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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 04, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Vatican library यहां किताबें तो हैं 10 लाख लेकिन अंदर जाने की नहीं मिलती परमिशन- रोचक है वजह

    Updated: Sat, 04 Jan 2025 11:57 AM (IST)

    वेटिकन लाइब्रेरी (Vatican library secret) की एक और विशेषता है इसकी सुंदर और ऐतिहासिक वास्तुकला। लाइब्रेरी के भवन में कई सुंदर और ऐतिहासिक कमरे हैं जिन ...और पढ़ें

    रोचक है (Vatican library) का इतिहास। ( Pic Courtesy : Freepik)
    रोचक है (Vatican library) का इतिहास। ( Pic Courtesy : Freepik)

    HighLights

    1. दुनिया की सबसे पुरानी लाइब्रेरियों में आता है नाम
    2. कई सौ साल पुराना संग्रह रखा है लाइब्ररेरी में
    3. स्कॉलर, प्रोफेसर को ही मिलती है अंदर जाने की अनुमति

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। Vatican library history यूं तो दुनिया में हजारों लाखों लाइब्रेरियां हैं, लेकिन जब बात पुरानी लाइब्ररेरी की आती है तो वेटिकन लाइब्ररेरी का नाम सबसे पहले लिया जाता है। इसका इतिहास ही इतना रोचक है। आज हम आपको वेटिकल लाइब्ररेरी के बारे में बताएंगे। साथ ही इससे जुड़ा रोचक इतिहास भी बताएंगे। ताकि आप भी किताबों की दुनिया में खो जाएं। 

    रोम शहर में है स्थित

    वेटिकन लाइब्ररेरी रोम के कैथलिक चर्च में स्थित है। यह दुनिया की सबसे पुरानी लाइब्रेरियों में से एक है। कहा जाता है कि औपचारिक रूप से इसे 1475 में स्थापित किया गया था। इस लाइब्ररेरी का इतिहास काफी पुराना है। बीते करीब 600 सालों में इस लाइब्ररेरी में बहुत कुछ संग्रह किया गया है। आपको बता दें कि वेटिकन लाइब्रेरी को पहले वेटिकन सीक्रेट आर्काइव के नाम से जाना जाता था। 

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    10 लाख से ज्यादा किताबें और पांडुलिपियां

    वेटिकन लाइब्रेरी (Vatican Library) एक अनोखी और ऐतिहासिक जगह है, जो वेटिकन सिटी में स्थित है। यह लाइब्रेरी दुनिया की सबसे पुरानी और सबसे बड़ी लाइब्रेरियों में से एक है, जिसमें 10 लाख से ज्यादा किताबें और अन्य पुस्तकालय सामग्री संग्रहीत हैं। वेटिकन लाइब्रेरी न केवल एक महत्वपूर्ण संग्रहालय है, बल्कि यह एक महत्वपूर्ण शोध केंद्र भी है। यहाँ के विद्वान और शोधकर्ता दुनिया भर से आते हैं और यहाँ की सामग्री का अध्ययन करते हैं।

    वेटिकन लाइब्रेरी का इतिहास 15वीं शताब्दी में शुरू होता है, जब पोप निकोलस पंचम ने इसे स्थापित किया था। उस समय, लाइब्रेरी में केवल 2,000 किताबें थीं। लेकिन समय के साथ, लाइब्रेरी का संग्रह बढ़ता गया और आज यह दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे महत्वपूर्ण लाइब्रेरियों में से एक है।

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    हर किसी को अंदर जाने की नहीं है इजाजत

    यह दुनिया की एकमात्र ऐसी लाइब्ररेरी है जहां हर कोई अंदर नहीं जा सकता। यहां विशेष अनुमति वाले लोग ही अंदर जा सकते हैं। इनमें पोप, रिसर्चर, यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर हैं। पहले इन लोगों को खास परमिशन लेनी पड़ती है। इसके बाद ही ये लोग लाइब्ररेरी में अंदर जा सकते हैं।

    कहा जाता है कि लाइब्ररेरी में काफी पुराना संग्रह मौजूद है। इसलिए अंदर जाने की हर किसी को अनुमति नहीं मिलती। कहा जाता है कि वेटिकन लाइब्ररेरी में काफी सिक्रेट लिटरेचर है। जिसपर रिसर्च करने के लिए दुनियाभर से प्रोफेसर और रिसर्चर आते हैं, आम पर्यटकों को अंएइस वजह से अंदर जाने की परमिशन नहीं दी जाती। हालांकि चर्च में लोग अंदर जा सकते हैं। 

    वेटिकन लाइब्रेरी में क्या है

    - प्राचीन ग्रीक और रोमन पांडुलिपियाँ

    - मध्ययुगीन पांडुलिपियाँ और प्रिंटेड बुक्स

    - वेटिकन के पोपों और अन्य महत्वपूर्ण व्यक्तियों के पत्र और दस्तावेज

    - वेटिकन के कला और वास्तुकला से संबंधित सामग्री

    - दुनिया के विभिन्न धर्मों और संस्कृतियों से संबंधित सामग्री

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