यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 25, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bihar Vidhan Sabha: बिहार विधानसभा में विपक्ष ने सारी सीमाओं को किया पार, बुरी तरह भड़के अध्यक्ष नंद किशोर यादव
Bihar Politics बिहार विधानसभा में आज विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया। विपक्ष ने सदन में सारी संवैधानिक सीमाओं को पार कर दिया। इतना ही नहीं इसके बाद आरजेड ...और पढ़ें

राज्य ब्यूरो, पटना। Bihar Political News Today: विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान विपक्ष ने गुरुवार को खूब हंगामा किया। विधि-व्यवस्था के सवाल पर लाए गए कार्यस्थगन प्रस्ताव को मंजूर किए जाने को ले नारेबाजी करते रहे। इतना ही नहीं सभी विपक्षी नेता विधानसभा अध्यक्ष के आसन समीप पहुंचकर रिपोर्टर टेबल को पलटने की कोशिश करने लगे।
आसन के सामने जमीन पर बैठ देने लगे धरना
विधाननसभा अध्यक्ष ने जब सख्ती की तो टेबल से अलग हटकर अध्यक्ष के आसन के सामने जमीन पर बैठ गए और नारेबाजी शुरू कर दी। पूरे प्रश्नकाल के दौरान विपक्ष का हंगामा चलता रहा। विपक्ष की महिला विधायकों ने मुंह पर काली पट्टी बांधकर अपना विरोध प्रदर्शित किया। प्रश्नकाल समाप्त हाेने के बाद जब शून्य काल आरंभ हुआ तो विपक्ष ने सदन का वाकआउट कर दिया।
पोस्टर लेकर विपक्षी नेता करने लगे नारेबाजी
विधानसभा का प्रश्नकाल आरंभ होते ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी सदन में पहुंच गए। विपक्ष के सदस्योंं ने पोस्टर के साथ विधि-व्यवस्था पर नारेबाजी करनी शुरू कर दी। विधानसभा अध्यक्ष नंदकिशोर यादव ने उन्हे्ं समझायाा कि प्रश्नकाल समाप्त होने के बाद उन्हे बोलने् का मौका दिया जाएगा। शोर-शराबे के बीच मुख जब सदन से निकले तो हंगामा कर रहा विपक्ष अध्यक्ष के आसन के समक्ष आकर नारेबाजी करने लगा।
रिपोर्टर टेबल पलटने की करने लगे कोशिश
विपक्ष के कई सदस्यों ने सामूहिक रूप से रिपोर्टर टेबल पलटने की कोशिश की। लगभग एक दर्जन मार्शलों ने पूरी ताकत से रिपोर्टर टेबल को पकड़े रखा ताकि उसे विपक्ष के लोग पलट न दें।
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इसी बीच सख्ती दिखाते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि अगर किसी भी विधानसभा कर्मी को इस हंगामे में चोट लगती है तो वह किसी काे बख्शने वाले नहीं है। हंगामा कर रहे विपक्ष के कुछ लोग आसन की तरफ पीठ कर खड़े हो गए। इस पर अध्यक्ष ने फटकार लगाते हुए कहा कि यह उचित नहीं है। विपक्ष की अनुपस्थिति के बीच ही उनके द्वारा लाए गए ध्यानाकर्षण काे अमान्य किए जाने की सूचना पढ़ी गयी।
हंगामे के बीच ही प्रश्नतोतर काल, शून्य काल व ध्यानाकर्षण चला
विधानसभा में विपक्ष के हंगामे के बीच ही प्रश्नोत्तर काल ,शून्य काल और ध्यानाकर्षण चलता रहा। सीएजी की रिपोर्ट भी सदन के पटल पर रखी गयी। सत्ता पक्ष के सदस्यों ने अपने प्रश्न पूछे और पूरक भी पूछा। विपक्ष के लोगों के भी प्रश्न थे पर उन्होंने प्रश्न नहीं किया।
इस क्रम में अगिआंव से उप चुनाव में पहली बार जीतकर विधानसभा पहुंचे शिवप्रकाश रंजन का भी पहला प्रश्न आया। विधानसभा अध्यक्ष ने उनसे अनुरोध किया कि आपका पहला प्रश्न है। पूछ लीजुिए। पर उन्होंने प्रश्न नहीं किया।
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