Somnath Amrit Mahotsav: आप भी कर रहे हैं सोमनाथ मंदिर जाने का प्लान? तो जरूर पढ़ें ये ट्रैवल गाइड
सोमनाथ 12 ज्योतिर्लिंगों में पहले स्थान पर आता है। अरब सागर के तट पर स्थित इस मंदिर सिर्फ अध्यात्मिक ही नहीं, बल्कि ऐतिहासिक महत्व भी रखता है। ...और पढ़ें
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सोमनाथ मंदिर दर्शन का बना रहे हैं प्लान? (Picture Courtesy: Instagram)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। 12 ज्योतिर्लिंगों में प्रथम, सोमनाथ मंदिर की भव्यता और आस्था किसी परिचय की मोहताज नहीं है। आज (11 मई 2026) को भारते के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद द्वारा पुनर्निर्मित इस पावन मंदिर के 75 साल पूरे हुए हैं। इसी उपलक्ष्य में मनाए जा रहे सोमनाथ अमृत महोत्सव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पहुंचकर महापूजा की।
इस ऐतिहासिक और आध्यात्मिक माहौल को देखते हुए, अगर आपका मन भी सोमनाथ जाने का कर रहा है, तो आपकी यात्रा को आसान और यादगार बनाने के लिए आइए जानते हैं सोमनाथ की एक परफेक्ट ट्रैवल गाइड।
जाने का सबसे सही समय क्या है?
सोमनाथ की यात्रा के लिए अक्टूबर से मार्च तक का समय सबसे बेहतर है। इस दौरान मौसम सुहावना रहता है, जिससे आप मंदिर के दर्शन और आसपास की जगहों का आनंद बिना किसी थकान के ले सकते हैं। गर्मियों में, खासकर अप्रैल से जून में यहां काफी गर्मी होती है, जिसके कारण यहां दिन के समय घूमना काफी मुश्किल हो जाता है।
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(Picture Courtesy: Instagram)
सोमनाथ मंदिर कैसे पहुंचें?
- हवाई मार्ग- सबसे नजदीकी एयरपोर्ट दीव है, जो लगभग 90 किमी दूर है। इसके अलावा आप राजकोट एयरपोर्ट भी उतर सकते हैं।
- रेल मार्ग- सोमनाथ का अपना रेलवे स्टेशन है, लेकिन वेरावल रेलवे स्टेशन मुख्य जंक्शन है, जो देश के प्रमुख शहरों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है।
- सड़क मार्ग- अहमदाबाद, राजकोट और जामनगर से सोमनाथ के लिए नियमित बसें और टैक्सी उपलब्ध हैं।
आस-पास घूमने के लिए जगहें
- त्रिवेणी संगम- यह स्थान तीन नदियों का संगम है। यहां हिरण, कपिला और सरस्वती का मिलन होता है।
- लाइट एंड साउंड शो- मंदिर परिसर में शाम को होने वाला यह शो सोमनाथ के गौरवशाली इतिहास और इसके बार-बार पुनर्निर्माण की गाथा सुनाता है।
- भालका तीर्थ- यह वह स्थान है जहां भगवान कृष्ण ने अपनी देह त्यागी थी। यहां की शांति और ऐतिहासिक महत्व यात्रियों को अपनी ओर खींचता है।
- सोमनाथ और वेरावल बीच- मंदिर के पास के बीच सनसेट देखने के लिए बेहतरीन है। आप यहां ऊंट की सवारी का भी आनंद ले सकते हैं।
बजट और खान-पान
सोमनाथ मंदिर में प्रवेश निःशुल्क है। रहने के लिए यहां ट्रस्ट के गेस्ट हाउस, धर्मशालाएं और अच्छे होटल उपलब्ध हैं, जिनकी कीमत बहुत ज्यादा नहीं है। खाने की बात करें तो यहां शुद्ध शाकाहारी गुजराती थाली और उत्तर भारतीय व्यंजन काफी सस्ते और स्वादिष्ट मिल जाते हैं।

(Picture Courtesy: Instagram)
ट्रिप के दौरान किन बातों का ध्यान रखें?
- आरती का अनुभव- शाम की आरती में जरूर शामिल हों। मंत्रोच्चारण की गूंज और समुद्र की लहरों का शोर वातावरण को जादुई बना देते हैं।
- ड्रेस कोड और नियम- मंदिर की मर्यादा बनाए रखने के लिए डीसेंट कपड़े पहनें। मंदिर के अंदर मोबाइल फोन, कैमरा और इलेक्ट्रॉनिक्स ले जाना सख्त मना है। इन्हें जमा करने के लिए बाहर क्लॉक-रूम की सुविधा उपलब्ध है।
- प्री-बुकिंग- अगर आप त्योहारों या छुट्टियों के दौरान जा रहे हैं, तो रुकने की व्यवस्था पहले से कर लें, ताकि मंदिर के पास ही कमरा मिल सके।
- टाइम मैनेजमेंट- सोमनाथ दर्शन के लिए 1 से 2 दिन का समय काफी है। अगर आपके पास ज्यादा समय है, तो आप पास ही स्थित गिर नेशनल पार्क या द्वारका का प्लान भी बना सकते हैं।