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क्या आप जानते हैं मौसम के मिजाज के साथ घटती-बढ़ती है Eiffel Tower की ऊंचाई? वजह है बेहद दिलचस्प

Updated: Tue, 02 Jun 2026 10:27 AM (IST)

पेरिस का एफिल टॉवर मौसम के अनुसार अपनी ऊंचाई बदलता है, जो थर्मल एक्सपेंशन के वैज्ञानिक सिद्धांत पर आधारित है।

एफिल टॉवर की ऊंचाई में मौसमी बदलाव: जानें इसके पीछे का विज्ञान (Image Source: AI-Generated)

एफिल टॉवर की ऊंचाई में मौसमी बदलाव: जानें इसके पीछे का विज्ञान (Image Source: AI-Generated)

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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। सोचिए, अगर कोई 81 मंजिला ऊंची इमारत मौसम के हिसाब से अपना आकार बदलने लगे, तो क्या आप यकीन करेंगे? शायद पहली बार में आपको लगे कि यह कोई जादू है... लेकिन फ्रांस की राजधानी पेरिस में शान से खड़े 'एफिल टॉवर' के साथ बिल्कुल ऐसा ही होता है।

विज्ञान के एक बेहद सामान्य से सिद्धांत ने इस ऐतिहासिक टॉवर में एक ऐसा अनोखा जादू जोड़ दिया है, जिससे इसकी ऊंचाई कभी कम तो कभी ज्यादा हो जाती है। करीब 41 सालों तक पूरी दुनिया की सबसे ऊंची मानव निर्मित संरचना का ताज पहनने वाले इस टॉवर की कुल ऊंचाई 1,083 फीट है। आइए, इस आर्टिकल में जानते हैं कि आखिर यह विशालकाय टॉवर मौसम के साथ अपना आकार बदलता कैसे है।

Eiffel tower paris

(Image Source: AI-Generated)

गर्मियों में बढ़ जाती है टॉवर की लंबाई

यह जानकर आपको शायद हैरानी हो कि हर साल एफिल टॉवर की ऊंचाई में लगभग 15 सेंटीमीटर तक का उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है।

  • गर्मियों का असर: जब गर्मियों में पेरिस शहर का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है, तब यह टॉवर 12 से 15 सेंटीमीटर तक लंबा हो जाता है।
  • सर्दियों का असर: वहीं दूसरी तरफ, जब सर्दियां आती हैं और तापमान में गिरावट दर्ज की जाती है, तो इसकी ऊंचाई कुछ सेंटीमीटर तक कम हो जाती है।

आखिर इसके पीछे का विज्ञान क्या है?

इस अनोखे बदलाव के पीछे जो मुख्य कारण छिपा है, उसे विज्ञान की भाषा में 'थर्मल एक्सपेंशन' यानी 'ऊष्मीय प्रसार' कहा जाता है। प्राथमिक कक्षाओं में हम सभी ने इस सिद्धांत के बारे में पढ़ा है कि जब भी किसी पदार्थ का तापमान बढ़ता है, तो वह फैलने लगता है और ठंड के मौसम में वह सिकुड़ जाता है।

चूंकि, एफिल टॉवर पूरी तरह से लोहे से बना हुआ है, इसलिए गर्मी पड़ने पर इसका लोहा फैलता है और टॉवर थोड़ा ऊंचा हो जाता है। वैसे तो यह वैज्ञानिक बदलाव दुनिया की हर वस्तु में होता है, लेकिन एफिल टॉवर इतना विशाल है कि इसमें होने वाला सूक्ष्म बदलाव भी कुछ सेंटीमीटर का हो जाता है, जिसे आसानी से नापा जा सकता है।

Paris france eiffel

(Image Source: AI-Generated)

सिर्फ लंबाई ही नहीं, झुकता भी है टॉवर

तापमान का यह असर केवल टॉवर की ऊंचाई तक ही सीमित नहीं रहता।

जब सूरज की तेज किरणें टॉवर के किसी एक हिस्से पर सीधे पड़ती हैं, तो वह हिस्सा अधिक गर्म होकर ज्यादा फैलने लगता है। इसका नतीजा यह होता है कि टॉवर हल्का-सा विपरीत दिशा में झुक जाता है। हालांकि, यह झुकाव इतना मामूली होता है कि आप इसे सामान्य आंखों से बिल्कुल नहीं देख सकते।

Eiffel tower landscape

(Image Source: AI-Generated)

आज भी बरकरार है इसका जादू

विज्ञान के इन दिलचस्प पहलुओं के साथ-साथ, यह शानदार इमारत आज भी हर साल लाखों पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है। दिन के उजाले और रात की जगमगाती रोशनी में इसका रंग-रूप अलग-अलग दिखाई देता है, जो इस टॉवर को और भी ज्यादा मनमोहक बना देता है।

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