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    गोवा नहीं, अब गंगा आरती देखना है युवाओं की पहली पसंद; क्यों बढ़ रहा है 'Spiritual Tourism' का क्रेज?

    Updated: Mon, 23 Feb 2026 11:33 AM (IST)

    अब जेन-जी को गोवा के क्लब्स नहीं, बल्कि धार्मिक स्थलों की शांति और सुकून पसंद आ रहा है, जिसे स्पिरिचुअल टूरिज्म कहते हैं। ...और पढ़ें

    क्यों स्पिरिचुअल टूरिज्म बन रहा है युवाओं की पसंद? (AI Generated Image)

    क्यों स्पिरिचुअल टूरिज्म बन रहा है युवाओं की पसंद? (AI Generated Image)

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    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। पिछले कुछ सालों में टूरिज्म में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। पहले जहां वेकेशन का मतलब गोवा के बीच या पहाड़ों की सैर होती थी, वहीं अब स्पिरिचुअल टूरिज्म एक बड़े ट्रेंड के रूप में ऊभर कर सामने आया है। इससे भी दिलचस्प बात यह है कि यह ट्रेंड बुजुर्गों में नहीं, बल्कि युवाओं में देखने को मिल रहा है। 

    ऋषिकेश की गंगा आरती हो, केदारनाथ की मुश्किल चढ़ाई या वाराणसी के घाट, हर जगह युवाओं की भारी मौजूदगी यह सोचने पर मजबूर करती है कि आखिर तकनीक और चकाचौंध की दुनिया में रहने वाला युवा अध्यात्म की ओर क्यों खिंचा चला जा रहा है? आइए जानें क्यों युवाओं को स्पिरिचुअल टूरिज्म पसंद आ रहा है।

    क्यों जेन-जी को पसंद आ रहा है स्पिरिचुअल टूरिज्म?

    • मानसिक शांति की तलाश- आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, करियर का प्रेशर और सोशल मीडिया की कभी न खत्म होने वाली दौड़ ने युवाओं में तनाव और बर्नआउट बढ़ा दिया है। ऐसे में आध्यात्मिक स्थल उन्हें शांति का एहसास करवाते हैं। स्मार्टफोन की स्क्रीन से दूर, प्रकृति की गोद में और मंत्रों की गूंज के बीच बिताया गया समय उनके लिए एक डिजिटल डिटॉक्स की तरह काम करता है, जिससे उन्हें मानसिक सुकून मिलता है
    Spiritual Tourism
    (AI Generated Image)
    • खुद की खोज- आज का युवा केवल दुनिया नहीं देखना चाहता, बल्कि वह खुद को भी समझना चाहता है। स्पिरिचुअल टूरिज्म उन्हें आत्म-चिंतन का मौका देती हैं। योग, ध्यान और प्राचीन मंदिरों की वास्तुकला उन्हें अपनी जड़ों से जोड़ती है। यह सिर्फ भगवान के दर्शन तक सीमित नहीं है, बल्कि खुद को तलाशने का भी एक जरिया बन रहा है।
    • ऑफ-बीट और एडवेंचर का मेल- आजकल के युवाओं के लिए स्पिरिचुअल टूरिज्म सिर्फ मंदिर जाने जैसा नहीं है; इसमें एडवेंचर का तड़का भी शामिल है। केदारनाथ, तुंगनाथ या अमरनाथ जैसी जगहों की यात्रा में मुश्किल ट्रेकिंग और प्राकृतिक सुंदरता का मेल होता है। मुश्किल रास्तों को पार कर जब वे मंजिल पर पहुंचते हैं, तो वह अनोखा एहसास होता है। थ्रिल और फेथ का यही कॉम्बिनेशन युवाओं को खूब आकर्षित कर रहा है।
    • सोशल मीडिया और विजुअल अपील- इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म्स ने भी इस ट्रेंड को बढ़ावा दिया है। जब हम सुंदर पहाड़ों के बीच स्थित प्राचीन मंदिरों या भव्य आरती के वीडियो देखते हैं, तो वैसा ही अनुभव करने की इच्छा जगती है। साथ ही, धार्मिक स्थलों की पॉजिटिविटी भी युवाओं को खूब भा रही है।