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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 17, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    उत्तराखंड ही नहीं, महाराष्ट्र आकर भी देख सकते हैं फूलों की घाटी, फोटोग्राफी के लिए है बेस्ट

    By Priyanka SinghEdited By: Priyanka Singh
    Updated: Tue, 17 Oct 2023 06:52 PM (IST)

    घूमने के लिहाज से महाराष्ट्र भी काफी अच्छी जगह है जहां कई तरह के ऑप्शन्स मौजूद हैं लेकिन क्या आप जानते हैं यहां एक फूलों की भी घाटी है। शायद नहीं। जी ...और पढ़ें

    महाराष्ट्र में भी बसी है फूलों की घाटी
    महाराष्ट्र में भी बसी है फूलों की घाटी

    HighLights

    1. अक्टूबर में महाराष्ट्रा घूमने का भी बना सकते हैं प्लान
    2. उत्तराखंड ही नहीं महाराष्ट्र में भी है फूलों की घाटी
    3. जानें कैसे और कब जाएं यहां।

    नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। उत्तराखंड में एक ऐसी जगह है, जहां घूमने का सपना लगभग हर घुमक्कड़ का रहता है ये जगह है ही इतनी खूबसूरत। इसका नाम है वैली ऑफ फ्लॉवर्स....दूर-दूर फैले रंग-बिरंगे फूलों को एक साथ देखने का सुकून ही अलग है। लेकिन यहां घूमने का सीजन जुलाई से सितंबर तक ही होता है और उस दौरान कई बार मौसम की खराबी भी यहां घूमने में अड़चन पैदा कर सकती है। तो अगर आप भी अभी तक किसी न किसी वजह से नहीं बना पाएं हैं वैली ऑफ फ्लॉवर्स का प्लान, तो टेंशन न लें क्योंकि एक फूलों की घाटी महाराष्ट्र में भी है। महाराष्ट्र के सतारा जिले में स्थित कास पठार। आइए जानते हैं इस जगह के बारे में विस्तार से।

    कास पठार

    सतारा से 24 किमी की दूरी पर स्थित कास पठार महाराष्ट्र की सबसे आकर्षक जगहों में से एक है। कास दरअसल फूलों की घाटी है, जहां का नजारा बेहद खूबसूरत होता है। फूलों की घाटी के चलते इस जगह को 2012 में यूनेस्को की वर्ल्ड हेरिटेज साइट की सूची में भी शामिल कर लिया गया था। कास पठार 1200 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। बारिश के मौसम में ये जगह फूलों की चादर से ढक जाती है। कास घाटी में लगभग 850 प्रकार के फूल पाए जाते हैं। जिनमें गुलाबी रंग के बालसम फूलों को भी देखने का मौका मिलता है। इसके अलावा यहां सफेद ऑर्किड, पीले सोंकी, स्मिथिया और सेरोपेजिया जैसे दुर्लभ फूल भी मौजूद हैं। ट्रैकिंग करते हुए घाटी के खूबसूरत नजारों को आंखों और कैमरे में कैद करने का मौका न छोड़ें।

    कास झील

    कास झील को कास तालाब के नाम से भी जाना जाता है। जो यहां घूमने वाली अच्छी जगह है। ये झील फूलों की घाटी के नजदीक ही स्थित है, तो यहां आकर इस झील को देखना बिल्कुल मिस न करें। इस झील से पूरे सतारा शहर में पीने के पानी की सप्लाई की जाती है। वैसे मानसून इस झील को देखने का सबसे सुंदर समय है।

    कैसे पहुंचें?

    फ्लाइट से: अगर आप फ्लाइट से यहां आना चाहते हैं, तो सबसे नजदीकी एयरपोर्ट पुणे है। पुणे एयरपोर्ट से आप बस या टैक्सी लेकर कास आ सकते हैं।

    ट्रेन से: ट्रेन से आने के लिए सतारा रेलवे स्टेशन आना होगा। स्टेशन से कास की दूरी मात्र 30 किमी. की दूरी पर है। सतारा पहुंचकर बस या टैक्सी लेकर कास पठार पहुंच सकते हैं।

    सड़क से: अगर आप रोड से यहां आना चाहते हैं, तो बता दें कि मुंबई या पुणे से यहां पहुंचने में 3 से 5 घंटे का समय लग सकता है। 

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    Pic credit- freepik

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