/Instagram

    • फॉक्सवैगन बीटल

    इस म्यूजियम में सीमेंट से बनी फुल साइज फॉक्सवैगन बीटल कार की भी प्रतिकृति मौजूद है। कार की ये प्रतिकृति अंदर से बिल्कुल खोखली है जिससे जलीय जीव इसमें आ जा सके। कार के बोनट पर एक इंसान भी बैठा हुआ दिखाया गया है।

    Pic credit- katha.strophal/Instagram

    • सी एस्केप और द अर्बन

    सी एस्केप पानी के अंदर बनी हुई कंक्रीट की रिंग्स हैं। म्यूजियम देखते वक्त पर्यटक स्कूबा डाइविंग करते हुए इनके अंदर से भी जा सकते हैं। इसके साथ ही यहां कई छोटे-छोटे घर भी बने हुए हैं। ये घर पानी के अंदर एक शहर जैसे नजर आते हैं। जिसमें चिमनी और खिड़कियां भी देखी जा सकती हैं ।

    • द बेंकर

    इस कैटेगरी में पॉप्रर सूट बूट पहने पुरुषों की मूर्तियां देखने को मिलेंगी और उनके मुंह जमीन में धंसे हुए हैं। इस तरह की मूर्तियों को बनाने का उद्देश्य है कि हैं कि मनुष्य किस तरह अपने छोटे-छोटे फायदों के लिए पर्यावरण को नजरअंदाज करके आगे बढ़ रहा है। इस मूर्तियों को जेसन डीकेरेस टेलर ने बनाया है। कुछ प्रतिकृतियों के पास तो सूटकेस भी रखे गए हैं।

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    Pic credit- sandracristina.amaral/Instagram