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    होटल में हमेशा दोपहर 2 बजे ही क्यों होता है Check-In? जानिए आपको इंतजार करवाने के पीछे की असली वजह

    Updated: Thu, 23 Apr 2026 11:36 AM (GMT+05:30)

    होटल में चेक-इन का समय ज्यादातर 12 या 2 बजे के बाद ही रखा जाता है। इसके पीछे मेहमानों की सुविधा और स्वच्छता से जुड़ी वजह है। ...और पढ़ें

    क्यों 12 बजे के बाद ही फिक्स होता है होटल की चेक-इन टाइमिंग? (Picture Courtesy: Freepik)

    क्यों 12 बजे के बाद ही फिक्स होता है होटल की चेक-इन टाइमिंग? (Picture Courtesy: Freepik)

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    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। पूरी रात सफर की थकान, हाथ में भारी लगेज और नींद से भरी आंखें... आप सुबह-सुबह अपने डेस्टिनेशन पर पहुंचते हैं, लेकिन होटल के रिसेप्शन से आवाज आती है, सॉरी, हमारा चेक-इन टाइम दोपहर 2 बजे है।

    यह सुनकर गुस्सा तो आता है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इस नियम के पीछे की वजह क्या है? क्यों दुनियाभर के छोटे-बड़े होटल, 2 बजे के बाद ही चेक-इन का समय रखते हैं? आइए होटल इंडस्ट्री के इस 12 से 2 बजे वाले नियम के पीछे की असली कहानी समझते हैं।

    Hotel Check in timings (1)

    (Picture Courtesy: Freepik)

    कमरा रीसेट करने के लिए समय 

    होटल के लिए सबसे बड़ी जिम्मेदारी कमरों की साफ-सफाई और स्वच्छता बनाए रखना है, ताकि मेहमानों को किसी तरह की तकलीफ न हो। ज्यादातर मेहमान सुबह 10 या 11 बजे तक चेक-आउट कर देते हैं। उनके जाने के तुरंत बाद, हाउसकीपिंग की टीमें अपना काम शुरू करती हैं।

    एक कमरे को तैयार करने का मतलब सिर्फ चादर ठीक करना नहीं होता। यह एक लंबी प्रक्रिया है, जिसमें कमरे को पूरी तरह सैनिटाइज करना, बिस्तरों के चादर और तकिए के कवर बदलना, वॉशरूम को अच्छी तरह रगड़कर साफ करना और इस्तेमाल की गई चीजों, जैसे- साबुन, तौलिये, कॉफी किट को दोबारा भरना शामिल हैं।

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    बड़े होटलों में, जहां कमरों की संख्या ज्यादा होती है, इस काम में काफी समय लगता है। दोपहर 12 से 2 बजे के बीच का समय इसलिए होता है, ताकि अगले मेहमान के आने से पहले कमरा पूरी तरह फ्रेश हो और किसी भी तरह की गंदगी न रहे। 

    Hotel Cleaning

    (Picture Courtesy: Freepik)

    मेंटेनेंस और क्वालिटी चेक का समय

    कई बार कमरों में ऐसी छोटी-मोटी कमियां होती हैं जो एक नजर में नहीं दिखतीं। चेक-आउट और चेक-इन के बीच का यह खाली समय मेंटेनेंस टीम के लिए बहुत जरूरी होता है। इस दौरान वे कमरे और बाथरूम की लाइट्स और स्विच की जांच करते हैं कि वे सही से काम कर रहे हैं या नहीं। बाथरूम के प्लंबिंग, एसी और एलेक्ट्रॉनिक आइटम्स की जांच भी जरूरी है, ताकि मेहमानों को किसी भी तरह की असुविधा न हो। 

    इसके बाद सुपरवाइजर कमरे का इंस्पेक्शन करते हैं, ताकि यह देखा जा सके कि कमरा होटल के क्वालिटी स्टैंडर्ड्स पर खरा उतर रहा है। यह गैप मेहमानों को एक खराब एक्सपीरिएंस से बचाने के लिए दिया जाता है।

    Hotel Cleaning (1)

    (Picture Courtesy: Freepik)

    अलग-अलग डिपार्टमेंट्स के लिए सुविधा

    होटल एक बहुत ही सख्त शेड्यूल पर चलते हैं। चेक-इन का एक यूनिफॉर्म टाइम तय करने से होटल के सभी डिपार्टमेंट को अपना काम बेहतर तरीके से करने में मदद मिलती है। अगर चेक-इन का समय तय न हो, तो फ्रंट डेस्क, लॉन्ड्री और हाउसकीपिंग के बीच तालमेल बिठाना मुश्किल हो जाएगा। एक फिक्स समय होने से ये सभी काम बेहतर तरीके से होते हैं।