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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 20, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Rajasthan के इस गांव में दिखती है तेंदुए और इंसान की अनोखी दोस्ती, डरने के बजाय बच्‍चे की तरह दुलार करते हैं लोग!

    Updated: Sat, 20 Jul 2024 10:13 PM (IST)

    क्या आप जानते हैं कि राजस्थान में कुछ जगहें ऐसी भी हैं जहां तेंदुए और इंसान एक साथ रहते हैं? जी हां यहां आपको इंसान और तेंदुओं (Leopards) के बीच एक अन ...और पढ़ें

    राजस्थान के इस गांव में साथ-साथ रहते हैं इंसान और तेंदुए (Image Source: Freepik)
    राजस्थान के इस गांव में साथ-साथ रहते हैं इंसान और तेंदुए (Image Source: Freepik)

    HighLights

    1. ज्यादातर जगहों पर जंगली जानवर और इंसान एकदम अलग रहते हैं।
    2. इस इलाके में पालतू जानवरों और Leopards के बीच कभी आमना-सामना नहीं देखा गया।
    3. Leopards की मौजूदगी यहां भेड़ियों और लकड़बग्घों की आबादी को काबू में रखती है।

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। Humans Leopards Live Together: धरती पर आज भी ऐसी जगहें मौजूद हैं, जहां लोग सिर्फ पर्यावरण ही नहीं, बल्कि जंगली शीर्ष शिकारियों (Apex predators) के साथ भी खुशी-खुशी रह रहते हैं। हम बात कर रहे हैं, राजस्थान के पाली जिले (Pali District) की जिसमें Falna, Dantiwara, Bera और Jawai जैसे इलाके रबारी (Rabari) समुदाय का बसेरा हैं। यहां तेंदुओं की मौजूदगी भेड़ियों और लकड़बग्घों की आबादी को काबू में रखती है, जो रबारी कम्युनिटी के लिए एक बड़ा खतरा बन सकते थे। रबारी समुदाय को पहचानने के लिए आपको ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ेगी। चमकदार लाल पगड़ियां ही इन लोगों का पता बताने के लिए काफी होती हैं।

    तेंदुओं के लिए परफेक्ट हैबिटेट

    अकेले जवाई (Jawai) में ही करीब 60 से ज्यादा Cave Leopards रहते हैं, खास बात है कि वह भी सिर्फ एक छोटे-से इलाके में। कई बार तो ये तेंदुए लोगों की छत पर बैठे दिखे हैं और कई बार यहां के लोगों ने लेपर्ड के मुंह से बकरी को भी छुड़ाया है। देखा जाए, तो इनकी नस्ल के बढ़ने और कायम करने के हिसाब से ये एकदम सही हैबिटेट है। कहा जा सकता है कि ये एक Leopard Country है।

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    यहां अलग है जिंदगी जीने का उसूल

    आपको भी मालूम होगा, कि जिंदगी जीने का एक ही उसूल है- खतरा देखते ही जितना दूर भाग सकते हो, बस भाग लो! लेकिन रबारी समुदाय इस उसूल से कोसों दूर हैं। इस लेपर्ड-रबारी भाई-भाई के चलन के पीछे कुछ अलग-सी ही आस्थाएं हैं। लोगों का मानना है कि तेंदुए गांव की रक्षा करते हैं और बुरी बला से बचाते हैं।

    जंगल सफारी के लिए भी फेमस है ये गांव

    अरावली के पहाड़ियों के बीच बसा बेरा गांव अपनी जंगल सफारी के लिए भी मशहूर है और आप आसानी से यहां विजिट कर सकते हैं। कहना गलत नहीं होगा कि भारत अपने जंगली जानवरों को सहेजने और बचाए रखने में काफी मशक्कत करता है और रबारी के दिलों में इन खूबसूरत जानवरों के लिए एक खास जगह है, जहां ज्यादातर दुनिया इन्हें देखकर बुरी तरह डर जाती है, वहीं राजस्थान के इस छोटे-से जिले के लोग इनके साथ भाईचारे से जीते हैं।

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