अंटार्कटिका का 'खूनी झरना', क्या है सफेद बर्फ के बीच बहते लाल पानी का रहस्य?
अंटार्कटिका की मैकमुर्डो ड्राई वैली में ब्लड फॉल्स नाम का एक अनोखा झरना है, जिसका पानी खून जैसा लाल है। इसका रंग लाल होने की वजह कई सालों तक वैज्ञानिक ...और पढ़ें

क्यों लाल है ब्लड फॉल्स का पानी? (Picture Courtesy: X (Formerly Twitter))

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। अंटार्कटिका की जमा देने वाली ठंड और चारों ओर फैली सफेद बर्फ के बीच एक ऐसा नजारा दिखता है जिसे देखकर कोई भी सिहर जाए। मैकमुर्डो ड्राई वैली (McMurdo Dry Valleys) में टेलर ग्लेशियर के बीच से एक ऐसा झरना गिरता है, जिसका पानी बिल्कुल खून की तरह सुर्ख लाल है।
पानी का रंग खून जैसा लाल होने की वजह से इसे ब्लड फॉल्स (Blood Falls) कहा जाता है। इस झरने का पानी लाल क्यों है यह काफी समय से वैज्ञानिकों के लिए एक रहस्य बना हुआ था। लेकिन अब इसका जवाब मिल चुका है। आइए जानें क्यों है इस झड़ने का पानी लाल।
कैसे हुई इस अनोखे झरने की खोज?
इस खूनी झरने को सबसे पहले 1911 में ऑस्ट्रेलियाई जीयोलॉस्टि थॉमस ग्रिफिथ टेलर ने देखा था। उस समय बर्फ पर बहती लाल धारा को देखकर लोग हैरान रह गए। शुरुआत में वैज्ञानिकों का मानना था कि शायद लाल एलगी की वजह से पानी का रंग ऐसा है। लेकिन जैसे-जैसे विज्ञान ने प्रगति की, इस झरने का असली और हैरान कर देने वाला सच सामने आया।
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(Picture Courtesy: Facebook)
खून जैसे लाल रंग का रहस्य
वैज्ञानिकों ने पाया कि इस झरने का स्रोत टेलर ग्लेशियर के नीचे छिपी एक प्राचीन झील है। यह झील पिछले 20 लाख सालों से सतह से पूरी तरह कटी हुई है। रोशनी और ऑक्सीजन के बिना मौजूद इस झील का पानी सामान्य से कहीं ज्यादा नमकीन है, जिसकी वजह से यह अंटार्कटिका की भीषण ठंड में भी नहीं जमता।
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जब यह खारा पानी ग्लेशियर की दरारों से रिसकर बाहर आता है और बाहरी वातावरण की ऑक्सीजन के संपर्क में आता है, तो इसमें मौजूद आयरन ऑक्सीडाइज हो जाता है। यह प्रक्रिया ठीक वैसी ही है जैसे लोहे पर जंग लगने से उसका रंग लाल हो जाता है। इसी वजह से सफेद बर्फ पर गिरता पानी गहरा लाल दिखाई देता है।
ऑक्सीजन के बिना भी है जीवन
'ब्लड फॉल्स' की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस झील के भीतर जीवन मौजूद है। ऑक्सीजन और सूरज की रोशनी न होने के बावजूद यहां सूक्ष्मजीवी फल-फूल रहे हैं। ये जीव लोहे और सल्फेट को खाकर जीवित रहते हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि अगर अंटार्कटिका की अंधेरी और ठंडी गहराइयों में जीवन मुमकिन है, तो दूसरे ठंडे ग्रहों पर भी जीवन होने की संभावना है।
क्या हम भी जा सकते हैं ये झरना देखने?
ब्लड फॉल्स काफी जिज्ञासा जगाने वाला है और हर कोई प्रकृति के इस अद्भुत नजारे को देखना चाहता है, लेकिन यह अंटार्कटिका क्रूस के मेन टूरिस्ट सर्किट में नहीं आता। इसलिए यहां जाना आम जनता के लिए नामुमकिन है। सिर्फ रिसर्च के मकसद से वैज्ञानिक इस जगह जा सकते हैं, लेकिन हमें और आपको इसकी तस्वीर देखकर ही काम चलाना पड़ेगा।