यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 24, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
जितना खूबसूरत ताज, उससे कहीं ज्यादा रोचक है Diana Bench की कहानी; जहां हर दिल चाहता है एक तस्वीर
ताजमहल को प्यार की निशानी माना जाता है। इसे बनाने का काम 1632 में शुरू हुआ था। इसके सामने बनी डायना बेंच पर्यटकों के बीच आकर्षण का केंद्र है। हालांकि ...और पढ़ें

HighLights
- ताजमहल दुनिया के सात अजूबों में शुमार है।
- यहां का डायना बेंच भी उतना ही खास है।
- ताजमहल यूपी के आगरा जिले में स्थित है।
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। ताजमहल दुनिया के सात अजूबों में शामिल है। प्यार की बात जब भी होती है तो ताजमहल का नाम सबसे पहले लिया जाता है। इसे शाहजहां ने अपनी बेगम मुमताज महल की याद में बनवाया था। ताजमहल का निर्माण 1632 में शुरू हुआ और 1653 में पूरा हुआ। मतलब इसे बनाने में कुल 21 साल का समय लगा था। ताजमहल के वास्तुकार उस्ताद अहमद लाहौरी थे। ये यूपी के आगरा जिले में स्थित है। वहीं ये इमारत 42 एकड़ में फैली हुई है।
आपको बता दें कि यूनेस्को ने इसे World Heritage Site का दर्जा भी दे रखा है। ताजमहल की खूबसूरती का दीदार करने के लिए सालों साल लाखों पर्यटकों की भीड़ लगी रहती है। खास बात तो ये है कि यहां विदेशी पर्यटक भी भारी संख्या में आते हैं। वे यहां आकर शानदार तस्वीरें क्लिक करवाते हैं। आपने देखा होगा कि ताजमहल के सामने एक बेंच है, जिस पर बैठकर फोटो खिंचवाने वालों की भीड़ लगी रहती है।
हर कोई इस बेंच पर जरूर क्लिक करवाता है फोटो
अगर कोई यहां फोटो नहीं क्लिक करवा पाता है तो उसे जिंदगी भर का मलाल जरूर रहता है। लेकिन क्या आपने कभी इस बेंच का इतिहास जानने की कोशिश की? ये बेंच पर्यटकाें की इतनी पसंदीदा क्यों है? आज हम आपको अपने इस लेख में इस बेंच की खासियत के बारे में बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं विस्तार से-
शाहजहां ने नहीं बनवाया था बेंच
दरअसल, ये बेंच ताजमहल की तरह ही सफेद संगमरमर से बनी हुई है। ऐसे में सभी को यही लगता है कि इसे भी शाहजहां ने ही बनवाया होगा, लेकिन हम आपको बता दें कि इसे शाहजहां ने नहीं बल्कि 1902 में तत्कालीन वायसराय लॉर्ड कर्जन ने बनवाया था। वे उस दौरान आगरा आए हुए थे। उन्होंने ताजमहल में कई बदलाव भी कराए थे। उन्होंने गार्डन में लगे ऊंचे-ऊंचे पेड़ों को भी कटवा दिया था।
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Image Credit- Agra Development Authority
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दिखता है ताजमहल का मनमोहक नजारा
1907 से 1908 के बीच सेंट्रल टैंक पर संगमरमर की चार बेंच लगवाईं गईं थीं। इस पर बैठने के बाद पीछे से ताजमहल का नजारा बेहद मनमोहक नजर आता था। अब आपके मन में इस बेंच का नाम जानने की उत्सुकता जाग रही होगी। तो हम आपको बता दें कि 1992 में प्रिंसेस डायना इंडिया आईं थीं। उन्होंने ताजमहल भी देखा था।
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Image Credit- Instagram
प्रिंसेस डायना के नाम से फेमस हुई बेंच
प्रिंसेज डायना ने इसी बेंच पर बैठकर फोटो क्लिक करवाए थे। उस दौरान उनकी तस्वीरें इतनी फेमस हो गई कि इस बेंच को डायना बेंच के नाम से ही पुकारा जाने लगा। प्रिंसेस डायना के अलावा डाेनाल्ड ट्रंप ने भी इस बेंच पर बैठकर फोटो क्लिक करवाया है। वहीं ब्रिटेन की राजकुमारी एलिजाबेथ भी जनवरी, 1961 में अपने पति प्रिंस फिलिप के साथ ताजमहल देखने आईं थीं। उन्होंने भी इस बेंच पर बैठकर फोटो खिंचवाए थे। हालांकि इसकी लोकप्रिया प्रिंसेस डायना के कारण ही बढ़ी।