इस साल भूलकर भी न बनाएं इन देशों में घूमने का प्लान, सुरक्षा पर हैं बड़ा खतरा
साल 2026 में वैश्विक राजनीतिक उथल-पुथल, गृहयुद्धों, सीमा विवादों और आतंकवादी गतिविधियों के कारण अंतरराष्ट्रीय यात्रा जोखिम भरी हो गई है। इसलिए इस साल ...और पढ़ें

साल 2026 में घूमने के लिए खतरनाक हैं ये जगहें (Picture Courtesy: Freepik)
HighLights
साल 2026 में कई देशों में सीमा विवाद और राजनीतिक अस्थिरता देखने को मिल रही है
ऐसे में इन देशों में जाने से बचना चाहिए
इस समय इन देशों में जाना सुरक्षा के लिहाज से ठीक नहीं है
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। साल 2026 की शुरुआत के साथ ही ग्लोबल पॉलिटिक्स में भारी उथल-पुथल देखने को मिल रही है। दुनिया के कई हिस्सों में छिड़े गृहयुद्ध, सीमा विवाद और आतंकवादी गतिविधियों ने कई अंतरराष्ट्रीय यात्रा को जोखिमभरा बना दिया है।
ऐसे में अगर आप इस साल विदेश यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो सुरक्षा कारणों से आपको कुछ देशों में जाने से बचना चाहिए। आइए जानें इन देशों के नाम।
बेहद खतरनाक क्षेत्र
इन देशों में वर्तमान में सैन्य संघर्ष जारी है, जहां सामान्य जीवन और सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं है।
- अफगानिस्तान- तालिबान शासन के तहत यहां नागरिक स्वतंत्रताएं बेहद सीमित हैं। आतंकवाद और अचानक होने वाले हमलों का खतरा लगातार बना रहता है। विदेशी नागरिकों के लिए यहां अपहरण और गिरफ्तारी का जोखिम बहुत ज्यादा है।
- सूडान- यहां सेना और अर्धसैनिक बलों के बीच भीषण गृहयुद्ध चल रहा है। बुनियादी ढांचा पूरी तरह तबाह हो चुका है और सुरक्षा व्यवस्था न के बराबर है।
- यमन- सालों से जारी संघर्ष और मानवीय संकट ने इसे दुनिया के सबसे असुरक्षित स्थानों में से एक बना दिया है। यहां हूती विद्रोहियों की गतिविधियों और क्षेत्रीय तनाव के कारण हवाई यात्रा भी सुरक्षित नहीं है।
- डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो- देश के कुछ हिस्सों में हिंसा और सुरक्षा बलों के साथ टकराव ने इसे बेहद जोखिमभरा बना दिया है। साथ ही, यहां अपहरण का खतरा भी काफी है।
राजनीतिक अस्थिरता
- वेनेजुएला- 2026 में यहां राजनीतिक तनाव चरम पर है। अमेरिकी हस्तक्षेप और आंतरिक अस्थिरता के कारण विदेशी नागरिकों की गलत तरीके से हिरासत, अपहरण और हिंसक अपराध की घटनाएं बढ़ी हैं। भारत सरकार ने भी यहां की गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी है।
- हैती- यहां गिरोहों का हिंसा पर नियंत्रण है। राजधानी पोर्ट-ओ-प्रिंस सहित ज्यादातर हिस्सों में कानून-व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ गई है।
- म्यांमार और पाकिस्तान- म्यांमार में सैन्य तख्तापलट के बाद से गृहयुद्ध जैसे हालात हैं। वहीं, पाकिस्तान में राजनीतिक अस्थिरता और सीमावर्ती क्षेत्रों में बढ़ती आतंकवादी गतिविधियों के कारण सुरक्षा जोखिम हाई लेवल पर है।
- रूस और बेलारूस- यूक्रेन के साथ चल रहे युद्ध के कारण यहां अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध और कड़े स्थानीय कानून लागू हैं। विदेशी पर्यटकों को मनमाने ढंग से हिरासत में लेने या जासूसी के आरोपों में फंसाने का खतरा बना रहता है।
क्षेत्रीय संघर्ष
- ईरान और लेबनान- इजरायल के साथ बढ़ते क्षेत्रीय तनाव और आंतरिक विरोध प्रदर्शनों के कारण यहां के हालात बिगड़े हुए हैं। हालिया हफ्तों में कई देशों ने अपने नागरिकों को तुरंत इन देशों को छोड़ने की सलाह दी है।
इसलिए किसी भी देश की यात्रा से पहले विदेश मंत्रालय की जारी ताजा ट्रैवल एडवाइजरी जरूर चेक करें।