न रेत, न मिट्टी... यहां दूर-दूर तक फैला है नमक का समंदर! कच्छ के रण को देख भूल जाएंगे स्विट्जरलैंड
दुनिया के सबसे बड़े नमक के रेगिस्तानों में से एक कच्छ का रण गुजरात के कच्छ जिले में स्थित है। यह रण प्रकृति और कल्चर का अनोखा संगम है। यहां आयोजित होन ...और पढ़ें

कच्छ के रण की अद्भुत यात्रा: रण उत्सव और पर्यटन स्थलों का अनुभव (Picture Credit- Instagram)

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जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। गुजरात के कच्छ जिले में स्थित मीलों तक फैला नमक का रेगिस्तान अपनी सफेदी और खूबसूरती के लिए जाना जाता है। कच्छ के रण का इतिहास काफी अद्भुत है, जहां काफी सारे राजवंशों और राजाओं का राज्य रहा है। चांदनी रात में नमक के इस रेगिस्तान की खूबसूरती देखते ही बनती है। तो आइए चलते हैं कच्छ के रण के सफर पर।
रण उत्सव की रंगत
हर साल दिसंबर से मार्च महीने में रण उत्सव का आयोजन होता है, जिसे दुनियाभर से देखने लोग आते हैं। यह उत्सव भारत-पाक सीमा से सटे धोरडो गांव में आयोजित होता है, जोकि महान कच्छ के रण में स्थित है। इसमें आपको कच्छी कलाकारों के हस्तशिल्प, नृत्य प्रस्तुतियां और संगीत का अनोखा संगम देखने को मिलता है। यह उत्सव राज्य की संस्कृति में और भी रंग भर देता है।

(Picture Credit- तुषार कांति)
टेंट सिटी का आनंद
रण उत्सव के लिए खासतौर से गुजरात टूरिज्म बोर्ड के द्वारा डोरडो गांव में अस्थायी रूप से टेंट सिटी बनाई जाती है। इस टेंट में आपको सारी आधुनिक सुविधाएं मिल जाती हैं। आप अपने बजट के हिसाब से बेसिक, डीलक्स और प्रीमियम टेंट चुन सकते हैं। इसकी बुकिंग पहले कराने की सुविधा भी आपको मिलती है। यहां आप लोकनृत्य, संगीत और लजीज खाने का भरपूर आनंद ले सकते हैं।
ऐसे पहुंचें कच्छ
अगर आप गुजरात में ही हैं तो अहमदाबाद, राजकोट और भुज जैसे शहरों से आप आसानी से कच्छ पहुंच सकते हैं। यहां सबसे नजदीकी एअरपोर्ट भुज है और वहां से टेंट सिटी तक पहुंचने में लगभग 1.5 घंटे का वक्त लगता है। आप अपनी सुविधानुसार बस या टैक्सी से यहां पहुंच सकते हैं।
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(Picture Credit- तुषार कांति)
देखने के लिए और क्या है?
- धोलावीरा: सिंधुघाटी सभ्यता का एक पौराणिक शहर धोलावीरा, कच्छ के नजदीक खादिर आईलैंड पर बसा है। यहां आकर आप प्राचीन काल में पहुंच जाते हैं और यही बात इस जगह को खास बनाती है।
- काला डूंगर: इसे काली पहाड़ी के नाम से भी जाना जाता है। यहां से आपको कच्छ का एक अनोखा रूप देखने को मिलता है। यह पाकिस्तान बॉर्डर के काफी करीब है, इसलिए यहां आर्मी पोस्ट देखने को मिलती है।
- मांडवी: समंदर, रेत और सूरज की खूबसूरती को निहारने के लिए यह बिलकुल परफेक्ट जगह है। यहां आप ऊंटों की सवारी के साथ-साथ घुड़सवारी का भी आनंद ले सकते हैं।
- पिंग्लेश्वर बीच: मांडवी के करीब इस बीच के किनारे आपको दूर-दूर तक सुनहरी रेत बिछी हुई दिखती है। यह जगह भीड़भाड़ वाली नहीं है, जिससे आपको सुकूनभरा वक्त बिताने का मौका मिलता है।
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