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    दतिया के पीतांबरा पीठ में राजसत्ता की देवी मां बगलामुखी करती हैं वास; नवरात्र में जरूर करें दर्शन

    Updated: Wed, 25 Mar 2026 10:00 AM (IST)

    मध्य प्रदेश के दतिया जिले में मां बगलामुखी का पीतांबरा पीठ मंदिर है, जिसे तंत्र साधना का प्रमुख केंद्र माना जाता है। ...और पढ़ें

    नवरात्र में जरूर बनाएं पीतांबरा पीठ जाने का प्लान  Picture Courtesy: (Pitambara.Org/ X)

    नवरात्र में जरूर बनाएं पीतांबरा पीठ जाने का प्लान Picture Courtesy: (Pitambara.Org/ X)

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    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के दतिया जिले में स्थित पीतांबरा पीठ केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का केंद्र है। इसे देश के सबसे शक्तिशाली शक्तिपीठों में से एक माना जाता है।

    यहां महाभारत कालीन इतिहास और तंत्र साधना का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। इस चैत्र नवरात्र आइए जानते हैं आठवीं महाविद्या मां बगलामुखी के मंदिर पीतांबरी पीठ की धार्मिक महत्ता के बारे में और आप कैसे यहां दर्शन करने जा सकते हैं। 

    Pitambara Peeth Datiya (1)

    (Pitambara.Org)

    मंदिर की खासियत और धार्मिक मान्यताएं

    पीतांबरा पीठ की मुख्य अधिष्ठात्री मां बगलामुखी हैं, जिन्हें 'पीतांबरा' (पीले वस्त्र धारण करने वाली) भी कहा जाता है। हिंदू धर्म में इन्हें दसमहाविद्याओं में आठवीं विद्या माना गया है। मान्यता है कि मां बगलामुखी की पूजा से शत्रुओं पर विजय, वाक-सिद्धि और राजसत्ता की प्राप्ति होती है। यही कारण है कि यहां राजनेताओं और विशिष्ट व्यक्तियों का तांता लगा रहता है।

    मंदिर के प्रांगन में दस महाविद्यायों में से एक मां घूमावती का मंदिर भी है। मान्यता है कि मां का यह रूप वैधव्य का है। इसलिए सुहागिन महिलाओं के लिए दर्शन वर्जित माना जाता है। 

    पीतांबरी पीठ के परिसर में वनखंडेश्वर महादेव का शिवलिंग भी स्थापित है, जिसके बारे में मान्यता है कि यह महाभारत काल से जुड़ा ह। 

    Pitambara Peeth

    (Picture Courtesy: Pitambara.Org)

    आस-पास और क्या देख सकते हैं?

    • सोनागिर- दतिया से लगभग 10 किमी दूर स्थित यह मशहूर जैन सिद्धक्षेत्र है, जहां पहाड़ियों पर सफेद सुंदर जैन मंदिर बने हैं।
    • पंचम कवि की टोरिया- शहर से 3 किमी दूर यहां तारापीठ और भगवान भैरव का प्राचीन स्थान है।
    • वीर सिंह देव महल- दतिया का सात मंजिला महल अपनी वास्तुकला के लिए जाना जाता है।

    कैसे पहुंचें?

    दतिया ग्वालियर और झांसी के बीच स्थित है। इसलिए यहां पहुंचना बेहद आसान है।

    • रेल मार्ग- दतिया रेलवे स्टेशन मंदिर से एक-दो कि.मी. की दूरी पर स्थिक है, जहां से रिक्शा या टैक्सी करके मंदिर पहुंच सकते हैं।
    • सड़क मार्ग- ग्वालियर और झांसी से नियमित बसें और टैक्सी उपलब्ध हैं।
    • हवाई मार्ग- निकटतम हवाई अड्डा ग्वालियर है। वर्तमान में दतिया में एक हवाई पट्टी को हवाई अड्डे के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे भविष्य में सीधी विमान सेवा भी शुरू होगी।

    रुकने की व्यवस्था

    • पीतांबरा शक्ति पीठ ट्रस्ट- ट्रस्ट द्वारा दीक्षार्थियों के लिए निःशुल्क खाने और रहने की व्यवस्था की जाती है।
    • दूसरे विकल्प- मंदिर के पास कई धर्मशालाएं, बजट होटल और सर्किट हाउस उपलब्ध हैं, जो किफायती दरों पर मिल जाते हैं।

    दर्शन और आरती का समय

    • मंदिर खुलने का समय- सुबह 5:00 बजे
    • दोपहर विश्राम- 12:00 बजे से 2:00 बजे तक (पट बंद रहते हैं)
    • प्रमुख आरतियां- प्रभात आरती (7:00 AM), संध्या आरती (7:00 PM), श्रृंगार आरती (8:30 PM) और बड़ी आरती (9:00 PM)।
    • मां धूमावती के दर्शन के लिए शनिवार का दिन विशेष है। शनिवार को दर्शन सुबह 7:15 से 9:00 बजे तक और शाम 5:00 से रात 8:00 बजे तक होते हैं।


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