यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 12, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
हिंदुस्तान की जमीन पर आसमान के टुकड़े जैसा है Hyderabad का ये पैलेस, लेकिन कंगाल हो गए थे इसे बनवाने वाले नवाब
हैदराबाद स्थित इस पैलेस को यहां की आन बान और शान का प्रतीक माना जाता है। ये एक ऐसा महल है जिसे देखने वाला हर शख्स इसकी खूबसूरती में खो जाता है। यहां 6 ...और पढ़ें

HighLights
- 1893 में नवाब विकार-उल-उमरा ने इस पैलेस का निर्माण करवाया था।
- पैलेस की गोल टैरेस से हैदराबाद का नजारा कुछ ऐसा दिखता है कि दुनियाभर की दौलत फीकी पड़ जाती है।
- यहां की खूबसूरती ने हैदराबाद के छठे निजाम महबूब अली खान के होश उड़ाकर रख दिए थे।
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। फलकनुमा यानी आसमान के जैसा। हैदराबाद की आन बान और शान का प्रतीक कहा जाने वाला यह ताज फलकनुमा पैलेस (Taj Falaknuma Palace), हर शख्स को अपनी खूबसूरती में खो जाने के लिए मजबूर कर देता है। यह निजाम-ए-शान का प्रतीक एक ऐसा पैलेस है, जिसमें दुनिया की सबसे बड़ी डाइनिंग टेबल मौजूद है। इस पैलेस को 1893 में नवाब विकार-उल-उमरा (Nawab Vikar-Ul-Umra) ने बनवाया था, जिसे अब 5 स्टार होटल के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। आइए आपको बताते हैं कि कैसा है फलकनुमा पैलेस...

कंगाल हो गए थे पैलेस को बनवाने वाले नवाब
ताज फलकनुमा पैलेस को 1893 में नवाब विकार-उल-उमरा (Nawab Vikar-Ul-Umra) ने बनवाया था। कहा जाता है कि इसे बनाने की प्रेरणा उन्हें यूरोप में घूमते हुए मिली थी, लेकिन 40 लाख रुपये में बने इस पैलेस की वजह से कंगाल होने की कगार पर आ गए। फिर एक दिन जब हैदराबाद के छठे निजाम महबूब अली खान (Nizam Mahboob Ali Khan) यहां रुकने आए, तो उन पर पैलेस की खूबसूरती ने ऐसा जादू किया कि वे मदद का हाथ आगे बढ़ाने से रुक नहीं पाए।
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निजाम-ए-शान-ओ-शौहतक का दौर
बिच्छू जैसी बनी इसकी इमारत, बाहर से जितनी खूबसूरत है, अंदर से उतनी ही आलीशान है। पैलेस की सीढ़ियां, समय का पहिया मोड़कर निजाम-ए-शान-ओ-शौहतक के दौर में वापस ले जाती हैं। चाहे दीवारे हों या कमरे, आज भी यहां वही खूबसूरती नजर आती है, जिसने कभी निजाम के होश उड़ा दिए थे।

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लाइब्रेरी में 6 हजार किताबें
32 एकड़ में फैले इसे पैलेस में 6 हजार किताबों से सजी लाइब्रेरी भी है, जो कि वॉलनट क्रॉफ्ट रूफ के नीचे बनी है। कहा जाता है कि इसे बनाने की प्रेरणा विंडसर कासल (Windsor Castle) से ली गई है। लाइब्रेरी करीब 6 हजार किताबें सजी हैं, जो किसी खजाने से कम नहीं है। खास बात है कि ये निजाम के पर्सनल कलेक्शन का हिस्सा रह चुकी हैं। इनमें से कुछ को तो 1801 में छापा गया था।
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पैलेस में है दुनिया की सबसे बड़ी डाइनिंग टेबल
पैलेस के सबसे शानदार नगीने की बात करें, तो वो है इसकी डाइनिंग टेबल, जो कि सात अलग-अलग टुकड़ों से बनी है। 80 फीट लंबी इस टेबल को दुनिया की सबसे बड़ी डाइनिंग टेबल कहा जाता है। यहां 101 गेस्ट्स एक साथ ठीक उसी तरह खाने का मजा ले सकते हैं, जैसे कभी इस इस पैलेस के शाही मेहमान किया करते थे।

डाइनिंग रूम की दीवारों पर है निजाम का मेन्यू
आपको जानकर हैरानी होगी कि डाइनिंग रूम की दीवारों पर मौजूद खूबसूरत पेंटिग्स, कुछ और नहीं बल्कि निजाम का मेन्यू था। कहा जाता है कि निजाम अपनी पसंद का खाना चुनने के लिए इनकी ओर इशारा कर देते थे। इसके अलावा डाइनिंग रूम में एक और हैरान करने वाली खासियत छिपी है। बता दें, कि इसे कुछ इस तरह से डिजाइन किया गया है कि धीरे से बोली गई बात भी टेबल के एक कोने से दूसरे कोने तक आसानी से पहुंच जाती है। इसके अलावा दुनिया में जो 2 मैनुअली ऑपरेटेड पाइप ऑरगन हैं, उनमें से एक इस पैलेस में ही मौजूद है।
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हिंदुस्तान की जमीन पर आसमान का टुकड़ा
पैलेस की गोल टैरेस से हैदराबाद का नजारा कुछ ऐसा दिखता है कि दुनियाभर की दौलत फीकी पड़ जाती है। हैदराबाद के बीचों-बीच बना ये फलकनुमा पैलेस, दुनिया का सबसे शानदार पैलेस होने के साथ-साथ हिंदुस्तान की जमीन पर आसमान के टुकड़े से कम नहीं है। यहां की बिलियन्स टेबल हूबहू बकिंघम पैलेस की स्टाइल बिलियर्ड्स टेबल (Buckingham Palace Style Billiards Table) के जैसी है। रोचक बात है कि एक वक्त था, जब पैलेस को गेस्ट हाउस की तरह इस्तेमाल किया जाता था। यहां की लाइब्रेरी में यहां आए सभी शाही मेहमानों का लेखा-जोखा आज तक संभालकर रखा गया है।

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