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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 20, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    NATRAX: स्पीड के दीवानों के लिए किसी जन्नत से कम नहीं है एशिया का ये सबसे लंबा High Speed Test Track

    Updated: Sat, 20 Apr 2024 02:33 PM (IST)

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    मॉडर्न इंजीनियरिंग का अजूबा है मध्य प्रदेश का ये हाई स्पीड व्हीकल टेस्टिंग ट्रैक
    मॉडर्न इंजीनियरिंग का अजूबा है मध्य प्रदेश का ये हाई स्पीड व्हीकल टेस्टिंग ट्रैक

    HighLights

    1. किसी भी व्हीकल की हाई स्पीड तय करने के लिए कंपनियों को किसी अन्य देश में जाने की जरूरत नहीं है।
    2. कोई भी ऑटोमेटिव टेस्ट करना हो, तो उसके लिए भी नेट्रैक्स में सभी आधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं।
    3. 11.3 किलोमीटर लंबे इस हाई स्पीड टेस्ट ट्रैक पर गाड़ियों को 375 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक टेस्ट किया जा सकता है।

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। नेशनल ऑटोमोटिव टेस्ट ट्रैक्स यानि नेट्रैक्स (NATRAX) एशिया का सबसे लंबा और दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा हाई स्पीड व्हीकल टेस्टिंग ट्रैक है। यह ओवल-शेप्ड है और चार फ्री लेन के साथ 16 मीटर चौड़ा है। यह मॉडर्न इंजीनियरिंग का ऐसा अजूबा है, जिससे सिर्फ टू-व्हीलर और कार ही नहीं, बल्कि ट्रैक्टर और ट्रेलर की भी अधिकतम सीमा (Maximum Speed) तय की जा सकती है।

    एक हजार एकड़ में फैला है नेट्रैक्स

    मध्य प्रदेश के इंदौर से कुछ ही दूर पीथमपुर में बना नेट्रैक्स, एक हजार एकड़ में फैला हुआ है। आपको जानकर हैरानी होगी कि यहां 20 से ज्यादा राजमहल बनाए जा सकते हैं। 14 टेस्ट ट्रैक्स और ढेरों टेस्टिंग तकनीक के साथ नेट्रैक्स में वे सभी आधुनिक सुविधाएं हैं, जो व्हीकल्स की अधिकतम सीमा तय करने में मदद करती हैं। आइए आपको नेट्रैक्स के सबसे खास ट्रैक के बारे में कुछ खास बातें बताते हैं।

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    कई मुश्किल टेस्ट से गुजरते हैं व्हीकल्स

    11.3 किलोमीटर लंबे इस हाई स्पीड टेस्ट ट्रैक पर व्हीकल को 375 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक टेस्ट किया जा सकता है। नैट्रैक्स में परफॉरमेंस को पूरी तरह से इवेलुएट करने के लिए गाड़ियों को कई मुश्किल टेस्ट से गुजरना होता है। इन सभी टेस्ट के लिए यहां अलग-अलग ट्रैक्स बनाए गए हैं, ऐसे में हाई स्पीड तय करनी हो या कोई भी ऑटोमेटिव टेस्ट, अब कंपनियों को और किसी देश में जाने की जरूरत नहीं है। आइए जान लीजिए ऐसे 4 ट्रैक्स के बारे में।

    • फटीग ट्रैक (Fatigue Track)- ड्यूरेबिलिटी को टेस्ट करता है और बताता है कि आखिरकार गाड़ी कितनी टिकाऊ है।
    • ग्रेडिएंट ट्रैक (Gradient Track)- इसमें व्हीकल की टॉर्क कैपेसिटी और स्लोप पर पार्किंग ब्रेक की क्षमता को टेस्ट किया जाता है।
    • सस्टेनेबिलिटी ट्रैक (Sustainability Track)- इसे पहाड़ी रास्तों पर ड्राइव करने जैसा बनाया गया है, जिससे यहां व्हीकल की कूलिंग परफॉरमेंस को भी टेस्ट किया जाता है।
    • डायनेमिक ट्रैक प्लेटफॉर्म (Dynamic Platform)- यह हैंडलिंग और स्टेबिलिटी टेस्ट करने के लिए बनाया गया है।

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    Picture Courtesy: natrax.in

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