20 घंटे की फ्लाइट में नहीं होगी थकान! हवा में बन रहा है 'वेलनेस जोन', जानें इस विमान की खूबियां
लंबी यात्राओं के लिए अमेरिका की एक एयरलाइन फ्लाइट में वेलनेस सेंटर बना रही है। ...और पढ़ें

फ्लाइट में भी रख सकेंगे सेहत का ध्यान (Picture Courtesy: Freepik)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। हवाई यात्रा अक्सर थकान और जेट लैग के लिए जानी जाती है, खासकर जब सफर 20 घंटे से ज्यादा का हो। लेकिन अब आसमान की ऊंचाइयों में थकान मिटाने और सेहत को दुरुस्त रखने का एक नया विकल्प मिलने जा रहा है।
एक ऑस्ट्रेलियाई एयरलाइन कंपनी प्रोजेक्ट सनराइज के तहत दुनिया की पहली ऐसी फ्लाइट शुरू करने जा रही है, जिसमें यात्रियों के लिए एक वेलनेस जोन बनाया गया है। यह लंबी उड़ानों के दौरान यात्रियों के लिए काफी फायदेमंद साबित होगा, क्योंकि अक्सर घंटों बैठे रहने की वजह से शरीर में अकड़न होने लगती है।
अल्ट्रा-लॉन्ग उड़ानों की चुनौती का समाधान
आमतौर पर 20 से 22 घंटे की अल्ट्रा-लॉन्ग उड़ानों में यात्रियों को लगातार एक ही सीट पर बैठे रहना पड़ता है। इससे न केवल शरीर में अकड़न आती है, बल्कि मानसिक थकान और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी बढ़ जाती हैं। इसी समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए एयरबस A350-1000 ULR विमान को खास तरह से डिजाइन किया गया है। फिलहाल इस विमान का ट्रायल शुरू हो चुका है और उम्मीद है कि 2027 तक यह कॉमर्शियल सर्विसेज के लिए तैयार हो जाएगा।

(Picture Courtesy: Freepik)
क्या है वेलनेस जोन की खासियत?
विमान के भीतर बना यह वेलनेस जोन किसी छोटे फिटनेस सेंटर जैसा अनुभव देगा। यहां यात्रियों को एक ही जगह जमे रहने के बजाय चलने-फिरने और शरीर को एक्टिव रखने की आजादी होगी। इस जोन की कुछ खासियतें भी हैं, जैसे-
खबरें और भी
- मूवमेंट और स्ट्रेचिंग- यहां यात्री हल्की एक्सरसाइज और स्ट्रेचिंग कर सकेंगे, जिससे लंबी उड़ान के दौरान ब्लड सर्कुलेशन बेहतर बना रहे।
- हाइड्रेशन स्टेशंस- शरीर में पानी की कमी न हो, इसके लिए स्पेशल हाइड्रेशन पॉइंट्स बनाए गए हैं।
- स्मार्ट लाइटिंग सिस्टम- विमान में ऐसी लाइटिंग का इस्तेमाल किया गया है जो शरीर की बायोलॉजिकल क्लॉक को बैलेंस रखेगी, जिससे जेट लैग का असर कम से कम होगा।
वैज्ञानिकों और स्लीप एक्सपर्ट्स की मेहनत
इस वेलनेस जोन को सिर्फ सुख-सुविधा के लिए नहीं, बल्कि पूरी तरह वैज्ञानिक आधार पर तैयार किया गया है। इसके डिजाइन और सुविधाओं को वैज्ञानिकों और स्लीप एक्सपर्ट्स की निगरानी में तय किया गया है। उनका मकसद यह है कि यात्री जब विमान से उतरें, तो वे थके हुए नहीं बल्कि तरोताजा महसूस करें।