दुनिया का सबसे बड़ा नदी द्वीप और एक सींग वाले गैंडे का घर: हैरान कर देंगी असम की खासियत
असम अपनी संस्कृति, प्राकृतिक सुंदरता और हस्तकला के लिए जाना जाता है। ...और पढ़ें

असम राज्य की खासियत (AI Generated Image)

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जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। भारत के उत्तर-पूर्व में बसा असम अपनी संस्कृति, प्राकृतिक खूबसूरती और हस्तकला के लिए जाना जाता है। ब्रह्मपुत्र नदी के किनारे बसा यह राज्य अपने चाय के बागानों, वन्यजीवों और अनोखी सांस्कृति के कारण लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है। आइए जानें इस राज्य से जुड़ी ऐसी ही खास बातें।
खूबसूरत जगहें और प्राकृतिक धरोहर
असम का काजीरंगा नेशनल पार्क यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल में शामिल है। यह एक सींग वाले गैंडे का सबसे बड़ा प्राकृतिक आवास है। हर साल लोग इन्हें देखने काजीरंगा नेशनल पार्क आते हैं। असम अपने चाय के बागानों के लिए भी जाना जाता है। ब्रिटिश काल के बंगले इनकी खूबसूरती और भी बढ़ाते हैं।
ब्रह्मपुत्र नदी के बीच बसा माजुली द्वीप दुनिया का सबसे बड़ा नदी द्वीप है। यह अपनी शांति, सुंदरता और वैष्णव मठों के लिए जाना जाता है। असम में ही देवी के 51 शक्तिपीठों में से एक है कामाख्या देवी मंदिर भी है। यह मंदिर तंत्र साधना के लिए भी मशहूर है। कामाख्या मंदिर के आस-पास और भी कई मंदिर हैं, जो धार्मिक दृष्टि से काफी महत्व रखते हैं।
असम की हस्तकला
असम का मूगा सिल्क दुनियाभर में मशहूर है। ये सिल्क अपनी चमक और मजबूती के लिए जाना जाता है। इसके अलावा, यहां एरी और पात सिल्क के भी कपड़े बनाए जाते हैं। असम का पारंपरिक परिधान मेखेला चाडोर इन्हीं सिल्क से बनाया जाता है।
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असम अपने बांस और बेत के उत्पादों के लिए भी जाना जाता है। बांस यहां की जीवनशैली का अहम हिस्सा है। टोकरियों से लेकर फर्नीचर और सजावटी सामान तक, यहां आपको बांस की बेहतरीन हस्तशिल्प देखने को मिलेगा। बांस से यहां की पांरपरिक टोपी जापी भी बनाई जाती है। इसे ताड़ के पत्तों के साथ बनाया जाता है।
असम का जायका
असम का खाना बहुत हल्का और कम मसालेदार होता है। चावल यहां के खान-पान का अहम हिस्सा है। यहां के खाने में बांस की नई कोपलों का इस्तेमाल किया जाता है, जो इसे एक अलग स्वाद देते हैं। चावल के आटे से बना पीठा यहां पर खासतौर से त्योहारों पर बनाया जाता है। ऐसे ही मासोर टेंगा यहां की काफी पसंद की जाने वाली डिश है, जिसे मछली से बनाया जाता है।
असम के त्योहार
बोहाग बिहू या रंगोली बिहू यहां के मुख्य त्योहारों में से एक है। ये हर साल अप्रैल के महीने में नए साल और वसंत ऋतु के स्वागत में मनाया जाता है। इस त्योहार में पारंपरिक ढोल और पेपा की धुन पर बिहू नृत्य किया जाता है। जनवरी के मौसम में फसलों की कटाई के दौरान माघ बिहू मनाया जाता है। इसके अलावा, माजुली में मनाया जाने वाला रास महोत्सव और कामाख्या मंदिर में अंबूबाची मेला यहां की संस्कृति का अहम हिस्सा हैं।